कक्षा दसवीं गृह विज्ञान पाठ 9 वस्त्र की देखरेख तथा अनुरक्षण पाठ के प्रश्न और उत्तर

कृपया नीचे दिए गए नोट्स और प्रश्न-उत्तर देखें।
सरल नोट्स: कपड़ों की देखरेख और रखरखाव
 * परिचय: कपड़ों की सही देखभाल से उनकी सुंदरता और टिकाऊपन बना रहता है। हर तरह के कपड़ों को धोने और रखने का तरीका अलग होता है।
 * देखरेख के तरीके:
   * झाड़ना और ब्रशिंग: पहनने के बाद कपड़ों से धूल हटाने के लिए उन्हें झाड़ें। मखमली और मोटे कपड़ों को नरम ब्रश से साफ़ करें।
   * हवा लगाना: कपड़ों को धूप या हवा में रखने से उनकी दुर्गंध और नमी दूर होती है।
   * लाँडरिंग/धुलाई: इसमें कपड़ों को धोना, चमकदार बनाना और संभालकर रखना शामिल है।
     * धुलाई (Laundering): साबुन/डिटर्जेंट और पानी से कपड़े धोना।
     * ड्राई-क्लीनिंग: ग्रीस अवशोषक और विलायकों से सफाई। यह नाजुक कपड़ों के लिए होती है।
 * धुलाई की तैयारी:
   * कपड़ों को अलग करना (Sorting): कपड़ों को उनके प्रकार, रंग, गंदगी और लेबल के हिसाब से अलग करें।
   * मरम्मत: फटे कपड़ों को धोने से पहले सिल लें।
   * दाग हटाना: दाग को धोने से पहले ही हटाना चाहिए, क्योंकि धुलाई के बाद वे पक्के हो सकते हैं।
 * दाग हटाना:
   * पहचान: दाग को उसके रंग, गंध और स्पर्श से पहचानें।
   * प्रकार: दाग वनस्पति, चिकनाई, पशु, खनिज या विविध प्रकार के हो सकते हैं।
   * तरीके:
     * स्पांजिंग (सोखना): दाग को बाहरी किनारे से अंदर की ओर पोंछना।
     * डुबोना (Dipping): कपड़े को दाग हटाने वाले घोल में डुबाकर रखना।
 * धुलाई के चरण:
   * भिगोना: कपड़ों को आधे घंटे से ज़्यादा न भिगोएँ।
   * धोना:
     * रगड़ना: सूती कपड़ों के लिए।
     * दबाना और निचोड़ना: रेशमी और ऊनी जैसे नाजुक कपड़ों के लिए।
     * मशीन से धुलाई: कपड़ों के प्रकार के अनुसार समय और तरीका निर्धारित करें।
   * खंगालना: कपड़ों को तब तक खंगालें जब तक साफ़ पानी न निकले।
   * परिसज्जा (Finishing): नील और माँड (स्टार्च) का उपयोग कपड़ों को चमकदार और कड़क बनाने के लिए किया जाता है।
   * 
30 एक-पंक्ति प्रश्न-उत्तर
 * प्रश्न: कपड़ों को झाड़ने से क्या होता है?
   उत्तर: कपड़ों पर लगी धूल निकल जाती है।
 * प्रश्न: किस तरह के कपड़ों को ब्रश से साफ़ किया जाता है?
   उत्तर: मखमल, कॉरडरॉय जैसे मोटे और रेशेदार कपड़ों को।
 * प्रश्न: कपड़ों को हवा लगाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
   उत्तर: कपड़ों को शुष्क रखना और दुर्गंध दूर करना।
 * प्रश्न: धुलाई (Laundering) प्रक्रिया में कितने मुख्य चरण शामिल हैं?
   उत्तर: तीन- धोना, चमकाना और संभालकर रखना।
 * प्रश्न: धुलाई और ड्राई-क्लीनिंग में क्या अंतर है?
   उत्तर: धुलाई में पानी का उपयोग होता है, जबकि ड्राई-क्लीनिंग में विलायक (solvents) का।
 * प्रश्न: किस तरह के कपड़ों को ड्राई-क्लीन किया जाता है?
