दिए गए के आधार पर आपके द्वारा मांगे गए विभिन्न श्रेणियों के प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं:
I. 30 एक-पंक्ति (One-Liner) प्रश्न-उत्तर
- वस्तु विनिमय प्रणाली क्या है? वस्तुओं के बदले वस्तुओं का सीधा लेन-देन वस्तु विनिमय कहलाता है।
- बचत की परिभाषा क्या है? आय का वह भाग जिसे उपभोग नहीं किया गया हो, बचत कहलाता है।
- अर्थशास्त्र में 'साख' का क्या अर्थ है? ऋण तथा उधार प्रदान करने को साख कहते हैं।
- संस्थागत वित्तीय स्रोत किसके पास पंजीकृत होते हैं? ये सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के पास पंजीकृत होते हैं।
- गैर-संस्थागत वित्तीय स्रोत के दो उदाहरण दीजिए। साहूकार और देशी बैंकर।
- वाणिज्यिक बैंक का मुख्य कार्य क्या है? जमाएँ स्वीकार करना और ऋण प्रदान करना।
- देशी बैंकर कौन होते हैं? ये निजी फर्म या व्यक्ति होते हैं जो बैंक की तरह कार्य करते हैं।
- साहूकार को शोषक क्यों माना जाता है? ऊँची ब्याज दर वसूलने के कारण उन्हें शोषक माना जाता है।
- स्वयं सहायता समूह (SHG) में कितने सदस्य होते हैं? सामान्यतः 15-20 सदस्य।
- चिट फंड कंपनी का क्या कार्य है? जो चिट योजना का प्रबंध, संचालन तथा निर्देशन करती है।
- निजी कंपनी में सदस्यों की अधिकतम संख्या कितनी हो सकती है? अधिकतम 200 सदस्य।
- कंपनी के स्वामी कौन कहलाते हैं? अंशधारी (Shareholders) कंपनी के स्वामी होते हैं।
- ऋण पत्र (Debenture) धारक कंपनी के क्या होते हैं? वे कंपनी के लेनदार होते हैं।
- मौद्रिक अवमूल्यन क्या है? एक देश की मुद्रा का दूसरे देश की मुद्रा के मुकाबले मूल्य घटाना।
- भारत में विमुद्रीकरण कब किया गया? 8 नवंबर 2016 को। (नोट: पाठ में 9 नवंबर भी उल्लेखित है)।
- विमुद्रीकरण में किन नोटों को बंद किया गया था? 500 और 1000 के नोटों को।
- ATM का पूर्ण रूप क्या है? ऑटोमेटेड टेलर मशीन (Automated Teller Machine)।
- भीम (BHIM) एप का पूरा नाम क्या है? भारत इंटरफेस फॉर मनी (Bharat Interface for Money)।
- नकद विहीन लेन-देन का एक लाभ बताइए। समय और धन की बचत।
- भारतीय रुपए (₹) का प्रतीक चिह्न किसने डिजाइन किया? डी. उदयकुमार ने।
- रुपए का नया प्रतीक कब अपनाया गया? 15 जुलाई 2010 को।
- मुद्रा का सबसे प्रमुख कार्य क्या है? विनिमय का माध्यम।
- संस्थागत ऋण पर ब्याज दर कैसी होती है? उचित और निश्चित ब्याज दर।
- अंशों पर क्या मिलता है? अंशों पर लाभांश या लाभ का हिस्सा मिलता है।
- ऋण पत्रों पर क्या प्राप्त होता है? ऋण पत्रों पर निश्चित दर से ब्याज प्राप्त होता है।
- नकद विहीन भुगतान के लिए इंटरनेट की आवश्यकता किसमें नहीं होती? चेक या ड्राफ्ट द्वारा भुगतान में।
- IFSC का पूर्ण रूप क्या है? इंडियन फाइनेंशियल सिस्टम कोड (Indian Financial System Code)।
- किसे कागजी मुद्रा के साथ अपनाया गया है? वर्तमान में अधिकांश देश पत्र मुद्रा व सिक्कों को अपनाए हुए हैं।
- मुद्रा की उत्पत्ति किन देशों से मानी जाती है? भारत और चीन विश्व के प्रथम सिक्के जारी करने वाले देशों में हैं।
- स्वयं सहायता समूह से महिलाओं को क्या लाभ होता है? महिलाएँ आर्थिक रूप से स्वावलम्बी हो जाती हैं।
II. 20 अति-लघुत्रात्मक प्रश्न-उत्तर
