कक्षा 10 गृह विज्ञान पाठ 9 वस्त्र के देखरेख तथा अनुरक्षण पाठ के नोट्स


1. धुलाई से पहले की तैयारी
अपने कपड़ों को धोने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है:
 * झाड़ना और हवा लगाना: रोज़ पहने जाने वाले कपड़ों को हर बार धोना ज़रूरी नहीं होता। पहनने के बाद उन्हें अच्छे से झाड़कर और हवादार जगह पर टाँगकर रख दें, ताकि धूल और बदबू निकल जाए।
 * लेबल पढ़ें: हर कपड़े पर एक लेबल लगा होता है। उस पर दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। इससे पता चलता है कि उस कपड़े को कैसे धोना, सुखाना या इस्त्री करना है।
 * वर्गीकरण (Sorting): कपड़ों को धोने से पहले उन्हें अलग-अलग करना बहुत ज़रूरी है। कपड़ों को उनके प्रकार (जैसे सूती, रेशमी, ऊनी), रंग (सफेद, रंगीन), और गंदगी के हिसाब से अलग-अलग करें। ऐसा करने से रंगीन कपड़ों का रंग सफेद कपड़ों पर नहीं चढ़ता।
 * मरम्मत: धोने से पहले फटे या उधड़े कपड़ों को सिल लें। ऐसा न करने पर धुलाई के दौरान वे और ज़्यादा फट सकते हैं।
 * दाग हटाना: कपड़ों पर लगे दागों को धोने से पहले हटाना चाहिए। अगर दाग को बिना हटाए धो दिया जाए, तो वह पक्का हो सकता है।
2. दाग-धब्बे हटाना
दागों को पहचानना और सही तरीके से हटाना बहुत ज़रूरी है। ज़्यादातर दागों को उनके रंग, गंध और छूने से पहचाना जा सकता है।
 * दागों के प्रकार: दाग कई तरह के हो सकते हैं, जैसे:
   * वनस्पति दाग: चाय, कॉफी, फल
   * चिकनाई वाले दाग: तेल, घी, मक्खन, लिपस्टिक
   * पशुओं के दाग: खून, अंडा, दूध
   * खनिज दाग: जंग
   * अन्य दाग: स्याही, घास, पसीना
 * दाग हटाने के तरीके:
   * स्पांजिंग (सोखना): दाग को हल्के हाथ से बाहर से अंदर की तरफ़ पोंछें।
   * डुबोना (Dipping): पूरे कपड़े को दाग हटाने वाले घोल में डुबोकर रखें।
दागों को हटाने के लिए सही केमिकल (जैसे बोरेक्स, अमोनिया, नींबू का रस) का इस्तेमाल करें। हमेशा ताज़े दागों को तुरंत हटाना सबसे आसान होता है।
सावधानियां:
 * दाग हटाने वाले केमिकल का इस्तेमाल पहले कपड़े के एक छोटे से हिस्से पर करके देखें।
 * हमेशा हल्के केमिकल का इस्तेमाल करें।
 * दाग हटाने के बाद कपड़े को अच्छे से धो लें ताकि कोई केमिकल न रह जाए।
3. धुलाई की प्रक्रिया (Laundering)
धुलाई सिर्फ कपड़े धोना नहीं है। इसमें कई चरण होते हैं:
भिगोना (Soaking)
कपड़ों को पानी में भिगोने से गंदगी ढीली हो जाती है। कपड़ों को आधे घंटे से ज़्यादा न भिगोएँ, वरना गंदगी वापस कपड़ों में चिपक सकती है।
धोना (Washing)
कपड़ों के प्रकार के हिसाब से धोने के तरीके अलग-अलग होते हैं:
 * रगड़ना: सूती और लिनेन जैसे मज़बूत कपड़ों के लिए इस तरीके का इस्तेमाल किया जाता है।
 * दबाना और निचोड़ना: रेशमी, ऊनी और रेयॉन जैसे नाजुक कपड़ों को हाथों से हल्के से दबाकर और निचोड़कर धोया जाता है ताकि वे खराब न हों।
 * मशीन से धुलाई: वॉशिंग मशीन कपड़ों के प्रकार के अनुसार धुलाई करती है। ऊनी कपड़ों को सूती कपड़ों से कम समय के लिए धोया जाता है।
धुलाई और ड्राई-क्लीनिंग में फ़र्क:
 * धुलाई: साबुन, डिटर्जेंट और पानी का इस्तेमाल होता है। यह पक्के रंग वाले कपड़ों के लिए है।
 * ड्राई-क्लीनिंग: इसमें ग्रीस सोखने वाले विलायकों (solvents) का इस्तेमाल होता है। चमड़े, फर, रेशम और महंगे कपड़ों के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।
खंगालना (Rinsing)
कपड़ों को कम से कम तीन बार साफ़ पानी में खंगालें, ताकि सारा साबुन या डिटर्जेंट निकल जाए।
परिसज्जा (Finishing)
कपड़ों में चमक और कड़कपन लाने के लिए नील या माँड (स्टार्च) का इस्तेमाल किया जाता है। यह अक्सर सूती कपड़ों के लिए होता है।
सुखाना
कपड़ों को हमेशा खुली हवा और धूप में सुखाएँ। रंगीन कपड़ों को उल्टा करके सुखाना चाहिए, ताकि उनका रंग हल्का न हो।
इस्त्री करना
कपड़ों को इस्त्री करने से वे अच्छे दिखते हैं। सूती कपड़ों को हल्का गीला करके इस्त्री करना सबसे अच्छा होता है।
4. कपड़ों को संभाल कर रखना (Storing)
कपड़ों को अलमारी या बॉक्स में रखने से पहले यह पक्का कर लें कि वे पूरी तरह सूखे हुए हों। गीले कपड़ों में फफूंद लग सकती है और उनसे बदबू भी आ सकती है।

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