भाग 1: वन-लाइनर प्रश्न-उत्तर (30 प्रश्न)
- स्वतंत्रता के समय भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति कैसी थी? उत्तर - दयनीय।
- भारत में मूल्यवृद्धि को सामान्य भाषा में क्या कहते हैं? उत्तर- महंगाई।
- सतत मूल्यवृद्धि के लिए तकनीकी शब्द क्या है? उत्तर- मुद्रास्फीति (Inflation)।
- सामान्य कीमत स्तर से क्या तात्पर्य है? उत्तर-वस्तुओं के एक निश्चित समूह की औसत कीमत।
- भारत में मुद्रास्फीति मापने हेतु किन सूचकांकों का प्रयोग होता है? उत्तर - थोक मूल्य सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक।
- मुद्रा के मूल्य और कीमत स्तर में कैसा संबंध होता है? उत्तर-विपरीत संबंध।
- निश्चित वेतन भोगी वर्ग को मुद्रास्फीति से क्या होता है? उत्तर- हानि।
- मुद्रास्फीति के दौरान किसे लाभ होता है? उत्तर- ऋणी (कर्जदार) को।
- भारत का केंद्रीय बैंक कौन सा है? उत्तर- भारतीय रिजर्व बैंक।
- मौद्रिक उपाय किसके द्वारा लागू किए जाते हैं? उत्तर- केंद्रीय बैंक (RBI) द्वारा।
- राजकोषीय उपाय कौन अपनाता है?उत्तर- सरकार।
- गरीबी मापने का प्रथम प्रयास किसने किया? उत्तर- दादा भाई नौरोजी ने (1868 ई.)।
- गरीबी रेखा क्या है? उत्तर- न्यूनतम आवश्यकताओं का एक मानक स्तर।
- तेंदुलकर समिति के अनुसार 2011-12 में भारत में कितने प्रतिशत गरीबी थी? उत्तर- 21.92%।
- सी. रंगराजन के अनुसार 2011-12 में गरीबी का प्रतिशत क्या था? उत्तर- 29.5%।
- NSSO का पूर्ण रूप क्या है? उत्तर- राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन।
- बहुआयामी निर्धनता सूचकांक किसने बनाया? उत्तर- ऑक्सफोर्ड निर्धनता एवं मानव विकास पहल और UNDP ने।
- "गरीबी ही गरीबी का कारण और परिणाम है" यह किसका विचार है? उत्तर- नर्कसे (Nurkse)।
- विकसित देशों में किस प्रकार की गरीबी का विचार उपयोगी है? उत्तर- सापेक्ष गरीबी।
- बेरोजगार किसे कहा जाता है? उत्तर- जो कार्य के योग्य और इच्छुक हो पर उसे काम न मिले।
- कार्यशक्ति क्या है? उत्तर- श्रमशक्ति का वह भाग जो वास्तव में रोजगार में है।
- मौसमी बेरोजगारी का श्रेष्ठ उदाहरण क्या है? उत्तर- कृषि कार्य।
- संरचनात्मक बेरोजगारी क्यों उत्पन्न होती है? उत्तर- अर्थव्यवस्था की संरचना में बदलाव के कारण।
- घर्षणात्मक बेरोजगारी का दूसरा नाम क्या है? उत्तर- भिन्नात्मक बेरोजगारी।
- अदृश्य या छिपी हुई बेरोजगारी कहाँ पाई जाती है? उत्तर- ग्रामीण क्षेत्रों के कृषि क्षेत्र में।
- मंदी के कारण उत्पन्न होने वाली बेरोजगारी क्या कहलाती है? उत्तर- चक्रीय बेरोजगारी।
- किस क्षेत्र की रोजगार गहनता सबसे कम होती है? उत्तर- सेवा क्षेत्र की।
- गरीबी निवारण हेतु किस नीति से रिसाव (Leakage) कम हुए हैं? उत्तर- प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT)।
- मेक इन इंडिया कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है? उत्तर- औद्योगिक वृद्धि दर और रोजगार बढ़ाना।
- अलख कमेटी ने ग्रामीण क्षेत्र हेतु कितनी कैलोरी निर्धारित की थी? उत्तर-2400 कैलोरी (पाठ में 2500 का उल्लेख है)।
भाग 2: अति लघुतात्मक प्रश्न (20 प्रश्न)
- मुद्रास्फीति किसे कहते हैं? जब वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों के औसत स्तर (सामान्य कीमत स्तर) में सतत वृद्धि होती है।
- मुद्रा की क्रय शक्ति से क्या आशय है? मुद्रा द्वारा वस्तुओं और सेवाओं को खरीदने की क्षमता।
- राजकोषीय उपायों में सरकार क्या कदम उठाती है? करारोपण, सार्वजनिक व्यय और ऋण में परिवर्तन करती है।
- निरपेक्ष गरीबी क्या है? वह स्थिति जिसमें व्यक्ति जीवन की न्यूनतम मूलभूत आवश्यकताओं को भी पूरा नहीं कर पाता।