- मुद्रा को विनिमय का माध्यम क्यों कहा जाता है? क्योंकि इसके माध्यम से भुगतान के एक साधन के रूप में वस्तुओं और सेवाओं का आसानी से लेन-देन किया जा सकता है।
- वस्तु विनिमय प्रणाली की दो कठिनाइयाँ लिखिए। मूल्य के मानक मापक का अभाव और अविभाज्य वस्तुओं के लेन-देन में समस्या।
- संस्थागत और गैर-संस्थागत स्रोतों में मुख्य अंतर क्या है? संस्थागत स्रोत RBI/सरकार के पास पंजीकृत होते हैं और नियमों से चलते हैं, जबकि गैर-संस्थागत स्रोत पंजीकृत नहीं होते।
- वाणिज्यिक बैंक अर्थव्यवस्था के विकास में कैसे सहायक हैं? ये जनता की बचतों को उत्पादकों और निवेशकों तक पहुँचाकर संसाधन आवंटित करते हैं।
- साहूकार और देशी बैंकर में क्या अंतर है? देशी बैंकर जमाएँ स्वीकार करते हैं और बैंकिंग कार्य करते हैं, जबकि साहूकार आमतौर पर केवल अपनी पूँजी उधार देते हैं और जमाएँ स्वीकार नहीं करते।
- स्वाइप मशीन से भुगतान कैसे होता है? ग्राहक अपने एटीएम/क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर विक्रेता के खाते में राशि हस्तांतरित करता है।
- मुद्रा के किन्हीं दो कार्यों का उल्लेख करें। 1. मूल्य का मापक 2. मूल्य का संचय।
- निजी कंपनी की दो विशेषताएँ बताइए। 1. कम से कम दो सदस्य 2. अंशों के हस्तांतरण पर प्रतिबंध。
- अंश और ऋण पत्र में एक बुनियादी अंतर क्या है? अंश स्वामित्व कोष का हिस्सा है (स्वामी), जबकि ऋण पत्र उधार कोष का हिस्सा है (लेनदार)。
- डिजिटल लेन-देन में क्या सावधानी बरतनी चाहिए? संदिग्ध पूछताछ पर बैंक से संपर्क करना और समय-समय पर पासवर्ड बदलना。
- स्वयं सहायता समूह गरीबों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? यह ऋणाधार (collateral) की कमी होने पर भी छोटे ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें साहूकारों के जाल से बचाता है。
- विमुद्रीकरण के दो मुख्य उद्देश्य क्या थे? काले धन पर रोक लगाना और नकद विहीन (कैशलेस) लेन-देन को बढ़ावा देना。
- मुद्रा को 'मूल्य का भण्डार' क्यों माना जाता है? क्योंकि यह एक सर्वाधिक तरल परिसम्पत्ति है जिसे भविष्य के लिए संचित किया जा सकता है।
- चिट फंड में विजेता का चुनाव कैसे होता है? निविदा निकालकर या नीलामी द्वारा, या न्यूनतम बट्टा काटकर विजेता तय किया जाता है。
- भू-स्वामी साख के स्रोत के रूप में कैसे कार्य करते हैं? अपनी अधिक आय और भूमि के कारण वे ग्रामीणों को ऋण प्रदान करते हैं, हालाँकि अब इनकी भूमिका कम हुई है。
- नकद विहीन लेन-देन के किन्हीं चार माध्यमों के नाम लिखें। चेक, इंटरनेट बैंकिंग, स्वाइप मशीन, मोबाइल एप。
- वाणिज्यिक बैंकों में जमाएँ कितने प्रकार की होती हैं? मुख्य रूप से तीन: बचत खाता, चालू खाता और सावधि जमा。
- निजी वित्तीय कंपनियों से ऋण लेना जोखिम भरा क्यों है? यहाँ ऊँची ब्याज दर होती है और ऋण के जाल में फँसने का डर रहता है。
- साख (Credit) व्यक्ति की किस स्थिति को दर्शाता है? यह व्यक्ति की ईमानदारी और आर्थिक सुदृढ़ता की प्रतिष्ठा को दर्शाता है。
- USSD तकनीक का डिजिटल लेन-देन में क्या महत्व है? यह बिना इंटरनेट के साधारण मोबाइल फोन से बैंकिंग लेन-देन की सुविधा प्रदान करती है।
III. 10 लघुत्रात्मक प्रश्न-उत्तर
-
संस्थागत वित्तीय स्रोतों की चार विशेषताएँ बताइए।
- ये भारतीय रिजर्व बैंक के पास पंजीकृत होते हैं।
- ये लाभ के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हैं।
