कक्षा 12वीं पर्यावरण पार्ट 4 पाठ के प्रश्न और उत्तर


एक वाक्य में उत्तर दें (30 प्रश्न)
 * पारिस्थितिकी का क्या अर्थ है?
   उत्तर: पारिस्थितिकी जीवों और उनके वातावरण के बीच संबंधों का वैज्ञानिक अध्ययन है।
 * पारिस्थितिकी शब्द का प्रयोग सबसे पहले किसने किया?
   उत्तर: जर्मन जीवविज्ञानी अर्नेस्ट हैकेल ने 1869 में।
 * पारिस्थितिकी शब्द किस भाषा से लिया गया है?
   उत्तर: ग्रीक भाषा से।
 * 'ओइकॉस' शब्द का क्या अर्थ है?
   उत्तर: 'घर'।
 * 'लोगोस' शब्द का क्या अर्थ है?
   उत्तर: 'अध्ययन'।
 * पारिस्थितिकीय संगठन की मूल इकाई क्या है?
   उत्तर: जीव (व्यष्टि)।
 * समष्टि की परिभाषा क्या है?
   उत्तर: एक ही प्रजाति के जीवों का समूह जो एक निश्चित क्षेत्र में रहते हैं।
 * समुदाय क्या है?
   उत्तर: एक क्षेत्र में निवास करने वाली विभिन्न प्रजातियों के जीवों का समूह।
 * पारितंत्र क्या है?
   उत्तर: जीवों के एक समुदाय और उनके भौतिक पर्यावरण के संबंधों से बनी एक पारिस्थितिकीय इकाई।
 * बायोम किसे कहते हैं?
   उत्तर: एक बड़े समुदाय वाला क्षेत्र जिसकी विशेषता एक विशेष प्रकार की वनस्पति और जलवायु है।
 * जैवमंडल क्या है?
   उत्तर: पृथ्वी का वह क्षेत्र जहां जीवन मौजूद है।
 * प्राकृतिक पर्यावास (Habitat) की परिभाषा क्या है?
   उत्तर: वह भौतिक पर्यावरण जिसमें कोई जीव रहता है।
 * पर्यावास के चार संरचनात्मक घटक क्या हैं?
   उत्तर: स्थान, भोजन, जल और आश्रय।
 * निकेत (Niche) क्या है?
   उत्तर: किसी प्रजाति का पर्यावास में कार्यात्मक रोल या उसका 'पेशा'।
 * क्या दो प्रजातियों का निकेत समान हो सकता है?
   उत्तर: नहीं, दो प्रजातियों का निकेत समान नहीं हो सकता।
 * अनुकूलन क्या है?
   उत्तर: किसी जीव की बनावट, व्यवहार या जीवन पद्धति जो उसे अपने पर्यावरण में जीवित रहने में मदद करती है।
 * प्रजाति (Species) किसे कहते हैं?
   उत्तर: समान जीवों का समूह जो आपस में प्रजनन करके जननक्षम संतान पैदा कर सकते हैं।
 * मानव प्रजाति का वैज्ञानिक नाम क्या है?
   उत्तर: होमो सेपियंस (Homo sapiens)।
 * विविधता (Variation) क्या है?
   उत्तर: एक ही प्रजाति के सदस्यों के बीच दिखने वाले अंतर।
 * विविधता के दो मुख्य स्रोत क्या हैं?
   उत्तर: उत्परिवर्तन (Mutation) और जीन विनिमय (Recombination)।
 * प्राकृतिक वरण (Natural Selection) का सिद्धांत किसने दिया?
   उत्तर: चार्ल्स डार्विन और अल्फ्रेड वैलेस।
 * प्रजाति उद्भवन (Speciation) क्या है?
   उत्तर: वह प्रक्रिया जिसके द्वारा नई प्रजातियों की उत्पत्ति होती है।
 * विलोपन (Extinction) का क्या अर्थ है?
   उत्तर: जब किसी प्रजाति का अंतिम सदस्य भी मर जाता है और वह प्रजाति समाप्त हो जाती है।
 * जनसंख्या घनत्व किस पर निर्भर करता है?
   उत्तर: जन्म दर, मृत्यु दर, प्रवास और अप्रवास।
 * जनगणना (Census) क्या है?
   उत्तर: मानव जनसंख्या की गणना।
 * जैविक समुदाय क्या है?
