कक्षा 12वीं पर्यावरण पाठ 2 पर्यावरण एवं मानव समाज पाठ के प्रश्न और उत्तर


वन लाइन प्रश्नोत्तर (30 प्रश्न)
 * मानव जाति (होमो सेपियंस) का उद्भव कब हुआ?
   * लगभग 25 लाख वर्ष पहले।
 * आदिम मानव भोजन के लिए किस पर निर्भर था?
   * पर्यावरण पर।
 * पृथ्वी की सतह का कितना भाग भूमि है?
   * लगभग 29%।
 * पृथ्वी पर जल का प्राथमिक स्रोत क्या है?
   * वर्षा।
 * ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत क्या है?
   * सौर विकिरण।
 * कोयला किस प्रकार का ईंधन है?
   * जीवाश्मीय ईंधन।
 * पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस किस प्रकार के संसाधन हैं?
   * अनवीकरणीय (नॉन-रिन्यूएबल)।
 * कौन-सी गैस को स्वच्छ ईंधन माना जाता है?
   * सीएनजी (संपीडित प्राकृतिक गैस)।
 * खनिज अयस्क क्या होते हैं?
   * धातुओं के रासायनिक यौगिक।
 * क्या चांदी, सोना और प्लेटिनम बहुमूल्य धातुएं हैं?
   * हाँ।
 * जैविक संसाधन के अंतर्गत क्या आते हैं?
   * पौधे, जंतु और सूक्ष्मजीव।
 * कौन सा जानवर परिवहन के लिए भार वाहक पशु के रूप में प्रयोग होता था?
   * घोड़े, बैल, ऊँट।
 * मानव विकास की प्रथम अवस्था का नाम क्या है?
   * आस्ट्रेलोपिथेकस (Australopithecines)।
 * होमो इरेक्टस ने किस चीज का आविष्कार किया था?
   * हाथ की कुल्हाड़ी।
 * निएन्डरथल मानव किस प्रकार के शिकारी थे?
   * अच्छे शिकारी।
 * आधुनिक मानव की उत्पत्ति कब हुई?
   * लगभग 35,000 वर्ष पहले।
 * आदिम मानव की जीवनशैली क्या थी?
   * शिकारी, संग्राहक और खानाबदोश।
 * आदिम मानव अपना भोजन कैसे खाते थे?
   * बाँटकर।
 * आदिम मानव कहाँ रहते थे?
   * गुफाओं और नदी-किनारों पर।
 * आदिम मानव ने अपने औजार किन चीजों से बनाए थे?
   * पत्थर, हड्डियाँ और लकड़ी।
 * होमो इरेक्टस ने आग की खोज कब की थी?
   * लगभग 2 लाख वर्ष पहले।
 * आदिम मानव ने आग का उपयोग किसलिए किया?
   * गर्माहट, खाना पकाने और जानवरों को भगाने के लिए।
 * आदिम कृषि समाज का गठन कब हुआ?
   * लगभग 10,000 वर्ष पहले।
 * सबसे पहला पालतू पशु कौन था?
   * कुत्ता।
 * बोझा ढोने वाले पशुओं के कुछ उदाहरण दीजिए।
   * बैल, हाथी, ऊँट।
 * पहिये का आविष्कार कब और कहाँ हुआ?
   * संभवतः 5000 वर्ष पूर्व इराक, सीरिया आदि में।
 * कुम्हार की चाक का आविष्कार किससे हुआ था?
   * पहिये से।
 * औद्योगिक क्रांति की शुरुआत किसे माना जाता है?
   * धातु की खोज को।
 * धातु को अयस्क से अलग करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
   * प्रगलन (Smelting)।
 * मानव ने लोहे का प्रयोग कब शुरू किया?
   * 7वीं से 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व तक।
अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (20 प्रश्न)
 * आदिम मानव के दो पैरों पर चलने का क्या लाभ हुआ?
   * उनके हाथ अन्य कामों, जैसे औजार बनाने और भोजन इकट्ठा करने के लिए स्वतंत्र हो गए।
 * बढ़ती जनसंख्या भूमि संसाधनों पर कैसे प्रभाव डाल रही है?
   * बढ़ती जनसंख्या के कारण शहरीकरण, औद्योगीकरण और निर्माण कार्यों के लिए भूमि का तेजी से ह्रास हो रहा है।
 * जल के कोई दो उपयोग बताइए।
   * कृषि के लिए सिंचाई और पीने, नहाने जैसे घरेलू कामों में।
 * जीवाश्मीय ईंधन कैसे बनते हैं?