- सापेक्ष गरीबी से क्या तात्पर्य है? समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आय या उपभोग व्यय के वितरण में असमानता का माप।
- तेंदुलकर समिति ने गरीबी का आधार क्या माना? उपभोग-व्यय।
- गरीबी के दुष्चक्र (Vicious Circle) का क्या अर्थ है? गरीबी के कारण निम्न आय होती है, जिससे निवेश कम होता है और व्यक्ति गरीब ही बना रहता है।
- छिपी हुई बेरोजगारी किसे कहते हैं? जब व्यक्ति काम पर लगा दिखे पर उसका कुल उत्पादन में योगदान शून्य हो।
- श्रम शक्ति (Labour Force) में कौन शामिल हैं? काम के इच्छुक वे लोग जो रोजगार में हैं और जो बेरोजगार हैं।
- तकनीकी बेरोजगारी का मुख्य कारण क्या है? उत्पादन की तकनीक में सुधार और नई मशीनों का उपयोग।
- भारत में गरीबी के कोई दो सामाजिक कारण लिखिए। (1) जन्म, विवाह की कुप्रथाएं, (2) जाति प्रथा।
- मौद्रिक उपायों के माध्यम से महंगाई कैसे रुकती है? मुद्रा की मात्रा या साख कम करने से समग्र मांग घटती है, जिससे महंगाई कम होती है।
- न्यूनतम कैलोरी मापदंड क्या था? ग्रामीण क्षेत्रों हेतु 2400 (पाठ में 2500) और शहरी क्षेत्रों हेतु 2100 कैलोरी प्रतिदिन।
- बेरोजगारी की दर कैसे निकाली जाती है? बेरोजगारों की संख्या का श्रम शक्ति में शामिल लोगों की संख्या से अनुपात।
- घर्षणात्मक बेरोजगारी कब होती है? दो रोजगार अवधियों के मध्य, जैसे कार्य बदलने या हड़ताल के समय।
- सरकार किन अन्य उपायों से महंगाई रोक सकती है? सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और आवश्यक वस्तुओं का आयात करके।
- आर्थिक पिछड़ापन गरीबी को कैसे बढ़ाता है? शिक्षा व स्वास्थ्य में निवेश कम होने से श्रम की गुणवत्ता गिरती है, जिससे आय कम होती है।
- औद्योगिक पिछड़ापन बेरोजगारी का कारण कैसे है? उद्योग कृषि से निकलने वाले अतिरिक्त श्रम को खपाने में असफल रहे हैं।
- शिक्षा का निम्न स्तर गरीबी के लिए कैसे उत्तरदायी है? यह कुशलता को कम करता है जिससे आय का स्तर निम्न बना रहता है।
- नियोजन के अभाव का बेरोजगारी पर क्या प्रभाव पड़ता है? योजनाओं में सामंजस्य न होने से लाभ लक्षित व्यक्तियों तक नहीं पहुँच पाते।
भाग 3: लघुत्रात्मक प्रश्न (10 प्रश्न)
- मुद्रास्फीति (Inflation) से होने वाली प्रमुख हानियाँ बताइए। मुद्रास्फीति मुद्रा के मूल्य को गिराती है, जिससे बचत हतोत्साहित होती है। यह निश्चित आय वाले वर्ग को नुकसान पहुँचाती है और आय वितरण में असमानता बढ़ाती है।
- भारत में गरीबी रेखा के निर्धारण के ऐतिहासिक प्रयासों का वर्णन करें। दादा भाई नौरोजी (1868), 1962 का अध्ययन दल, दांडेकर व रथ (1971), और अलख कमेटी (1979) ने कैलोरी के आधार पर गरीबी को परिभाषित किया।
- तेंदुलकर और रंगराजन समिति के गरीबी अनुमानों में क्या अंतर है? तेंदुलकर ने 2011-12 के लिए गरीबी 21.92% बताई, जबकि रंगराजन ने इसे 29.5% माना। दोनों ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों हेतु अलग-अलग उपभोग-व्यय सीमा तय की।
- बेरोजगारी के किन्हीं तीन प्रकारों को स्पष्ट करें। (1) मौसमी: मौसम के अनुसार काम मिलना, (2) संरचनात्मक: ढांचागत बदलाव से, (3) प्रच्छन्न: काम पर जरूरत से ज्यादा लोग होना।
- भारत में बेरोजगारी के सामाजिक-आर्थिक परिणामों की चर्चा करें। बेरोजगारी से धन और कुशलता की हानि होती है। यह व्यक्ति को अकुशल और असामाजिक बना देती है तथा राष्ट्र अपनी अधिकतम उत्पादन क्षमता खो देता है।
- महंगाई को नियंत्रित करने के राजकोषीय उपाय क्या हैं? सरकार सार्वजनिक व्यय कम कर सकती है, प्रत्यक्ष कर बढ़ाकर मांग घटा सकती है, या अप्रत्यक्ष कर कम करके पूर्ति बढ़ा सकती है।