   उत्तर: विभिन्न प्रकार के जीवों की समष्टि जो एक ही पर्यावास में रहती है।
 * समुदाय का स्तरीकरण (Stratification) क्या है?
   उत्तर: वनस्पति की ऊर्ध्वाधर परतों का निर्माण।
 * पारिस्थितिकीय अनुक्रम (Ecological Succession) क्या है?
   उत्तर: वह प्रक्रिया जिसके द्वारा एक क्षेत्र में एक समुदाय की जगह दूसरा समुदाय ले लेता है।
 * प्राथमिक अनुक्रम कहाँ होता है?
   उत्तर: खाली क्षेत्रों में जहां पहले कोई समुदाय नहीं था, जैसे नग्न चट्टानें।
 * चरमोत्कर्ष समुदाय (Climax community) क्या है?
   उत्तर: अनुक्रम का अंतिम चरण, जो स्थायी, परिपक्व और दीर्घकालिक होता है।
अति लघु-उत्तरीय प्रश्न (20 प्रश्न)
 * पारिस्थितिकी और पर्यावरण के जैविक-अजैविक घटकों के बीच क्या संबंध है?
   उत्तर: पारिस्थितिकी विज्ञान जीवों के पारस्परिक संबंधों और पर्यावरण के जैविक (पौधे, जानवर) तथा अजैविक (प्रकाश, जल, तापमान) घटकों के बीच के संबंधों का अध्ययन करता है।
 * पारिस्थितिकीय संगठन के विभिन्न स्तरों के नाम लिखें।
   उत्तर: जीव, समष्टि, समुदाय, पारितंत्र, बायोम और जैवमंडल।
 * एक ही पर्यावास में रहने वाली दो प्रजातियों का निकेत समान क्यों नहीं हो सकता?
   उत्तर: यदि दो प्रजातियों का निकेत समान हो, तो वे एक ही संसाधन के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी, जिससे उनमें से एक प्रजाति को उस स्थान से विस्थापित होना पड़ेगा।
 * प्राकृतिक पर्यावास और निकेत के बीच मुख्य अंतर क्या है?
   उत्तर: पर्यावास किसी जीव का पता है (वह कहाँ रहता है) जबकि निकेत उसका पेशा है (वह वहाँ क्या करता है)।
 * अनुकूलन की प्रक्रिया में विकास की क्या भूमिका है?
   उत्तर: अनुकूलन एक आनुवांशिक प्रक्रिया है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी विकसित होती है। यह विकास के माध्यम से होता है ताकि प्रजातियाँ अपने वातावरण में सफलतापूर्वक जीवित रह सकें।
 * क्या मानव निर्मित समुदाय प्राकृतिक समुदाय से भिन्न होते हैं? कैसे?
   उत्तर: हाँ, मानव निर्मित समुदाय (जैसे फसल का खेत) प्राकृतिक समुदाय से अधिक सरल होते हैं क्योंकि उनमें प्रजातियों की विविधता कम होती है और उन्हें निरंतर देखभाल की आवश्यकता होती है।
 * पादपों में अनुकूलन के दो उदाहरण दीजिए।
   उत्तर:
   * जलीय पौधों में लकड़ी की अनुपस्थिति।
   * रेगिस्तानी पौधों में पत्तियों और तनों पर कांटों की उपस्थिति।
 * विविधता क्या है? विविधता के दो स्रोत कौन से हैं?
   उत्तर: विविधता एक ही प्रजाति के सदस्यों के बीच के अंतर को कहते हैं। इसके दो स्रोत उत्परिवर्तन और लैंगिक जनन में होने वाला पुर्नसंयोजन है।
 * जैव विकास के सिद्धांत की दो मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
   उत्तर:
   * जीवों में अधिक संतान उत्पन्न करने की प्रवृत्ति होती है।
   * प्राकृतिक वरण (Natural Selection) के कारण अनुकूलित विविधताओं का चयन होता है।
 * प्राकृतिक वरण की प्रक्रिया को एक उदाहरण के साथ समझाइए।
   उत्तर: एक झुंड में, कमजोर खरगोश बीमारी या शिकार के कारण मर जाते हैं, जबकि स्वस्थ और तेज दौड़ने वाले खरगोश जीवित रहते हैं और प्रजनन करते हैं, जिससे उनके अनुकूलित जीन अगली पीढ़ी में चले जाते हैं।
 * भौगोलिक अलगाव प्रजाति उद्भवन में कैसे मदद करता है?
