कक्षा दसवीं सामाजिक अध्याय-23: भारत में कृषि, पाठ के प्रश्न और उत्तर

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​1. वन लाइन के 30 प्रश्न उत्तर (One-Line Answer Questions)

  1. कृषि को भारतीय अर्थव्यवस्था का मूल आधार क्यों कहा गया है?
    • ​यह सर्वाधिक लोगों को रोजगार प्रदान करती है।
  2. भारत में कितने प्रतिशत कार्यबल कृषि में संलग्न है?
    • ​52 प्रतिशत।
  3. भारत में अन्न उत्पादन में अत्यधिक वृद्धि किस क्रांति के प्रभाव से हुई?
    • ​हरित क्रांति।
  4. दूध उत्पादन में विश्व में भारत का कौन सा स्थान है?
    • ​प्रथम स्थान।
  5. वर्ष 2013-14 में \text{GDP} में कृषि का योगदान लगभग कितना प्रतिशत था?
    • ​14 प्रतिशत।
  6. भारत में कुल कृषि योग्य भूमि (मिलियन हेक्टेयर) कितनी है?
    • ​159.7 मिलियन हेक्टेयर।
  7. भारत का कुल निर्यात में कृषि उत्पादन से कितना प्रतिशत प्राप्त होता है?
    • ​9.1 प्रतिशत।
  8. भारतीय कृषि आज भी किस कारक पर निर्भर करती है?
    • ​मानसून पर।
  9. भारत किस खाद्य तेल का आयात 67 प्रतिशत से अधिक कर रहा है?
    • ​पाम आयल।
  10. उत्तरी-पूर्वी भारत में स्थानान्तरित कृषि को किस नाम से जाना जाता है?
    • ​झूमिंग।
  11. मध्य प्रदेश में स्थानान्तरित कृषि को किस नाम से जाना जाता है?
    • ​बेबर (या बेकर)।
  12. चावल प्रधान गहन निर्वहन कृषि किन क्षेत्रों में प्रचलित है?
    • ​विशाल मैदान एवं तटीय मैदानों में।
  13. व्यापारिक कृषि में किस प्रकार के कृषि इनपुट का प्रयोग किया जाता है?
    • ​उन्नत किस्म के बीज, खाद आदि का।
  14. शुष्क कृषि भारत के कितने सेमी से कम वर्षा वाले भागों में होती है?
    • ​50 सेमी से कम वर्षा वाले भागों में।
  15. भारत की सबसे प्रमुख खाद्यान्न फसल कौन सी है?
    • ​चावल।
  16. भारत विश्व का कितना प्रतिशत गेहूँ उत्पादन करता है?
    • ​11.7 प्रतिशत।
  17. गेहूँ की बुवाई का समय कब प्रारम्भ होता है?
    • ​नवम्बर से प्रारम्भ।
  18. भारत में बाजरे का सर्वाधिक उत्पादन कौन सा राज्य करता है?
    • ​राजस्थान।
  19. मक्का की फसल के लिए आदर्श तापमान कितना माना जाता है?
    • ​25 से 30 डिग्री सेन्टीग्रेड।
  20. चाय के बागानों में किस प्रकार के श्रमिक बहुत चाहिए?
    • ​सस्ते श्रमिक।
  21. असम राज्य देश की सर्वाधिक चाय का कितना प्रतिशत प्राप्त करता है?
    • ​लगभग 52 प्रतिशत।
  22. भारत में गन्ना उत्पादन में प्रथम स्थान पर कौन सा देश है?
    • ​भारत स्वयं (ब्राजील एवं क्यूबा के समान)।
  23. गन्ना उत्पादन में भारत का सर्वाधिक योगदान किस राज्य का है?
    • ​उत्तर प्रदेश (38.5 प्रतिशत)।
  24. कपास की खेती के लिए कैसी मिट्टी अच्छी होती है?
    • ​काली एवं चिकनी मिट्टी।
  25. भारत में कपास का सर्वाधिक उत्पादन करने वाला राज्य कौन सा है?
    • ​गुजरात (31 प्रतिशत)।
  26. भारत में जूट का सर्वाधिक उत्पादन कौन सा राज्य करता है?
    • ​पश्चिमी बंगाल।
  27. केला उत्पादन में विश्व में भारत का कितना प्रतिशत योगदान है?
    • ​23 प्रतिशत।
  28. डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन के नेतृत्व में कौन सा कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया था?
    • ​गहन कृषि विकास कार्यक्रम।
  29. मत्स्य उत्पादन को बढ़ाने हेतु किये गये प्रयास को किस क्रांति के नाम से जानते हैं?
    • ​नीली क्रांति।
  30. भारत में जैविक कृषि को विशेष प्रोत्साहन देने पर किस राज्य को पूर्णतः जैविक घोषित किया गया है?
    • ​सिक्किम।