   उत्तर: चमड़े, फर, रेशम और ऊनी कपड़ों को।
 * प्रश्न: कपड़ों को धोने से पहले क्यों ठीक करना चाहिए?
   उत्तर: ताकि धुलाई के दौरान वे और ज़्यादा न फटें।
 * प्रश्न: कपड़ों का वर्गीकरण क्यों ज़रूरी है?
   उत्तर: ताकि रंगीन कपड़ों का रंग सफेद कपड़ों पर न चढ़े।
 * प्रश्न: कपड़ों पर लगे लेबल क्या बताते हैं?
   उत्तर: उत्पाद के घटक और धोने व इस्त्री करने के निर्देश।
 * प्रश्न: दाग को कपड़ों पर पक्का होने से कैसे रोका जा सकता है?
   उत्तर: दाग को धोने से पहले ही साफ़ करके।
 * प्रश्न: वनस्पति दागों का उदाहरण क्या है?
   उत्तर: चाय, कॉफी और फल के दाग।
 * प्रश्न: पशुओं से लगे दाग को हटाने के लिए क्या सावधानी रखनी चाहिए?
   उत्तर: उन्हें ताप से बचाना चाहिए।
 * प्रश्न: चिकनाई वाले दागों को हटाने के लिए किन पदार्थों का उपयोग होता है?
   उत्तर: चिकनाई अवशोषक जैसे चॉक और टेलकम पाउडर का।
 * प्रश्न: जंग के दाग को हटाने के लिए क्या इस्तेमाल होता है?
   उत्तर: नींबू का रस और नमक का मिश्रण।
 * प्रश्न: दाग हटाने के लिए स्पांजिंग विधि क्या है?
   उत्तर: दाग को बाहरी किनारे से अंदर की ओर पोंछना।
 * प्रश्न: धुलाई के लिए कपड़ों को कितने समय तक भिगोना चाहिए?
   उत्तर: आधे घंटे से ज़्यादा नहीं।
 * प्रश्न: सूती और लिनेन जैसे कपड़ों को किस विधि से धोना चाहिए?
   उत्तर: रगड़ना (घर्षण) विधि से।
 * प्रश्न: नाजुक कपड़ों को धोने की कौन सी विधि है?
   उत्तर: दबाना और निचोड़ना।
 * प्रश्न: कपड़ों को धोने के बाद खंगालना क्यों ज़रूरी है?
   उत्तर: बचे हुए डिटर्जेंट को निकालने के लिए।
 * प्रश्न: सफेद सूती कपड़ों को चमकाने के लिए किस एजेंट का उपयोग होता है?
   उत्तर: नील (नीला) या ऑप्टिकल ब्राइटनर।
 * प्रश्न: माँड (starch) लगाने का क्या फ़ायदा है?
   उत्तर: कपड़े चिकने, चमकदार और नए लगते हैं, और जल्दी गंदे नहीं होते।
 * प्रश्न: कपड़े सुखाने के लिए क्या सावधानी रखनी चाहिए?
   उत्तर: रंगीन कपड़ों को उल्टा करके सुखाना चाहिए।
 * प्रश्न: इस्त्री करने से पहले कपड़ों में क्या होनी चाहिए?
   उत्तर: हल्की नमी।
 * प्रश्न: कपड़ों को संभालकर रखने से पहले उन्हें पूरी तरह से क्यों सुखाना चाहिए?
   उत्तर: ताकि उनमें फफूंद न लगे।
 * प्रश्न: क्या रेशमी कपड़ों पर नील का उपयोग करना चाहिए?
   उत्तर: नहीं, रेशमी कपड़ों के लिए "गम अरेबिक" जैसे खास स्टार्च का उपयोग होता है।
 * प्रश्न: अधिक गंदे कपड़ों को कम गंदे कपड़ों से अलग क्यों धोना चाहिए?
   उत्तर: ताकि अधिक गंदे कपड़ों से निकला मैल कम गंदे कपड़ों पर न लगे।
 * प्रश्न: क्या थापी का उपयोग नाजुक कपड़ों पर करना चाहिए?