- शिक्षा और स्वास्थ्य गरीबी निवारण में कैसे सहायक हैं? ये सामान्य श्रम को 'मानव पूंजी' में बदलते हैं, जिससे श्रम की कुशलता और उत्पादकता बढ़ती है, जैसा जापान और अमेरिका में हुआ।
- कृषि का पिछड़ापन बेरोजगारी के लिए कैसे जिम्मेदार है? भारत की विशाल जनसंख्या कृषि पर निर्भर है, लेकिन यहाँ उत्पादकता कम है और सिंचाई सुविधाओं का अभाव है, जिससे साल भर रोजगार नहीं मिल पाता।
- बहुआयामी निर्धनता सूचकांक (MPI) क्या है? यह UNDP और ऑक्सफोर्ड द्वारा बनाया गया सूचकांक है जो स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के 10 सूचकों के आधार पर गरीबी मापता है।
- जनसंख्या वृद्धि गरीबी और बेरोजगारी का मूल कारण कैसे है? बढ़ती जनसंख्या संसाधनों का तेजी से विभाजन करती है और सरकार द्वारा सृजित नए रोजगारों को पूरी तरह खपा लेती है।
भाग 4: निबंधात्मक प्रश्न (5 प्रश्न)
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मुद्रास्फीति के प्रमुख कारणों और इसे रोकने के मौद्रिक व राजकोषीय उपायों का सविस्तार वर्णन कीजिए।
- कारण: मुद्रा आपूर्ति में वृद्धि, कृषि व औद्योगिक उत्पादन की धीमी गति, सरकारी व्यय में वृद्धि और आयातित वस्तुओं की बढ़ती कीमतें।
- मौद्रिक उपाय: RBI द्वारा ब्याज दरों और साख की उपलब्धता को नियंत्रित करना।
- राजकोषीय उपाय: कराधान और सार्वजनिक व्यय के माध्यम से मांग व पूर्ति का संतुलन बनाना।
ना।
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भारत में गरीबी के कारणों का विस्तृत विश्लेषण कीजिए।
- सामाजिक: परंपराओं पर भारी व्यय, जाति प्रथा और शिक्षा का अभाव।
- आर्थिक: निम्न कृषि उत्पादकता, निवेश की कमी और आय की असमानता।
- राजनैतिक: इच्छाशक्ति की कमी और योजनाओं में 'रिसाव' (Leakage)।
- अन्य: जनसंख्या विस्फोट और मुद्रास्फीति।
फीति।
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भारत में बेरोजगारी की समस्या के समाधान हेतु सरकार को किन क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए?
- शिक्षा: इसे रोजगारपरक और कौशल आधारित बनाना।
- औद्योगीकरण: उद्योगों की वृद्धि दर बढ़ाकर कृषि के अतिरिक्त श्रम को खपाना।
- नियोजन: विभिन्न योजनाओं में सामंजस्य बिठाना और रिसाव कम करना।
- आधारभूत संरचना: स्वास्थ्य और तकनीकी सुविधाओं का विस्तार करना।
करना।
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प्रच्छन्न (छिपी हुई) बेरोजगारी और संरचनात्मक बेरोजगारी के बीच अंतर बताते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था पर इनके प्रभाव की व्याख्या करें।
- प्रच्छन्न बेरोजगारी: कृषि क्षेत्र में आवश्यकता से अधिक लोग लगे होना, जिनकी सीमांत उत्पादकता शून्य होती है।
- संरचनात्मक बेरोजगारी: तकनीक और मांग के बदलते स्वरूप के कारण उत्पन्न होना।
- प्रभाव: ये दोनों मिलकर गरीबी को बढ़ाते हैं और मानव शक्ति का अनुत्पादक उपयोग करते हैं।
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"गरीबी, बेरोजगारी और मुद्रास्फीति परस्पर अंतर्संबंधित चुनौतियां हैं।" इस कथन की पुष्टि पाठ के आधार पर कीजिए।
- बेरोजगारी के कारण आय का अभाव होता है, जो गरीबी को जन्म देता है।
- मुद्रास्फीति (महंगाई) के कारण लोगों की क्रय शक्ति घटती है, जिससे वे गरीबी रेखा के नीचे चले जाते हैं।
- गरीबी के कारण शिक्षा व स्वास्थ्य में निवेश नहीं हो पाता, जिससे व्यक्ति अकुशल रहता है और बेरोजगार बना रहता है।
- निष्कर्षतः, इन तीनों समस्याओं का सह-अस्तित्व भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में बाधक है।
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