- इनके लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है।
- यहाँ निश्चित नियम, कानून और उचित ब्याज दर होती है।
-
देशी बैंकरों द्वारा किए जाने वाले प्रमुख कार्यों का वर्णन करें।
- जनता से जमाएँ स्वीकार करना।
- एक स्थान से दूसरे स्थान पर कोषों का हस्तांतरण करना।
- बैंकिंग के साथ-साथ अपना स्वयं का व्यवसाय चलाना।
- ग्राहकों के लिए मित्र और सलाहकार की भूमिका निभाना।
भाना।
-
स्वयं सहायता समूह (SHG) की कार्यप्रणाली समझाइए।
- 15-20 सदस्य मिलकर नियमित बचत करते हैं।
- सदस्य अपनी जरूरतों के लिए समूह से छोटा कर्ज ले सकते हैं।
- समूह बिना किसी कठिन ऋणाधार के घर बनाने, पशु खरीदने आदि के लिए ऋण उपलब्ध कराता है।
है।
- निजी कंपनी और सार्वजनिक कंपनी (अंशों के संदर्भ में) में अंतर स्पष्ट करें। पाठ के अनुसार, निजी कंपनी अपने अंशों के हस्तांतरण पर प्रतिबंध लगाती है। यह अपनी पूँजी के लिए आम जनता को आमंत्रित नहीं कर सकती, केवल सदस्यों द्वारा ही पूँजी एकत्र की जाती है। इसके विपरीत सार्वजनिक कंपनी जनता को अंश खरीदने हेतु आमंत्रित कर सकती है।
-
नकद विहीन लेन-देन (Cashless Transaction) के क्या लाभ हैं?
- समय और धन की बचत होती है।
- बड़ी मात्रा में नकद रखने के जोखिम से छुटकारा मिलता है।
- कालाबाजारी में कमी आती है और सरकारी राजस्व में वृद्धि होती है।
- अवैध कार्यों पर लगाम लगती है।
ी है।
- चिट फंड योजना क्या है और यह कैसे काम करती है? चिट फंड एक विशेष बचत एवं ऋण योजना है। इसमें सदस्य एक निश्चित राशि जमा करते हैं। जमा राशि की नीलामी की जाती है और जो सदस्य सबसे अधिक बट्टा (छूट) स्वीकार करता है, उसे विजेता के रूप में पुरस्कार राशि दी जाती है। यह अक्सर मित्रों और रिश्तेदारों द्वारा भी चलाई जाती है।
-
वाणिज्यिक बैंकों के 'अन्य कार्यों' पर प्रकाश डालिए।
जमा और ऋण के अलावा बैंक कई सेवाएँ देते हैं जैसे:
- बिलों और चेकों का संग्रहण करना।
- लॉकर सुविधा प्रदान करना।
- ग्राहकों की ओर से भुगतान करना और वित्तीय परामर्श देना।
।
-
रुपए के प्रतीक चिह्न (₹) की विशेषताएँ बताइए।
- इसे डी. उदयकुमार द्वारा डिजाइन किया गया।
- इसमें देवनागरी 'र' और रोमन 'R' का मिश्रण है।
- इसमें ऊपर दो रेखाएँ हैं जो तिरंगे और समानता (Equal to) के प्रतीक को दर्शाती हैं।
- विमुद्रीकरण के प्रभाव को संक्षेप में समझाइए। विमुद्रीकरण से पुरानी मुद्रा (500/1000) अवैध हो गई। इससे लोगों को अपनी अघोषित आय जमा करने पर मजबूर होना पड़ा, डिजिटल भुगतान के माध्यमों (जैसे भीम एप, पेटीएम) को लोकप्रियता मिली और अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी।
- मुद्रा के 'स्थगित भुगतानों के मान' कार्य का क्या अर्थ है? मुद्रा वह इकाई है जिसके द्वारा भविष्य में किए जाने वाले भुगतान (जैसे ऋण की किस्तें) सरलता से तय और निपटाए जा सकते हैं। यह उधार लेने और देने की प्रक्रिया को सरल बनाती है।
IV. 05 निबन्धात्मक प्रश्न-उत्तर
-
मुद्रा के विकास की यात्रा का सविस्तार वर्णन कीजिए।
मुद्रा का विकास तीन प्रमुख चरणों में हुआ है:
- वस्तु विनिमय चरण: प्रारंभ में वस्तुओं का वस्तुओं से लेन-देन होता था (जैसे अनाज के बदले गाय)। इसकी सीमाएँ (दोहरे संयोग की कमी, मापन की समस्या) थीं।