   उत्तर: नहीं, थापी का उपयोग बड़े और मज़बूत कपड़ों के लिए होता है।
 * प्रश्न: गर्मियों के कपड़े संभालकर रखने से पहले क्या करना चाहिए?
   उत्तर: उन्हें धोकर, अच्छी तरह से सुखाकर और इस्त्री करके रखना चाहिए।
 * प्रश्न: यदि कोई वस्त्र अधिक नीला हो जाए तो क्या उपाय करना चाहिए?
   उत्तर: उसे साफ़ पानी में सफ़ेद सिरका या नींबू के रस के साथ डुबोना चाहिए।
 * प्रश्न: सूती कपड़ों को इस्त्री करने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
   उत्तर: जब उनमें थोड़ी नमी बाकी हो।
20 अति-लघु उत्तरात्मक प्रश्न-उत्तर
 * प्रश्न: कपड़े पहनने वाले के व्यक्तित्व के बारे में क्या बताते हैं?
   उत्तर: कपड़े व्यक्ति के व्यक्तित्व, शैली और व्यक्तिगत स्वच्छता के बारे में बहुत कुछ बताते हैं।
 * प्रश्न: यदि कपड़े लंबे समय तक गंदे रहें तो क्या नुकसान हो सकते हैं?
   उत्तर: गंदगी और दाग-धब्बे बैक्टीरिया और फफूंद को जन्म दे सकते हैं, जिनसे त्वचा रोग और कपड़ों की मज़बूती कम हो सकती है।
 * प्रश्न: लाँडरिंग के तीन मुख्य चरण क्या हैं?
   उत्तर: कपड़े धोना, उन्हें चमक और कड़कपन देना, और उन्हें संभालकर रखना।
 * प्रश्न: धुलाई और ड्राई-क्लीनिंग के बीच एक मुख्य अंतर बताएं।
   उत्तर: धुलाई में पानी और डिटर्जेंट का उपयोग होता है, जबकि ड्राई-क्लीनिंग में ग्रीस अवशोषक और विलायकों का उपयोग होता है।
 * प्रश्न: कपड़ों को धोने के लिए तैयार करने के तीन महत्वपूर्ण कदम क्या हैं?
   उत्तर: फटे-उधड़े कपड़ों को ठीक करना, कपड़ों का वर्गीकरण करना और उन पर लगे लेबल पढ़ना।
 * प्रश्न: दाग-धब्बे को साफ़ करने के लिए सबसे बेहतर तरीका क्या है?
   उत्तर: दाग को यथाशीघ्र साफ़ कर लें और उसे सूखने या कपड़े में गहराई तक प्रवेश न करने दें।
 * प्रश्न: दाग को कितने तरीकों से पहचाना जा सकता है?
   उत्तर: दाग को उसके रंग, गंध और स्पर्श से पहचाना जा सकता है।
 * प्रश्न: वनस्पति दागों को हटाने के लिए किस तरह के अभिकर्मक (reagents) का उपयोग होता है?
   उत्तर: बोरेक्स पाउडर जैसे एल्कलाइन अभिकर्मक का उपयोग होता है, क्योंकि ये दाग अम्लीय होते हैं।
 * प्रश्न: पशुओं के दाग (जैसे खून या अंडा) को साफ़ करते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
   उत्तर: इन दागों को गर्म पानी से नहीं धोना चाहिए, क्योंकि प्रोटीन ताप से कपड़े पर पक्का हो जाता है।
 * प्रश्न: चिकनाई वाले दागों को साफ़ करने की विधि क्या है?
   उत्तर: चिकनाई को सोखने वाले पदार्थ (जैसे चॉक या टेलकम पाउडर) का उपयोग करें, फिर उसे हल्के हाथ से साफ़ करें।
 * प्रश्न: लाँडरिंग में भिगोने की प्रक्रिया क्यों महत्वपूर्ण है?
   उत्तर: कपड़ों को भिगोने से उनमें लगी हुई गंदगी नरम हो जाती है, जिससे उन्हें धोना आसान हो जाता है।
 * प्रश्न: घर्षण या रगड़ने की पद्धति किन कपड़ों के लिए सबसे उपयुक्त है?