   * लाखों वर्ष पहले दबी हुई वनस्पति और जलीय जीवों के अत्यधिक दबाव और गर्मी के कारण।
 * अनवीकरणीय संसाधन क्या हैं?
   * वे संसाधन जिनका पुनःनिर्माण नहीं किया जा सकता, जैसे पेट्रोलियम और कोयला।
 * पेट्रोलियम के दो उपयोग बताइए।
   * वाहनों को चलाने, हवाई जहाज और प्लास्टिक बनाने में।
 * खनिज अयस्कों के दो उपयोग क्या हैं?
   * एल्युमिनियम से बर्तन और आयरन से हथियार व मशीनरी बनाना।
 * पौधे जैविक संसाधन के रूप में कैसे उपयोगी हैं?
   * वे भोजन, रेशा (कपास), औद्योगिक कच्चा माल (रबर) और औषधियाँ प्रदान करते हैं।
 * जंतुओं के दो उपयोग बताइए।
   * भोजन (मांस, अंडे) और परिवहन (भार वाहक पशु)।
 * सूक्ष्मजीवों की दो मुख्य भूमिकाएँ क्या हैं?
   * एंटीबायोटिक्स बनाना और मृत जीवों को विघटित करना।
 * शिकारी और संग्राहक से आप क्या समझते हैं?
   * आदिम मानव जो भोजन के लिए शिकार करते थे और पौधों से भोजन इकट्ठा करते थे।
 * आदिम मानव के दो पैर पर चलने से उन्हें क्या लाभ हुए?
   * वे भोजन की जड़ें उखाड़ सकते थे, फल तोड़ सकते थे और औजार बना सकते थे।
 * आदिम मानव ने आग का उपयोग किन कामों के लिए किया?
   * गर्माहट के लिए, खाना पकाने के लिए और खतरनाक जानवरों को भगाने के लिए।
 * आदिम कृषि समाज का निर्माण कैसे हुआ?
   * जब आदिम मानव ने अस्थायी आवासों के पास बीज फेंके और उनसे पौधे उगे, तो उन्हें भोजन उगाना सीखा।
 * पशुपालन की शुरुआत क्यों हुई?
   * भोजन और परिवहन के लिए जानवरों का उपयोग करने के लिए।
 * पहिये के आविष्कार का क्या महत्व था?
   * इसने परिवहन को आसान और तेज बना दिया, और कुम्हार की चाक जैसे उपकरण बनाने में मदद की।
 * औद्योगीकरण का पहला संकेत क्या था?
   * लकड़ी और पत्थरों के औजार और खनन।
 * धातु की खोज को औद्योगिक क्रांति की शुरुआत क्यों माना जाता है?
   * क्योंकि इसने पाषाण युग से निकलकर मजबूत औजार और हथियार बनाना संभव बनाया।
 * प्रगलन (smelting) क्या है?
   * यह वह प्रक्रिया है जिसमें अत्यधिक गर्मी का उपयोग करके अयस्क से धातु को अलग किया जाता है।
 * आदिम मानव और पर्यावरण के बीच संबंध औद्योगिक क्रांति के बाद कैसे बदल गया?
   * आदिम मानव पर्यावरण का सम्मान करते थे, जबकि आधुनिक मानव ने तकनीकी विकास के कारण संसाधनों का अत्यधिक दोहन शुरू कर दिया।
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (10 प्रश्न)
 * प्राकृतिक संसाधनों को जैविक और अजैविक संसाधनों में वर्गीकृत कीजिए और प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए।
   * अजैविक संसाधन: ये निर्जीव भौतिक संसाधन होते हैं, जैसे भूमि, जल, और खनिज।
   * जैविक संसाधन: ये जीवित प्राकृतिक संसाधन होते हैं, जैसे पौधे, जंतु, और सूक्ष्मजीव।
 * जीवाश्म ईंधन (कोयला, पेट्रोलियम) के निर्माण और उपयोग का वर्णन करें।
   * जीवाश्म ईंधन लाखों वर्ष पहले दबी हुई वनस्पति और जलीय जीवों के अवशेषों से बनते हैं। कोयले का उपयोग बिजली बनाने, खाना पकाने और उद्योगों में होता है। पेट्रोलियम का उपयोग वाहनों को चलाने, हवाई जहाज में और प्लास्टिक जैसे उत्पादों को बनाने में होता है।
 * आदिम मानव की जीवनशैली (शिकारी, संग्राहक और खानाबदोश) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
   * आदिम मानव भोजन के लिए मुख्य रूप से जानवरों का शिकार करते थे और जंगलों से फल, बीज और जड़ें इकट्ठा करते थे। वे एक जगह से दूसरी जगह भोजन की तलाश में घूमते थे, इसलिए उन्हें खानाबदोश कहा जाता था। वे छोटे समूहों में रहते थे और गुफाओं या अस्थायी आश्रयों में निवास करते थे।
 * आदिम मानव द्वारा औजारों और आग की खोज का क्या महत्व था?