   उत्तर: जब एक प्रजाति की दो समष्टियाँ भौगोलिक अवरोध (जैसे नदी या पर्वत) से अलग हो जाती हैं, तो वे अलग-अलग वातावरण में विकसित होती हैं, जिससे वे अंततः दो अलग-अलग प्रजातियाँ बन जाती हैं।
 * विलोपन के दो प्राकृतिक और दो मानवीय कारण बताइए।
   उत्तर:
   * प्राकृतिक कारण: पर्यावरण में परिवर्तन, सुनामी, ज्वालामुखी विस्फोट।
   * मानवीय कारण: वनोन्मूलन, अत्यधिक प्रदूषण।
 * समष्टि के किन्हीं तीन लक्षणों का उल्लेख कीजिए।
   उत्तर: समष्टि घनत्व, जन्म दर, मृत्यु दर, और आयु वितरण।
 * जनसंख्या घनत्व को निर्धारित करने वाले चार कारक क्या हैं?
   उत्तर: जन्म दर, मृत्यु दर, प्रवास (बाहर जाना) और अप्रवास (अंदर आना)।
 * समष्टि की वृद्धि को दर्शाने वाले दो प्रकार के वक्र कौन से हैं?
   उत्तर: 'J' के आकार का वृद्धि वक्र और 'S' के आकार का सिग्मॉइड वृद्धि वक्र।
 * समुदाय की संरचना किन चार चीजों से निर्धारित होती है?
   उत्तर: विभिन्न समष्टियों की भूमिका, उनका परास, क्षेत्र का प्रकार, और प्रजातियों में विविधता।
 * पारिस्थितिकीय अनुक्रम के दो प्रकार कौन से हैं?
   उत्तर: प्राथमिक अनुक्रम और द्वितीयक अनुक्रम।
 * अग्रगामी प्रजाति (Pioneer species) क्या होती हैं?
   उत्तर: वे पौधे जो सबसे पहले किसी खाली जगह पर उगते हैं जहाँ पहले मिट्टी नहीं थी, जैसे लाइकेन और काई।
 * प्राथमिक और द्वितीयक अनुक्रम में क्या अंतर है?
   उत्तर: प्राथमिक अनुक्रम उस क्षेत्र में शुरू होता है जहाँ पहले कोई समुदाय या मिट्टी नहीं थी, जबकि द्वितीयक अनुक्रम उस क्षेत्र में होता है जहाँ पहले से समुदाय मौजूद था लेकिन वह नष्ट हो गया।
 * जैविक अन्योन्यक्रिया कितने प्रकार की होती है?
   उत्तर: यह नकारात्मक (जैसे परभक्षण, परजीविता), सकारात्मक (सहभोजिता, सहजीविता) और उदासीन हो सकती है।
लघु-उत्तरीय प्रश्न (10 प्रश्न)
 * पारिस्थितिकी को परिभाषित करें और इसके अध्ययन के विभिन्न स्तरों का वर्णन करें।
   उत्तर: पारिस्थितिकी जीवों और उनके पर्यावरण के बीच संबंधों का अध्ययन है। इसके अध्ययन के स्तर इस प्रकार हैं:
   * जीव (व्यष्टि): सबसे छोटी इकाई, जिसमें एक जीव का अध्ययन होता है।
   * समष्टि: एक ही प्रजाति के जीवों का समूह।
   * समुदाय: विभिन्न प्रजातियों के जीवों का समूह।
   * पारितंत्र: समुदाय और उसके भौतिक पर्यावरण के बीच का संबंध।
   * बायोम: एक बड़े क्षेत्र में विशिष्ट जलवायु और वनस्पति।
   * जैवमंडल: पृथ्वी पर जीवन का कुल क्षेत्र।
 * प्राकृतिक पर्यावास (Habitat) और निकेत (Niche) के बीच के अंतर को उदाहरणों के साथ स्पष्ट करें।
   उत्तर: पर्यावास वह भौतिक स्थान है जहाँ कोई जीव रहता है (जैसे जंगल या समुद्र), जबकि निकेत उस जीव का पर्यावास में कार्यात्मक रोल है (वह कैसे रहता है, क्या खाता है)। एक ही पर्यावास में कई प्रजातियाँ रह सकती हैं, लेकिन उनका निकेत अलग-अलग होता है। उदाहरण के लिए, एक पेड़ पर रहने वाले विभिन्न प्रकार के कीट अलग-अलग भागों (पत्तियों, तने, जड़ों) से भोजन प्राप्त करते हैं, जिससे उनके निकेत भिन्न हो जाते हैं और वे आपस में प्रतिस्पर्धा से बचते हैं।