   उत्तर: सूती और लिनेन जैसे मज़बूत कपड़ों के लिए, जैसे स्कूल की ड्रेस या चादर।
 * प्रश्न: दबाने और निचोड़ने की विधि किन कपड़ों के लिए इस्तेमाल होती है?
   उत्तर: नाजुक कपड़ों जैसे रेशमी, ऊनी और रेयॉन के लिए।
 * प्रश्न: वाशिंग मशीन का उपयोग करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
   उत्तर: मशीन के निर्देशों को ध्यान से पढ़ना चाहिए, और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रंग निकलने वाले कपड़ों को अलग धोया जाए।
 * प्रश्न: धुलाई के बाद कपड़ों को खंगालना क्यों ज़रूरी है?
   उत्तर: यदि कपड़ों में डिटर्जेंट रह जाए तो वह कपड़े को नुकसान पहुँचा सकता है।
 * प्रश्न: मांड (starch) किन कपड़ों पर और क्यों लगाया जाता है?
   उत्तर: सूती कपड़ों पर, उन्हें कड़क, चमकदार और नया रूप देने के लिए।
 * प्रश्न: माँड लगे कपड़ों को इस्त्री करने से पहले क्या करना चाहिए?
   उत्तर: उन्हें पूरी तरह सुखाकर, उन पर पानी छिड़ककर और थोड़ी देर लपेटकर रखना चाहिए।
 * प्रश्न: कपड़ों को धूप में सुखाने के क्या फ़ायदे हैं?
   उत्तर: धूप कपड़े जल्दी सुखाती है और कुछ कीटाणुओं को भी नष्ट करती है।
 * प्रश्न: रंगीन सूती कपड़ों को धोते समय क्या ध्यान रखना चाहिए?
   उत्तर: उन्हें हल्के डिटर्जेंट से धोना चाहिए और छाया में सुखाना चाहिए।
 * प्रश्न: कपड़े संभालकर रखने से पहले उन्हें हवा में कुछ देर क्यों रखना चाहिए?
   उत्तर: इस्त्री करने से पैदा हुई नमी को दूर करने के लिए, ताकि कपड़ों में फफूंद न लगे।
5 लघु उत्तरात्मक प्रश्न-उत्तर
 * प्रश्न: कपड़ों की देखरेख के लिए धोने से पहले की जाने वाली तैयारियों का विस्तार से वर्णन करें।
   उत्तर: कपड़ों की देखरेख के लिए धोने से पहले कई महत्वपूर्ण काम किए जाते हैं। सबसे पहले, कपड़ों को उनके प्रकार (सूती, रेशमी), रंग (सफेद, रंगीन) और गंदगी की मात्रा के अनुसार अलग-अलग करना चाहिए। इससे सफेद कपड़े रंगीन कपड़ों से खराब नहीं होते। दूसरा, कपड़ों पर लगे लेबलों को ध्यान से पढ़ना चाहिए ताकि उनके धोने के सही तरीकों का पता चल सके। तीसरा, अगर कोई कपड़ा फटा या उधड़ा है, तो उसे धोने से पहले ही सिल लेना चाहिए, वरना वह धुलाई के दौरान और ज़्यादा फट सकता है। अंत में, कपड़ों पर लगे दागों को धोने से पहले ही हटाना चाहिए, क्योंकि साबुन या गर्म पानी से वे पक्के हो सकते हैं।
 * प्रश्न: दाग-धब्बों को साफ़ करने की स्पांजिंग और डुबोने की पद्धतियों में क्या अंतर है?