   * औजारों ने आदिम मानव को शिकार करने, जानवरों की खाल उतारने और भोजन को आसानी से इकट्ठा करने में मदद की। आग की खोज ने उनकी जीवनशैली पर गहरा प्रभाव डाला। यह उन्हें ठंड से बचाती थी, मांस को पकाकर स्वादिष्ट बनाती थी, और खतरनाक जानवरों को दूर भगाती थी, जिससे वे सुरक्षित महसूस करने लगे।
 * कृषि और पशुपालन के उद्भव ने मानव समाज को कैसे प्रभावित किया?
   * कृषि की शुरुआत ने मानव को खानाबदोश जीवन छोड़कर स्थायी रूप से बसने की प्रेरणा दी। इससे आदिम कृषि समाज का गठन हुआ। पशुपालन से उन्हें भोजन (दूध, मांस) और परिवहन (भार वाहक पशु) के साधन मिले। इन बदलावों से जनसंख्या में वृद्धि हुई और सामाजिक संरचना का विकास हुआ।
 * पहिये के आविष्कार ने मानव जीवन में क्या बदलाव लाए?
   * पहिये के आविष्कार ने परिवहन को तेज और अधिक कुशल बनाया। शुरुआत में, इसका उपयोग रथों और गाड़ियों में किया गया। बाद में, इसका उपयोग कुम्हार की चाक और अन्य मशीनों में भी किया जाने लगा, जिसने औद्योगीकरण की नींव रखी।
 * औद्योगीकरण के प्रारम्भिक संकेत क्या थे?
   * औद्योगीकरण के प्रारंभिक संकेत थे पत्थर और लकड़ी के औजार बनाना, खनन, और पहियों का निर्माण। सबसे महत्वपूर्ण कदम धातु की खोज थी, जिससे मजबूत औजार और हथियार बनाए जाने लगे। यह पाषाण युग से निकलकर एक नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत थी।
 * धातु की खोज और प्रगलन प्रक्रिया की व्याख्या करें।
   * कुम्हारों द्वारा बर्तन पकाने के लिए उपयोग की जाने वाली भट्टियों में धातुओं को पिघलते हुए देखा गया, जिससे धातु की खोज हुई। प्रगलन (smelting) वह प्रक्रिया है जिसमें अत्यधिक गर्मी का उपयोग करके चट्टान में दबे अयस्क से धातु को अलग किया जाता है। इस प्रक्रिया ने तांबा, लोहा और कांस्य जैसी धातुओं का उपयोग संभव बनाया।
 * औद्योगीकरण की वृद्धि के मुख्य कारक कौन-कौन से थे?
   * औद्योगीकरण की वृद्धि के लिए कई कारक जिम्मेदार थे:
     * तकनीकी विकास: धातु की खोज से बेहतर औजार और हथियार बनने लगे।
     * जनसंख्या वृद्धि: कृषि में सुधारों के कारण भोजन की उपलब्धता बढ़ी, जिससे जनसंख्या बढ़ी और अधिक संसाधनों की आवश्यकता हुई।
     * संसाधनों का दोहन: बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राकृतिक संसाधनों, जैसे लकड़ी और खनिज, का खनन बढ़ा।
 * आधुनिक समाज ने पर्यावरण को कैसे प्रभावित किया है?