​2. अति लघुतात्मक के 20 प्रश्न उत्तर (Very Short Answer Questions)

  1. भारत की कृषि के महत्वपूर्ण पहलू क्या हैं?
    • ​यह अर्थव्यवस्था का मूल आधार है, 52\% कार्यबल संलग्न है, खाद्यान्न में आत्मनिर्भर है, और 159.7 मिलियन हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है।
  2. भारत किन दो मुख्य खाद्यान्न फसलों का विश्व का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है?
    • ​गेहूँ एवं चावल।
  3. भारत में कृषि के साथ पशुधन का \text{GDP} में कितना सहयोग है?
    • ​4.1 प्रतिशत।
  4. स्थानान्तरित कृषि को राजस्थान में किस नाम से जाना जाता है?
    • ​वालरा।
  5. स्थाई परिवर्तित कृषि किसे कहते हैं?
    • ​पानी की पर्याप्त सुविधाएँ मिलने पर स्थानान्तरित कृषि क्षेत्रों में स्थाई कृषि होने लगती है और पशुपालन भी होने लगता है।
  6. गहन निर्वहन कृषि के दो भाग कौन से हैं?
    • ​चावल प्रधान गहन निर्वहन कृषि और चावल विहीन निर्वहन कृषि।
  7. चावल की खेती के लिए वर्षा की कितनी मात्रा आवश्यक है?
    • ​100 सेमी से अधिक, तथा पौधों की जड़ों में 25 दिन तक पानी भरा होना चाहिए।
  8. चावल श्रम प्रधान कृषि क्यों है?
    • ​क्योंकि चावल को क्यारियों से निकालकर पौधरोपण द्वारा एक-एक अलग-अलग कर बोना पड़ता है, जिसमें श्रम की प्रधानता रहती है।
  9. गेहूँ उत्पादन में कौन से दो राज्य देश के उत्पादन का सर्वाधिक प्रतिशत (लगभग 46\%) पैदा करते हैं?
    • ​उत्तर प्रदेश (28.4\%) और पंजाब (17.7\%)।
  10. बाजरा की फसल के लिए कैसी मिट्टी उपयुक्त होती है?
    • ​रेतीली मिट्टी में भी उत्पादन हो जाता है।
  11. मक्का की फसल किस ऋतु में मुख्य रूप से उत्पादन होती है?
    • ​वर्षाकाल (खरीफ की फसल)।
  12. चाय के बागान सामान्यतः ढालू भूमि पर क्यों लगाए जाते हैं?
    • ​ताकि अतिरिक्त वर्षा का पानी बहकर निकल जाए और बागानों में पानी न भरे।
  13. भारत में चाय उत्पादन के दो मुख्य क्षेत्रों के नाम बताइए।
    • ​उत्तरी एवं उत्तरी पूर्वी भारत (असम, प. बंगाल) और पूर्वी एवं दक्षिणी राज्य (तमिलनाडु, केरल)।
  14. भारत में गन्ना उत्पादन में उत्तर प्रदेश के बाद दूसरा प्रमुख उत्पादक राज्य कौन सा है?
    • ​महाराष्ट्र (22.8 प्रतिशत)।
  15. कपास चुनने हेतु किस प्रकार के श्रम की आवश्यकता होती है?
    • ​श्रम प्रधानता वाली कृषि है (सस्ते श्रमिक)।
  16. बी.टी. कॉटन का प्रयोग किस फसल के उत्पादन में बढ़ा है?
    • ​कपास उत्पादन में।
  17. भारत जूट का निर्यात किन क्षेत्रों में करता है?
    • ​यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका देशों में।
  18. केला उत्पादन में सर्वाधिक योगदान वर्तमान में कौन सा राज्य कर रहा है?
    • ​कर्नाटक।
  19. श्वेत क्रांति किस बोर्ड के गठन के बाद तेज हुई?
    • ​1970 में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (\text{NDDB}) के गठन के बाद।
  20. तिलहन उत्पादन तथा खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता हेतु किये गये प्रयासों को किस क्रांति के नाम से जानते हैं?
    • ​पीली क्रांति।

