कक्षा दसवीं भारतीय संस्कृति विरासत अध्याय 8 भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विकास पाठ के नोट्स



 * परिचय: भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का इतिहास बहुत पुराना है। सिंधु-सरस्वती सभ्यता की नगर योजना से लेकर महरौली के लौह स्तंभ तक, प्राचीन भारत में वैज्ञानिक और तकनीकी समझ बहुत उन्नत थी।
1. प्राचीन भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी
 * नक्षत्र विज्ञान (Astronomy):
   * आर्यभट्ट ने बताया कि पृथ्वी गोल है और अपनी धुरी पर घूमती है। उन्होंने सूर्य और चंद्र ग्रहण का सही कारण समझाया।
   * भास्कराचार्य ने पृथ्वी के गोल होने और उसकी चुंबकीय शक्ति का सिद्धांत दिया, जो गुरुत्वाकर्षण के शुरुआती विचार थे।
 * गणित शास्त्र (Mathematics):
   * शून्य (Zero) और दशमलव (Decimal system) का आविष्कार भारत की दुनिया को सबसे बड़ी देन है।
   * ब्रह्मगुप्त पहले व्यक्ति थे जिन्होंने शून्य को एक संख्या के रूप में प्रयोग किया।
   * आर्यभट्ट ने बीजगणित (algebra) और त्रिकोणमिति (trigonometry) के सिद्धांत दिए।
 * औषध विज्ञान (Medical Science):
   * भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद थी, जिसका शाब्दिक अर्थ 'अच्छा स्वास्थ्य' है।
   * चरक को आयुर्वेद का जनक कहा जाता है, जिनकी पुस्तक 'चरकसंहिता' रोगों और उनके उपचारों का विस्तृत वर्णन करती है।
   * सुश्रुत को शल्य चिकित्सा (surgery) का जनक माना जाता है। उनकी पुस्तक 'सुश्रुतसंहिता' में 121 शल्य उपकरणों और प्लास्टिक सर्जरी तक की विधियों का वर्णन है।
 * धातु विज्ञान (Metallurgy):
   * सिंधु-सरस्वती सभ्यता में कांसे और तांबे की कलाकृतियां मिली हैं।
   * दिल्ली का महरौली लौह स्तंभ इसका सबसे अच्छा उदाहरण है, जो हजारों साल बाद भी जंग-रहित है।
2. मध्यकालीन भारत में विज्ञान व प्रौद्योगिकी
 * भास्कराचार्य द्वितीय (12वीं सदी):
   * उन्होंने 'सिद्धांत शिरोमणि' नामक ग्रंथ लिखा। उन्होंने न्यूटन से बहुत पहले गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत दिया और बताया कि पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य आपस में आकर्षण से अपनी कक्षाओं में रहते हैं।
 * अन्य विकास:
   * रसायनशास्त्र में 'वूट्ज इस्पात' का निर्माण।
   * कागज बनाने की तकनीक विकसित हुई।
   * मुगलों ने बारूद और बंदूकों का इस्तेमाल किया, जिसकी जानकारी भारतीय शिल्पकारों को भी थी।
3. आधुनिक भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी
 * जगदीश चंद्र बोस:
   * उन्होंने 'क्रेस्कोग्राफ' यंत्र का आविष्कार किया, जिससे यह साबित हुआ कि पौधों में भी जीवन और संचार होता है।
 * सी.वी. रमन:
   * उन्होंने 'रमन प्रभाव' की खोज की, जिसके लिए उन्हें 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। 28 फरवरी को इसी दिन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है।
 * श्रीनिवास रामानुजन:
   * एक महान गणितज्ञ थे, जिन्होंने औपचारिक शिक्षा के बिना गणित के क्षेत्र में अद्भुत योगदान दिया।
 * डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम:
   * उन्हें 'मिसाइल मैन' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने भारत के मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु परीक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
 * अंतरिक्ष और परमाणु कार्यक्रम:
   * डॉ. होमी जहांगीर भाभा को भारतीय परमाणु विज्ञान का जनक माना जाता है।
   * डॉ. विक्रम साराभाई ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की स्थापना की।
4. राजस्थान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी
 * राजस्थान में प्राचीन काल से ही विज्ञान और तकनीक के प्रमाण मिलते हैं, जैसे कालीबंगा और आहड़ की विकसित सभ्यताएँ।
 * गणितज्ञ और ज्योतिषाचार्य ब्रह्मगुप्त भी राजस्थान के भीनमाल के निवासी थे।
 * सवाई जयसिंह (आमेर के राजा) ने ज्योतिष के अध्ययन के लिए भारत में पाँच वेधशालाएं बनवाईं, जिनमें जयपुर का जंतर मंतर सबसे बड़ा है। इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल किया गया है।

Post a Comment

0 Comments