   उत्तर: दाग हटाने की दो मुख्य पद्धतियाँ हैं: स्पांजिंग और डुबोना। स्पांजिंग में, दाग को हटाने वाले पदार्थ से एक नरम कपड़े को गीला करके दाग के बाहरी हिस्से से अंदर की ओर हल्के हाथ से पोंछा जाता है। यह विधि छोटे और ताज़े दागों के लिए अच्छी है। जबकि, डुबोने की विधि में पूरे कपड़े को दाग हटाने वाले घोल में डुबोया जाता है। यह उन स्थितियों में बेहतर है जब कपड़े में कई दाग हों या दाग बहुत बड़ा हो। स्पांजिंग में सिर्फ दाग वाले हिस्से को साफ़ किया जाता है, जबकि डुबोने में पूरे कपड़े को उपचारित किया जाता है।
 * प्रश्न: धोने के बाद कपड़ों को खंगालने और परिसज्जा (finishing) करने की प्रक्रिया क्यों ज़रूरी है?
   उत्तर: धोने के बाद कपड़ों को खंगालना बहुत ज़रूरी है ताकि उनमें से बचा हुआ डिटर्जेंट या साबुन पूरी तरह से निकल जाए। अगर डिटर्जेंट के कण कपड़ों में रह जाते हैं, तो वे कपड़े को नुकसान पहुँचा सकते हैं और त्वचा पर जलन पैदा कर सकते हैं। परिसज्जा का मतलब है कपड़ों को और अधिक आकर्षक बनाना। इसमें नील और माँड (starch) का उपयोग होता है। नील सफ़ेद कपड़ों को और ज़्यादा सफेदी और चमक देता है, जबकि माँड सूती कपड़ों को कड़क और चिकना बनाता है, जिससे वे जल्दी गंदे नहीं होते और नए जैसे दिखते हैं।
 * प्रश्न: सूती कपड़ों को धोने की पूरी प्रक्रिया का वर्णन करें।
   उत्तर: सूती कपड़ों को धोने के लिए सबसे पहले उन्हें रंग और गंदगी के अनुसार अलग-अलग किया जाता है। सफ़ेद सूती कपड़ों को गुनगुने या गर्म पानी में आधे घंटे तक भिगोया जा सकता है ताकि मैल नरम हो जाए। धोने के लिए हल्के डिटर्जेंट का उपयोग करें और अधिक गंदे हिस्सों को हाथों से या ब्रश से रगड़ें। बड़े कपड़ों को थापी से पीटकर साफ़ किया जा सकता है। धोने के बाद कपड़ों को कम से कम तीन बार साफ़ पानी में खंगालें। सफ़ेद कपड़ों पर नील और माँड लगाकर उन्हें धूप में सुखाएं। इस्त्री करते समय हल्की नमी रहने दें, और सुखाने के बाद ही उन्हें अलमारी में रखें।
 * प्रश्न: कपड़ों को संभालकर रखने से पहले क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
   उत्तर: कपड़ों को अलमारी या बक्से में रखने से पहले कुछ सावधानियां ज़रूरी हैं। सबसे पहले, यह सुनिश्चित करें कि कपड़े पूरी तरह से सूखे हुए हों। अगर उनमें थोड़ी भी नमी रह जाती है, तो फफूंद और बैक्टीरिया विकसित हो सकते हैं, जिससे कपड़ों में दाग और दुर्गंध आ सकती है। दूसरा, इस्त्री करने के बाद कपड़ों को थोड़ी देर हवा में खुला रखें ताकि नमी पूरी तरह से उड़ जाए। तीसरा, सर्दियों के कपड़े या ऐसे कपड़े जिन्हें लंबे समय तक रखना है, उन्हें अच्छी तरह धोकर और साफ़ करके ही रखना चाहिए। कपड़ों को नेफ़थलीन की गोलियों या नीम की पत्तियों के साथ रखें ताकि कीड़े न लगें।
2 निबंधात्मक प्रश्न-उत्तर
 * प्रश्न: कपड़ों के दागों को पहचानने और उन्हें हटाने की विधियों का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
   उत्तर: कपड़ों पर लगे दागों को हटाने के लिए उन्हें पहचानना और सही विधि का उपयोग करना बहुत महत्वपूर्ण है।