​3. लघुत्रात्मक के 10 प्रश्न उत्तर (Short Answer Questions)

  1. भारतीय कृषि के महत्व के किन्हीं चार महत्वपूर्ण पहलुओं का उल्लेख कीजिए।
      • ​यह भारत की अर्थव्यवस्था का मूल आधार है। 2. यह सर्वाधिक (52 प्रतिशत) लोगों को रोजगार प्रदान करती है। 3. यह देश की खाद्यान्न आवश्यकता का शत-प्रतिशत पूरा करती है। 4. यह देश के कुल निर्यात का 9.1 प्रतिशत योगदान देती है।
  2. भारत में स्थानान्तरित कृषि की प्रक्रिया क्या है? यह किस प्रकार की कृषि का उदाहरण है?
    • ​किसान जंगल के एक भाग को साफ करके उस जगह पर दो या तीन वर्ष कृषि करते हैं। फिर उस भूमि को परती छोड़ देते हैं और अन्यत्र यही प्रक्रिया अपनाई जाती है। यह परित कृषि का उदाहरण है, और परिवार के निर्वहन के लिए की जाती है।
  3. चावल विहीन गहन निर्वहन कृषि किन क्षेत्रों में प्रचलित है? यहाँ कौन सी प्रमुख फसलें उगाई जाती हैं?
    • ​यह उत्तरी पश्चिमी भारत में (पंजाब, हरियाणा, पं. उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पं. मध्य प्रदेश) तथा पठारी भागों में प्रचलित है।
    • ​प्रमुख फसलें हैं: गेहूँ, कपास, बाजरा, दालें, गन्ना
  4. भारत में गेहूँ उत्पादन के लिए आवश्यक भौगोलिक दशाओं का वर्णन करते हुए प्रमुख उत्पादक क्षेत्र बताइए।
    • भौगोलिक दशाएँ: तापमान 10^\circ से 20^\circ \text{C} आवश्यक, वर्षा 50 से 100 सेमी, हल्की दोमट तथा काली मिट्टी उपयुक्त।
    • उत्पादन क्षेत्र: उत्तरी मैदानी प्रदेश में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश (सर्वाधिक), मध्य भारत, गुजरात।
  5. चाय एक प्रमुख मुद्रादायनी फसल क्यों है? इसके उत्पादन के लिए आवश्यक किन्हीं तीन महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को बताइए।
    • मुद्रादायनी फसल: भारत चाय का निर्यात विश्व के 80 से अधिक देशों को करता है (जैसे ब्रिटेन, जर्मनी, रूस), जिससे देश को विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है।
    • आवश्यकताएँ: 1. 150 सेमी से अधिक वर्षा और 22^\circ से 34^\circ \text{C} तापमान। 2. ढालू भूमि ताकि पानी न भरे। 3. सस्ते और प्रचुर मात्रा में श्रमिक।
  6. गन्ना उत्पादन में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के योगदान और प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों का उल्लेख कीजिए।
    • उत्तर प्रदेश: देश का 38.5\% गन्ना पैदा करता है। प्रमुख क्षेत्र: रामपुरा से बरेली, लखीमपुर, गोरखपुर, तथा गंगा एवं यमुना का दोआब क्षेत्र।
    • महाराष्ट्र: देश का 22.8\% उत्पादन करता है। प्रमुख क्षेत्र: काली मिट्टी क्षेत्र में सांगली, सतारा, पुणे, शोलापुर जिले।
  7. कपास की खेती के लिए आवश्यक भौगोलिक दशाएँ क्या हैं? भारत में कपास के दो प्रमुख उत्पादक राज्य कौन से हैं?
    • भौगोलिक दशाएँ: तापमान 20^\circ से 30^\circ \text{C}, वर्षा 50 से 100 सेमी (सिंचाई द्वारा भी), काली एवं चिकनी मिट्टी।
    • प्रमुख राज्य: 1. गुजरात (31\% उत्पादन), 2. महाराष्ट्र (19.8\% उत्पादन)।
  8. स्थानान्तरित कृषि और गहन निर्वहन कृषि में क्या मूलभूत अंतर है?
    • स्थानान्तरित कृषि: यह एक अस्थाई पद्धति है, जंगल साफ करके की जाती है, भूमि को परती छोड़ दिया जाता है, और यह मुख्यतः निर्वहन के लिए होती है।
    • गहन निर्वहन कृषि: यह स्थाई कृषि है, विशाल मैदानों में प्रचलित है, इसमें उत्पादन अधिकतम लेने का प्रयास होता है, और यह चावल प्रधान या चावल विहीन हो सकती है।
  9. हरित क्रांति और श्वेत क्रांति के भारतीय कृषि पर पड़े प्रभावों का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए।
    • हरित क्रांति: 1964-65 में शुरू हुई, मुख्य रूप से खाद्यान्न (गेहूँ, मक्का) उत्पादन में वृद्धि हुई। इसका फोकस उन्नत बीज, खाद और सिंचाई पर था।
    • श्वेत क्रांति: 1964-65 (IDDP) और 1970 (NDDB) में शुरू हुई, मुख्य रूप से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हुई। इसका फोकस पशुधन विकास पर था, जिससे भारत दूध उत्पादन में विश्व में प्रथम बना।
  10. जैविक कृषि क्या है? भारत सरकार इसे क्यों प्रोत्साहित कर रही है और वर्तमान में इसका क्या महत्व है?
    • जैविक कृषि: यह बिना रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के प्राकृतिक तरीके से खेती करने की पद्धति है।
    • प्रोत्साहन: सरकार इसे इसलिए प्रोत्साहित कर रही है ताकि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर रसायनों के हानिकारक प्रभाव को कम किया जा सके और टिकाऊ खाद्य उत्पादन सुनिश्चित हो सके।
    • महत्व: सिक्किम राज्य को पूर्णतः जैविक घोषित किया जा चुका है, तथा तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी इस पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