 * अनुकूलन की अवधारणा को समझाइए और पौधों और जानवरों में इसके दो-दो उदाहरण दीजिए।
   उत्तर: अनुकूलन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई जीव अपने पर्यावरण के अनुरूप अपनी शारीरिक बनावट, व्यवहार या कार्यप्रणाली में बदलाव लाता है ताकि वह जीवित रह सके और प्रजनन कर सके।
   * पौधों में:
     * जलीय पौधों में वायु गुहाएँ: ये तैरने में मदद करती हैं।
     * रेगिस्तानी पौधों में कांटे: ये पानी के नुकसान को कम करते हैं और जानवरों से सुरक्षा देते हैं।
   * जानवरों में:
     * पक्षियों की चोंच का आकार: उनके भोजन के प्रकार के अनुसार अनुकूलित होता है (जैसे तोते की मजबूत चोंच)।
     * ऊँट के पैर: रेगिस्तान में चलने के लिए चौड़े और गद्देदार होते हैं।
 * प्राकृतिक वरण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाइए।
   उत्तर: प्राकृतिक वरण जैव विकास की वह प्रक्रिया है जिसमें वे जीव जो अपने पर्यावरण के प्रति अधिक अनुकूलित होते हैं, वे जीवित रहते हैं और अधिक संतान पैदा करते हैं। इससे उनके अनुकूलित जीन अगली पीढ़ी में अधिक फैलते हैं। इसके विपरीत, कम अनुकूलित जीव जीवित नहीं रह पाते। यह प्रक्रिया पीढ़ियों के दौरान प्रजातियों में धीरे-धीरे अनुकूलन और विविधता लाती है।
   उदाहरण: खरगोशों के एक झुंड में, तेज दौड़ने वाले खरगोश शिकारियों से बच जाते हैं, जबकि धीमे खरगोश पकड़े जाते हैं। इस तरह, तेज दौड़ने की विशेषता अगली पीढ़ी में अधिक प्रबल होती जाती है।
 * प्रजाति उद्भवन क्या है? भौगोलिक और जनन विलगन के संदर्भ में इसका वर्णन करें।
   उत्तर: प्रजाति उद्भवन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा नई प्रजातियों की उत्पत्ति होती है। यह मुख्य रूप से दो प्रकार के विलगन (अलग होने) के कारण होता है:
   * भौगोलिक विलगन: जब एक प्रजाति की दो समष्टियाँ किसी भौतिक अवरोध (जैसे नदी या पर्वत) से अलग हो जाती हैं। इससे वे अलग-अलग वातावरणों में विकसित होती हैं और अंततः इतनी भिन्न हो जाती हैं कि वे आपस में प्रजनन नहीं कर पातीं।
   * जनन विलगन: जब एक ही क्षेत्र में रहने वाली दो समष्टियाँ प्रजनन करने में असमर्थ हो जाती हैं, भले ही कोई भौतिक अवरोध न हो। इसके कारण भिन्न प्रजनन समय, अलग अनुरंजन व्यवहार या जननांगों में भिन्नता हो सकती है।
 * जनसंख्या घनत्व क्या है? इसे प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन करें।
   उत्तर: जनसंख्या घनत्व किसी दिए गए क्षेत्र में प्रति इकाई क्षेत्रफल में मौजूद जीवों की संख्या है। इसे प्रभावित करने वाले मुख्य कारक हैं:
   * जन्म दर: जन्म की दर जितनी अधिक होगी, घनत्व उतना ही बढ़ेगा।
   * मृत्यु दर: मृत्यु की दर जितनी अधिक होगी, घनत्व उतना ही कम होगा।
   * प्रवास (Emigration): जीवों का क्षेत्र छोड़कर जाना घनत्व को कम करता है।
   * अप्रवास (Immigration): जीवों का नए क्षेत्र में आना घनत्व को बढ़ाता है।
 * समुदाय की संरचना का वर्णन कीजिए। समुदाय की प्रजातीय विविधता किस प्रकार इसके स्थायित्व को प्रभावित करती है?
