प्रश्न-उत्तर
यह नोट्स के आधार पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न-उत्तर हैं।
एक-पंक्ति वाले प्रश्नोत्तर
* शून्य और दशमलव की खोज किस देश में हुई?
उत्तर: भारत।
* आयुर्वेदिक औषधि का जनक किसे कहा जाता है?
उत्तर: चरक।
* शल्य चिकित्सा का जनक कौन था?
उत्तर: सुश्रुत।
* कौन सा लौह स्तंभ हजारों वर्षों से जंग रहित है?
उत्तर: महरौली का लौह स्तंभ।
* आर्यभट्ट के प्रसिद्ध ग्रंथ का नाम क्या था?
उत्तर: आर्यभट्टीय।
* पौधों में भी संचार व्यवस्था होती है, यह किसने सिद्ध किया?
उत्तर: जगदीश चंद्र बोस।
* किस वैज्ञानिक को 'मिसाइल मैन' के नाम से जाना जाता है?
उत्तर: डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम।
* किस वैज्ञानिक ने 'रमन प्रभाव' की खोज की?
उत्तर: सी.वी. रमन।
* भारतीय परमाणु विज्ञान का जनक किसे कहा जाता है?
उत्तर: डॉ. होमी जहाँगीर भाभा।
* ISRO की स्थापना किसने की थी?
उत्तर: डॉ. विक्रम साराभाई।
* जयपुर का जंतर मंतर किस राजा ने बनवाया था?
उत्तर: सवाई जयसिंह।
* राजस्थान के किस स्थान को ताम्र नगरी के नाम से जाना जाता है?
उत्तर: आहड़।
* किस ग्रंथ में विमान के निर्माण और संचालन का वर्णन है?
उत्तर: यंत्र सर्वस्व।
* चरक संहिता किस विषय से संबंधित है?
उत्तर: आयुर्वेद और औषधि विज्ञान।
* सुश्रुत संहिता में कितने शल्य उपकरणों का वर्णन है?
उत्तर: 121।
* कौन सा वैज्ञानिक भीनमाल (राजस्थान) का निवासी था?
उत्तर: ब्रह्मगुप्त।
* 'सिद्धांत शिरोमणि' ग्रंथ के लेखक कौन थे?
उत्तर: भास्कराचार्य द्वितीय।
* किस यंत्र से पौधों की वृद्धि मापी जाती है?
उत्तर: क्रेस्कोग्राफ।
* 'इंडिया 2020' पुस्तक के लेखक कौन हैं?
उत्तर: डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम।
* राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर: 28 फरवरी।
अति लघु उत्तरात्मक प्रश्नोत्तर
* प्राचीन भारत में विज्ञान के विकास के दो प्रमुख उदाहरण दीजिए।
उत्तर: सिंधु-सरस्वती सभ्यता की नगरीय योजना और महरौली का लौह स्तंभ, जो प्राचीन भारतीयों की उन्नत तकनीकी समझ को दर्शाते हैं।
* आर्यभट्ट ने खगोल विज्ञान के क्षेत्र में कौन सी दो महत्वपूर्ण खोजें कीं?
उत्तर: उन्होंने बताया कि पृथ्वी गोल है और अपनी धुरी पर घूमती है। साथ ही, उन्होंने सूर्य और चंद्र ग्रहण के सही कारणों का पता लगाया।
* भारत में शून्य और दशमलव का क्या महत्व है?
उत्तर: यह भारत की विश्व को एक अनमोल देन है। शून्य के आविष्कार से ही गणित का विकास संभव हुआ और खगोलीय गणनाओं में सटीकता आई।
* आयुर्वेद को प्राचीन भारत में क्यों महत्वपूर्ण माना जाता था?
उत्तर: आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान की एक देशी विधा थी, जो जड़ी-बूटियों पर आधारित थी। यह बीमारियों को जड़ से खत्म करने पर जोर देती थी और लोगों को स्वस्थ रखती थी।
* चरक और सुश्रुत के ग्रंथों का क्या महत्व है?
उत्तर: चरक की 'चरकसंहिता' और सुश्रुत की 'सुश्रुतसंहिता' आयुर्वेद और शल्य चिकित्सा के मौलिक ग्रंथ हैं। इनका अनुवाद अनेक भाषाओं में हुआ और विदेशों में इनका अध्ययन किया गया।
लघु उत्तरात्मक प्रश्नोत्तर
* प्राचीन भारत में धातु विज्ञान का विकास कैसे हुआ? महरौली के लौह स्तंभ का उदाहरण देते हुए समझाएँ।
उत्तर: सिंधु-सरस्वती सभ्यता के समय से ही भारत में धातु विज्ञान उन्नत था, जिसके प्रमाण कांस्य और तांबे की कलाकृतियों से मिलते हैं। दिल्ली स्थित महरौली का लौह स्तंभ इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। यह उच्च कोटि की मिश्रित धातु से बना है और हजारों वर्षों से बिना जंग लगे खड़ा है, जो प्राचीन भारतीय धातु वैज्ञानिकों की अद्भुत कौशलता को दर्शाता है।
* मध्यकालीन भारत में भास्कराचार्य द्वितीय के योगदान का वर्णन करें।
उत्तर: भास्कराचार्य द्वितीय 12वीं सदी के प्रसिद्ध गणितज्ञ थे। उन्होंने 'सिद्धान्त शिरोमणि' नामक ग्रंथ लिखा। उन्होंने न्यूटन से बहुत पहले गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत दिया और कहा कि पृथ्वी में भारी पदार्थों को अपनी ओर खींचने की शक्ति है। उन्होंने यह भी बताया कि जब किसी अंक को शून्य से विभाजित किया जाता है तो हल अनंत (infinite) आता है।
* सर सी.वी. रमन के जीवन और उनके 'रमन प्रभाव' की खोज के बारे में बताएँ।
उत्तर: सी.वी. रमन ने कलकत्ता विश्वविद्यालय में भौतिकी के प्रोफेसर के रूप में काम किया। लंदन की यात्रा के दौरान उन्होंने समुद्र के नीले रंग को देखकर शोध करने का निश्चय किया। 28 फरवरी, 1928 को उन्होंने 'रमन प्रभाव' की खोज की, जिसमें बताया गया कि प्रकाश के कण जब अणुओं से टकराते हैं तो उनका प्रकीर्णन होता है। इस खोज के लिए उन्हें 1930 में नोबेल ।
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