- धात्विक मुद्रा: विनिमय को सरल बनाने के लिए कीमती धातुओं (सोना, चाँदी, ताँबा) के सिक्के आए। भारत प्राचीनतम सिक्के जारी करने वाले देशों में से एक है।
- पत्र मुद्रा एवं आधुनिक रूप: धातुओं की कमी और ले जाने में असुविधा के कारण कागज के नोट आए। वर्तमान में हम नकद विहीन लेन-देन और डिजिटल मुद्रा की ओर बढ़ चुके हैं।
हैं।
-
संस्थागत एवं गैर-संस्थागत वित्तीय स्रोतों के बीच तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करें।
इन दोनों स्रोतों में मुख्य अंतर निम्न बिंदुओं पर आधारित है:
- पंजीकरण: संस्थागत स्रोत (जैसे बैंक) RBI के पास पंजीकृत होते हैं, जबकि गैर-संस्थागत (जैसे साहूकार) नहीं होते।
- उद्देश्य: संस्थागत लाभ के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हैं; गैर-संस्थागत केवल निजी लाभ के लिए कार्य करते हैं।
- ब्याज दर: संस्थागत स्रोतों में ब्याज दर उचित और नियमबद्ध होती है, जबकि गैर-संस्थागत स्रोतों में यह बहुत ऊँची और शोषणकारी हो सकती है।
- प्रक्रिया: संस्थागत में कागजी कार्यवाही अधिक और जटिल होती है, जबकि गैर-संस्थागत में कम कागजी कार्यवाही के कारण ऋण शीघ्र मिल जाता है।
।
-
वाणिज्यिक बैंकों के महत्व एवं कार्यों की विस्तृत विवेचना कीजिए।
वाणिज्यिक बैंक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
- बचत जुटाना: ये जनता की छोटी-छोटी बचतों को स्वीकार कर उन्हें सुरक्षित रखते हैं और ब्याज देते हैं।
- पूँजी निर्माण: जमा की गई राशि को निवेशकों और उत्पादकों को ऋण के रूप में देकर देश के विकास में मदद करते हैं।
- ऋण के प्रकार: ये व्यापार, कृषि और उद्योगों को नकद साख, ओवरड्राफ्ट और बिलों की कटौती के माध्यम से ऋण देते हैं।
- सामाजिक कल्याण: बैंक उन क्षेत्रों को भी संसाधन आवंटित करते हैं जो समाज कल्याण के लिए आवश्यक हैं।
यक हैं।
-
अंश (Shares) और ऋण पत्र (Debentures) में विस्तार से अंतर स्पष्ट करें।
कंपनी द्वारा पूँजी जुटाने के ये दो मुख्य साधन हैं:
- स्वामित्व: अंशधारक कंपनी के स्वामी माने जाते हैं, जबकि ऋण पत्र धारक केवल लेनदार होते हैं।
- प्रतिफल: अंशों पर लाभांश मिलता है (लाभ होने पर), जबकि ऋण पत्रों पर निश्चित दर से ब्याज मिलता है, चाहे लाभ हो या न हो।
- नियंत्रण: अंशधारकों को मताधिकार प्राप्त होता है और वे कंपनी के प्रबंधन को नियंत्रित कर सकते हैं; ऋण पत्र धारकों को कोई मताधिकार नहीं होता।
- जोखिम: अंशधारकों का जोखिम सबसे अधिक होता है (प्राथमिक सहनकर्ता), जबकि ऋण पत्र धारकों का जोखिम न्यूनतम होता है।
ोता है।
-
नकद विहीन लेन-देन के विभिन्न माध्यमों और डिजिटल सुरक्षा के उपायों पर एक लेख लिखिए।
आधुनिक युग में नकद विहीन लेन-देन एक अनिवार्य आवश्यकता बन गया है।
- प्रमुख माध्यम: चेक/ड्राफ्ट, इंटरनेट बैंकिंग (घर बैठे शॉपिंग), स्वाइप मशीन (कार्ड द्वारा भुगतान), एटीएम और भीम जैसे मोबाइल एप।
-
सुरक्षा उपाय: डिजिटल लेन-देन करते समय अत्यधिक सावधानी आवश्यक है:
- अपना पासवर्ड और पिन (PIN) कभी किसी से साझा न करें。
- खाते के स्टेटमेंट पर नियमित नज़र रखें。
- संदिग्ध कॉल या मैसेज आने पर बैंक को तुरंत सूचित करें。
- पंजीकृत मोबाइल नंबर को अपडेट रखें ताकि हर लेन-देन की सूचना मिल सके。
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