   उत्तर: समुदाय की संरचना विभिन्न समष्टियों की भूमिका, उनके क्षेत्र, और प्रजातीय विविधता पर निर्भर करती है। समुदाय जितना अधिक विविध होता है, उतना ही अधिक स्थिर होता है। अधिक प्रजातीय विविधता वाला समुदाय किसी भी बाहरी व्यवधान (जैसे बीमारी या प्राकृतिक आपदा) का सामना बेहतर ढंग से कर सकता है क्योंकि इसमें विभिन्न प्रजातियों के बीच जटिल संबंध होते हैं, जिससे एक प्रजाति के समाप्त होने पर भी अन्य प्रजातियाँ जीवित रहती हैं।
 * पारिस्थितिकीय अनुक्रम को परिभाषित करें। प्राथमिक और द्वितीयक अनुक्रम के बीच मुख्य अंतर क्या हैं?
   उत्तर: पारिस्थितिकीय अनुक्रम वह क्रमिक प्रक्रिया है जिसमें किसी क्षेत्र में एक समुदाय की जगह दूसरा समुदाय ले लेता है।
   * प्राथमिक अनुक्रम: यह उन क्षेत्रों में शुरू होता है जहाँ पहले कोई समुदाय या मिट्टी नहीं थी (जैसे नग्न चट्टानें)। यह धीमी प्रक्रिया है क्योंकि इसमें मिट्टी के निर्माण में समय लगता है।
   * द्वितीयक अनुक्रम: यह उन क्षेत्रों में शुरू होता है जहाँ पहले से समुदाय मौजूद था लेकिन वह किसी प्राकृतिक या मानवीय घटना (जैसे जंगल की आग) से नष्ट हो गया। यह तेज होता है क्योंकि मिट्टी और बीज पहले से मौजूद होते हैं।
 * जैविक अन्योन्यक्रियाओं के प्रकारों का वर्णन करें।
   उत्तर: जैविक अन्योन्यक्रियाएँ दो या दो से अधिक प्रजातियों के बीच के संबंध हैं।
   * नकारात्मक: परभक्षण (शिकारी-शिकार), परजीविता (एक को लाभ, दूसरे को हानि), स्पर्धा (दोनों को हानि)।
   * सकारात्मक: सहभोजिता (एक को लाभ, दूसरे को कोई प्रभाव नहीं), सहजीविता (दोनों को लाभ)।
   * उदासीन: दोनों को कोई प्रभाव नहीं पड़ता, यह बहुत दुर्लभ है।
 * सहजीविता (Mutualism) और सहभोजिता (Commensalism) के बीच अंतर स्पष्ट करें और प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दें।
   उत्तर:
   * सहजीविता: यह दो प्रजातियों के बीच का संबंध है जिसमें दोनों को लाभ होता है।
     * उदाहरण: दीमक की आंत में रहने वाले सूक्ष्मजीव, जो दीमक को लकड़ी पचाने में मदद करते हैं, जबकि स्वयं भोजन प्राप्त करते हैं।
   * सहभोजिता: इसमें एक प्रजाति को लाभ होता है, जबकि दूसरी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
     * उदाहरण: सकरफिश शार्क से जुड़कर मुफ्त में यात्रा और भोजन प्राप्त करती है, जबकि शार्क पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
निबंधात्मक प्रश्न (5 प्रश्न)
 * पारिस्थितिकी के विभिन्न स्तरों का विस्तृत वर्णन करें और प्रत्येक स्तर पर अध्ययन के प्रकार को स्पष्ट करें।
   उत्तर: पारिस्थितिकी का अध्ययन जीवमंडल में जीवन के संगठन के विभिन्न स्तरों पर किया जाता है।
   * जीव (व्यष्टि): यह अध्ययन की सबसे छोटी इकाई है। इस स्तर पर, वैज्ञानिक किसी एक जीव के आकार, शरीर-क्रिया विज्ञान, व्यवहार, वितरण और अनुकूलन का अध्ययन करते हैं।
   * समष्टि: यह एक ही प्रजाति के जीवों का समूह है। यहाँ, जनसंख्या के आकार, वृद्धि, घनत्व, जन्म दर, मृत्यु दर और उनके बीच के संबंधों का अध्ययन किया जाता है।