​4. निबंधात्मक के 5 प्रश्न उत्तर (Essay Type Questions)

1.भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि के महत्व और बदलते स्वरूप पर एक निबंध लिखिए।

  • महत्व (मूल आधार): कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यह देश की सर्वाधिक जनसंख्या (52 प्रतिशत) को रोजगार देती है और खाद्यान्न की आवश्यकता का शत-प्रतिशत पूरा करती है। इसके अलावा, यह देश के कुल निर्यात का 9.1\% प्रदान करके विदेशी मुद्रा अर्जित करने में सहायता करती है।
  • बदलते स्वरूप:
    • GDP में परिवर्तन: 2013-14 में \text{GDP} में इसका योगदान लगभग 14\% तक सीमित हो गया है, जो अर्थव्यवस्था के औद्योगिकीकरण और सेवा क्षेत्र के विस्तार को दर्शाता है।
    • क्रांतियाँ और आत्मनिर्भरता: हरित क्रांति के प्रभाव से भारत खाद्यान्न में आत्मनिर्भर हुआ। श्वेत क्रांति ने भारत को दूध उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान दिलाया।
    • विविधीकरण: गन्ना, जूट, आम, केला, और दूध उत्पादन में विश्व की अग्रणी स्थिति दर्शाती है कि कृषि अब केवल खाद्यान्न तक सीमित न होकर नकदी फसलों और बागवानी की ओर भी बढ़ रही है।
    • नवीन प्रवृत्तियाँ: जैविक कृषि (सिक्किम), नीली और पीली क्रांति जैसे प्रयासों से अब कृषि का स्वरूप पारंपरिक से वाणिज्यिक और पर्यावरण-अनुकूल होता जा रहा है।

*2.*भारत में मुख्य खाद्यान्न फसलों (चावल और गेहूँ) के उत्पादन के लिए आवश्यक भौगोलिक और श्रम संबंधी आवश्यकताओं का तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत कीजिए। **