   दागों की पहचान: दागों को आमतौर पर उनके रंग (जैसे चाय/कॉफी का भूरा, घास का हरा), गंध (जैसे अंडे या पेंट की विशेष गंध) और स्पर्श (जैसे पेंट का निशान कठोर और चीनी का निशान खुरदुरा महसूस होता है) से पहचाना जा सकता है।
   दागों का वर्गीकरण: दाग उनके मूल स्रोत के आधार पर वर्गीकृत होते हैं:
   * वनस्पति दाग: चाय, कॉफी, फल। इन्हें हटाने के लिए बोरेक्स पाउडर जैसे एल्कलाइन अभिकर्मकों का उपयोग होता है।
   * चिकनाई वाले दाग: मक्खन, घी, तेल, लिपस्टिक। इन्हें हटाने के लिए चॉक या टेलकम पाउडर जैसे चिकनाई अवशोषकों का उपयोग होता है, जिसके बाद विलायकों (जैसे मिट्टी का तेल) का इस्तेमाल किया जा सकता है।
   * पशुओं के दाग: रक्त, दूध, अंडा। इन्हें गर्म पानी से नहीं धोना चाहिए क्योंकि गर्मी से इनमें मौजूद प्रोटीन कपड़ों पर पक्का हो जाता है। इन्हें ठंडे पानी और साबुन से साफ़ करना चाहिए।
   * खनिज दाग: जंग। इन्हें नींबू का रस और नमक के मिश्रण से साफ़ किया जाता है।
   * विविध दाग: घास, स्याही, पसीना। हर दाग के लिए विशेष उपचार होता है, जैसे घास के लिए मिथाइल स्पिरिट।
   दाग हटाने की पद्धतियाँ:
   * स्पांजिंग (सोखना): इस विधि में दाग को हटाने वाले पदार्थ से गीले कपड़े से दाग के बाहरी किनारे से अंदर की ओर पोंछा जाता है।
   * डुबोना (Dipping): इस विधि में पूरे कपड़े को दाग हटाने वाले घोल में डुबोया जाता है।
   दाग को हमेशा धोने से पहले साफ़ करना चाहिए। नाजुक कपड़ों पर किसी भी केमिकल का उपयोग करने से पहले उसके एक छोटे से हिस्से पर परीक्षण कर लेना चाहिए।
 * प्रश्न: विभिन्न प्रकार के कपड़ों की धुलाई की पद्धतियों का विस्तार से वर्णन करें।
   उत्तर: कपड़ों की सही धुलाई के लिए उनके प्रकार के अनुसार अलग-अलग पद्धतियों का उपयोग किया जाता है।
   * घर्षण/रगड़ पद्धति (सूती और लिनेन): यह पद्धति सूती और लिनेन जैसे मज़बूत कपड़ों के लिए सबसे उपयुक्त है। इसमें कपड़ों को हाथों से, ब्रश से या थापी से रगड़कर साफ़ किया जाता है। यह विधि कॉलर और कफ़ जैसे अधिक गंदे हिस्सों के लिए प्रभावी है। थापी का उपयोग चादरों और तौलियों जैसे बड़े और भारी कपड़ों के लिए किया जाता है।
   * दबाना और निचोड़ना पद्धति (रेशम, ऊनी और रेयॉन): इस पद्धति का उपयोग नाजुक और हल्के कपड़ों के लिए किया जाता है। इसमें कपड़े को साबुन के घोल में हल्के हाथों से बार-बार दबाया और निचोड़ा जाता है, जिससे कपड़े को कोई नुकसान नहीं होता। यह विधि कपड़ों के रेशों को टूटने से बचाती है।
   * मशीन से धुलाई: वाशिंग मशीन एक सुविधाजनक तरीका है। इसमें धुलाई का समय और चक्र कपड़ों के प्रकार और गंदगी की मात्रा के आधार पर निर्धारित किया जाता है। स्वचालित मशीनों में स्पिनर भी होता है, जो कपड़ों को लगभग सुखा देता है। मशीन में कपड़े धोते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि रंग निकलने वाले कपड़ों को अलग धोया जाए, ताकि वे दूसरे कपड़ों को खराब न करें।
   धुलाई के बाद कपड़ों को अच्छी तरह से खंगालना ज़रूरी है। फिर उन्हें धूप या छाया में सुखाया जाता है, और अंत में इस्त्री करके उनकी सुंदरता और स्वरूप को बनाए रखा जाता है।

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