   * समुदाय: इसमें विभिन्न प्रजातियों की समष्टियाँ शामिल होती हैं जो एक ही क्षेत्र में रहती हैं। इस स्तर पर समुदाय की संरचना, प्रजातीय विविधता और विभिन्न प्रजातियों के बीच की अन्योन्यक्रियाओं का अध्ययन होता है।
   * पारितंत्र: इसमें जैविक समुदाय और उनके अजैविक पर्यावरण (जैसे जलवायु, मिट्टी, जल) के बीच का संबंध शामिल है। यहाँ, ऊर्जा प्रवाह, पोषक तत्व चक्र और जलवायु के प्रभावों का अध्ययन किया जाता है।
   * बायोम: यह बड़े स्थलीय क्षेत्र होते हैं जिनकी पहचान उनकी विशिष्ट जलवायु और प्रमुख वनस्पति के प्रकार से होती है, जैसे रेगिस्तान, घास के मैदान, या वर्षावन।
   * जैवमंडल: यह पृथ्वी का वह भाग है जहाँ सभी प्रकार के जीव मौजूद हैं। यह सबसे बड़ा स्तर है और इसमें मानवीय गतिविधियों के प्रभाव जैसे वैश्विक जलवायु परिवर्तन और ओजोन छिद्र का अध्ययन किया जाता है।
 * अनुकूलन और विकास की अवधारणाओं को विस्तार से समझाइए। ये एक-दूसरे से किस प्रकार संबंधित हैं?
   उत्तर: अनुकूलन एक जीव की वह विशेषता है जो उसे उसके पर्यावरण में जीवित रहने और प्रजनन करने में मदद करती है। यह एक विशिष्ट कार्य के लिए एक विशिष्ट संरचना या व्यवहार का विकास है। यह आनुवांशिक होता है और पीढ़ियों से विकसित होता है। विकास वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा प्रजातियाँ समय के साथ बदलती हैं। चार्ल्स डार्विन और अल्फ्रेड वैलेस ने प्राकृतिक वरण का सिद्धांत दिया, जो विकास की मुख्य शक्ति है।
   संबंध: विकास और अनुकूलन एक-दूसरे से घनिष्ठ रूप से जुड़े हैं। उत्परिवर्तन और जीन विनिमय के कारण जीवों में विविधता आती है। प्राकृतिक वरण एक 'विकासपरक बल' है जो उन विविधताओं का चयन करता है जो जीव को उसके पर्यावरण के प्रति अधिक अनुकूल बनाती हैं। इस प्रकार, अनुकूलन विकास का परिणाम है। अनुकूलित जीव अधिक जीवित रहते हैं और अपने अनुकूलित जीन को अगली पीढ़ी में स्थानांतरित करते हैं, जिससे प्रजातियों का धीरे-धीरे विकास होता है। 
 * समष्टि क्या है? इसके मुख्य लक्षणों का वर्णन करें और ये लक्षण समष्टि वृद्धि को कैसे प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण करें।
   उत्तर: समष्टि एक ही प्रजाति के जीवों का समूह है जो एक विशिष्ट क्षेत्र में एक निश्चित समय पर रहते हैं। समष्टि के मुख्य लक्षण हैं:
   * समष्टि घनत्व: प्रति इकाई क्षेत्र में जीवों की संख्या।
   * जन्म दर: समष्टि में नए जीवों के जुड़ने की दर।
   * मृत्यु दर: समष्टि से जीवों के ह्रास की दर।
   * आयु वितरण: समष्टि में विभिन्न आयु समूहों (पूर्व-जनन, जनन, जननोत्तर) का अनुपात।
   * प्रवास और अप्रवास: जीवों का क्षेत्र से बाहर जाना और अंदर आना।
     समष्टि वृद्धि पर प्रभाव: समष्टि की वृद्धि (या कमी) इन कारकों के बीच संतुलन पर निर्भर करती है। यदि जन्म दर और अप्रवास की दर मृत्यु दर और प्रवास की दर से अधिक है, तो समष्टि का आकार बढ़ेगा। यदि मृत्यु दर अधिक है, तो समष्टि का आकार घटेगा। आयु वितरण भी वृद्धि को प्रभावित करता है; यदि जनन आयु समूह बड़ा है, तो वृद्धि तेज होगी।