  • चावल (उष्णकटिबन्धीय):
    • भौगोलिक आवश्यकताएँ: उच्च तापमान (20^\circ-27^\circ \text{C}), उच्च वर्षा (>100 सेमी), चिकनी, कछारी मिट्टी।
    • श्रम आवश्यकताएँ: यह एक श्रम प्रधान कृषि है, क्योंकि पौधरोपण हाथ से किया जाता है।
    • उत्पादन क्षेत्र: पूर्वी और तटीय क्षेत्र (प. बंगाल, ओडिशा, असम) और सिंचाई से पंजाब, हरियाणा।
  • गेहूँ (शीतोष्ण):
    • भौगोलिक आवश्यकताएँ: मध्यम तापमान (10^\circ-20^\circ \text{C}), मध्यम वर्षा (50-100 सेमी, सिंचाई आवश्यक), हल्की दोमट और काली मिट्टी।
    • श्रम आवश्यकताएँ: कटाई के कार्यों में अब यंत्रों का उपयोग होने लगा है, जिससे श्रम की आवश्यकता चावल से कम है।
    • उत्पादन क्षेत्र: उत्तरी मैदानी प्रदेश (उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा)।
  • निष्कर्ष: चावल वर्षा पर अधिक निर्भर है और श्रम-गहन है, जबकि गेहूँ सिंचाई पर अधिक निर्भर है और अब यंत्रीकृत होता जा रहा है।

3.भारत में कृषि के प्रकारों (स्थानान्तरित कृषि, गहन निर्वहन कृषि, व्यापारिक कृषि) का उनके मुख्य लक्षणों और भौगोलिक क्षेत्रों के आधार पर विस्तृत वर्णन कीजिए।

  • 1. स्थानान्तरित कृषि (झूमिंग/परित कृषि):
    • लक्षण: जंगल साफ करके 2-3 वर्ष खेती करना, भूमि को परती छोड़ना।
    • क्षेत्र: उत्तरी-पूर्वी भारत, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान।
    • सीमा: अस्थाई और कम उत्पादक।
  • 2. गहन निर्वहन कृषि (Intensive Subsistence):
    • लक्षण: परिवार के लिए उत्पादन, विशाल मैदानों में प्रचलित।
    • प्रकार: चावल प्रधान (पूर्वी \text{UP}, बिहार, प. बंगाल) और चावल विहीन (पंजाब, हरियाणा, गेहूँ, गन्ना, कपास)।
  • 3. व्यापारिक कृषि (Commercial Farming):
    • लक्षण: अधिक उत्पादन के लिए उन्नत बीज, खाद का प्रयोग, बाजार में बिक्री मुख्य उद्देश्य।
    • क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश।
  • 4. शुष्क कृषि: 50 सेमी से कम वर्षा वाले भागों में बाजरा, ज्वार जैसी फसलें उगाना (प. राजस्थान, गुजरात)।

4.भारत में कृषि को आधुनिक बनाने के लिए नवीनतम प्रवृत्तियाँ (Latest Trends) क्या हैं? हरित क्रांति और श्वेत क्रांति के भारतीय कृषि और पशुधन पर पड़े प्रभावों का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए।

  • नवीन प्रवृत्तियाँ:
    • जैविक कृषि: सिक्किम, तमिलनाडु, केरल आदि में जैविक आधार पर खाद्य उत्पादन पर विशेष जोर।
    • बागवानी कृषि: फल, फूल और सब्जियों के उत्पादन पर ध्यान देना।
    • नीली क्रांति: मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देना (विश्व में द्वितीय स्थान)।
    • पीली क्रांति: तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता के प्रयास।
  • हरित क्रांति (खाद्यान्न पर प्रभाव): 1964-65 में शुरू हुई। \text{HYV} बीजों के प्रयोग से गेहूँ, मक्का, बाजरा के उत्पादन में 3 से 5.5 गुना तक वृद्धि हुई, जिससे देश खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बना।
  • श्वेत क्रांति (पशुधन पर प्रभाव): 1970 में \text{NDDB} के गठन के बाद दुग्ध उत्पादन में तीव्र वृद्धि हुई। भारत विश्व में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन वाला देश बना। इसने कृषि के साथ पशुधन के सहयोग (4.1\% \text{GDP}) को मजबूत किया।

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