 * पारिस्थितिकीय अनुक्रम की प्रक्रिया का विस्तार से वर्णन करें। प्राथमिक और द्वितीयक अनुक्रम के बीच तुलना करें और उदाहरण दें।
   उत्तर: पारिस्थितिकीय अनुक्रम वह क्रमिक प्रक्रिया है जिसमें एक समुदाय समय के साथ दूसरे समुदाय में परिवर्तित हो जाता है। यह तब तक चलता है जब तक एक स्थायी "चरमोत्कर्ष समुदाय" स्थापित नहीं हो जाता।
   * प्राथमिक अनुक्रम: यह उन क्षेत्रों में होता है जो पूरी तरह से खाली हैं, जहाँ कोई मिट्टी या जीव पहले से मौजूद नहीं थे।
     * उदाहरण: लावा के ठंडा होने से बनी चट्टान, नए रेत के टीले।
     * प्रक्रिया: अग्रगामी प्रजातियाँ जैसे लाइकेन पहले चट्टानों पर उगते हैं, जो मिट्टी बनाने में मदद करते हैं। धीरे-धीरे, घास, झाड़ियाँ और फिर बड़े पेड़ उगते हैं। यह एक बहुत धीमी प्रक्रिया है।
   * द्वितीयक अनुक्रम: यह उन क्षेत्रों में होता है जहाँ पहले एक समुदाय था जो किसी प्राकृतिक या मानवीय घटना से नष्ट हो गया, लेकिन मिट्टी बरकरार है।
     * उदाहरण: जंगल की आग के बाद का क्षेत्र, परित्यक्त खेत।
     * प्रक्रिया: मिट्टी पहले से मौजूद होने के कारण, यह प्रक्रिया प्राथमिक अनुक्रम से बहुत तेज होती है। बीज और जड़ों के अवशेष जल्दी से फिर से उगना शुरू कर देते हैं, जिससे समुदाय का पुनर्निर्माण होता है।
       तुलना: प्राथमिक अनुक्रम में मिट्टी का निर्माण एक महत्वपूर्ण और समय लेने वाला कदम है, जबकि द्वितीयक अनुक्रम में मिट्टी पहले से मौजूद होती है, जिससे यह बहुत तेज होता है। 
 * जैविक अन्योन्यक्रियाओं के विभिन्न प्रकारों का वर्गीकरण करें। प्रत्येक प्रकार को एक-एक उदाहरण के साथ समझाएं।
   उत्तर: जैविक अन्योन्यक्रियाएँ विभिन्न प्रजातियों के बीच के संबंधों को दर्शाती हैं, जो एक या दोनों प्रजातियों के लिए लाभदायक, हानिकारक या उदासीन हो सकते हैं।
   * नकारात्मक अन्योन्यक्रियाएँ:
     * परभक्षण: एक जीव (शिकारी) दूसरे को मारता और खाता है (शिकार)। उदाहरण: शेर हिरण को खाता है।
     * परजीविता: एक जीव (परजीवी) दूसरे (परपोषी) के अंदर या बाहर रहता है, उससे पोषण लेता है और उसे नुकसान पहुँचाता है। उदाहरण: अमरबेल (Dodder) दूसरे पौधों से पोषक तत्व लेती है।
     * स्पर्धा: दो प्रजातियाँ एक ही सीमित संसाधन के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं। उदाहरण: एक ही क्षेत्र में रहने वाली दो प्रकार की चिड़ियाँ एक ही प्रकार के कीटों के लिए लड़ती हैं।
   * सकारात्मक अन्योन्यक्रियाएँ:
     * सहभोजिता: एक प्रजाति को लाभ होता है, जबकि दूसरी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। उदाहरण: सकरफिश शार्क के साथ जुड़कर भोजन प्राप्त करती है।
     * सहजीविता (पारस्परिकता): दोनों प्रजातियों को लाभ होता है। उदाहरण: दीमक और उसकी आंत में रहने वाले सूक्ष्मजीव जो लकड़ी को पचाते हैं।
   * उदासीन अन्योन्यक्रिया:
     * उदासीनता: दो प्रजातियाँ बिना एक-दूसरे को प्रभावित किए साथ रहती हैं। यह बहुत दुर्लभ है। उदाहरण: जंगल में एक हाथी और एक छोटी चिड़िया के बीच का संबंध।

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