   * आधुनिक समाज ने तकनीकी विकास और जनसंख्या वृद्धि के कारण प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन किया है। इससे जंगल तेजी से घट रहे हैं, वन्यजीव विलुप्त हो रहे हैं, और उद्योगों से होने वाले प्रदूषण ने हवा, पानी और मिट्टी को दूषित कर दिया है। यह सब मानव के अस्तित्व के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है।
निबंधात्मक प्रश्नोत्तर (5 प्रश्न)
 * आदिम मानव समाज के विकास की कहानी का विस्तृत वर्णन करें। आदिम मानव की जीवनशैली, उनके द्वारा बनाए गए औजारों और आग की खोज के महत्व को स्पष्ट करें।
   * आदिम मानव का विकास आस्ट्रेलोपिथेकस से शुरू हुआ, जो सीधे खड़े होकर चलते थे। इसके बाद होमो इरेक्टस आए, जिन्होंने हाथ की कुल्हाड़ी बनाई और आग का उपयोग सीखा। निएन्डरथल मानव अधिक कुशल शिकारी थे और बेहतर औजार बनाते थे। अंत में होमो सेपियंस या आधुनिक मानव का उद्भव हुआ।
   * आदिम मानव एक शिकारी और संग्राहक के रूप में खानाबदोश जीवन जीते थे। वे 20-30 लोगों के समूहों में रहते थे, गुफाओं में निवास करते थे और भोजन के लिए शिकार करते थे और पौधों से भोजन इकट्ठा करते थे।
   * पत्थरों, हड्डियों और लकड़ियों से बनाए गए औजारों ने उन्हें शिकार और भोजन इकट्ठा करने में मदद की। आग की खोज ने उनके जीवन में क्रांति ला दी, जिससे वे सुरक्षित रह सके, भोजन पका सके और ठंडे स्थानों पर भी बस सके।
 * कृषि और पशुपालन के उद्भव ने मानव समाज और पर्यावरण के बीच संबंधों को कैसे बदल दिया? स्थायी जीवन के क्या परिणाम हुए?
   * कृषि और पशुपालन की शुरुआत से पहले, आदिम मानव खानाबदोश जीवन जीते थे और पर्यावरण पर सीधे तौर पर निर्भर थे। जब उन्होंने खेती करना और पशु पालना सीखा, तो उन्होंने स्थायी रूप से रहना शुरू कर दिया।
   * इस बदलाव से जनसंख्या में वृद्धि हुई और सामाजिक संरचना का विकास हुआ। स्थायी बस्तियों के लिए जंगलों को साफ करके कृषि भूमि बनाई गई, जिससे पर्यावरण का दोहन शुरू हुआ। पशुपालन से उन्हें भोजन और परिवहन के लिए जानवर मिले। इस प्रकार, मानव अब सिर्फ पर्यावरण पर निर्भर नहीं रहा, बल्कि उसने अपने लाभ के लिए पर्यावरण को बदलना शुरू कर दिया।
 * पहिये के आविष्कार से लेकर औद्योगीकरण के प्रारंभिक चरण तक की यात्रा का वर्णन करें। इस प्रक्रिया में धातु की खोज का क्या योगदान था?
   * पहिये का आविष्कार मानव इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना थी, जिसने परिवहन को आसान बनाया। शुरुआती पहिये लकड़ी के थे, जिनका उपयोग रथों में होता था। इसके बाद, औद्योगीकरण की दिशा में अगला बड़ा कदम धातु की खोज थी।
   * कुम्हारों की भट्टियों में धातु के पिघलने को देखकर 'प्रगलन' की प्रक्रिया की खोज हुई। पहले तांबा और सोना, फिर कांस्य (तांबा और टिन का मिश्रण) और अंत में लोहे का उपयोग शुरू हुआ। धातु के औजारों ने कृषि को उन्नत किया और मजबूत हथियार बनाने में मदद की। इस तकनीकी विकास को औद्योगिक क्रांति की शुरुआत माना जाता है, जिसने मानव को पाषाण युग से बाहर निकाला।
 * प्राकृतिक संसाधनों को अजैविक और जैविक संसाधनों में वर्गीकृत करते हुए उनके अत्यधिक दोहन के कारणों और परिणामों की व्याख्या करें।
   * अजैविक संसाधन (भूमि, जल, ऊर्जा, खनिज) और जैविक संसाधन (पौधे, जंतु, सूक्ष्मजीव) मानव जीवन के लिए अनिवार्य हैं।
   * अत्यधिक दोहन के कारण:
     * जनसंख्या वृद्धि: बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों को पूरा करने के लिए संसाधनों का उपयोग बढ़ा।
     * तकनीकी विकास: नई तकनीकों ने संसाधनों के निष्कर्षण को आसान और तेज बना दिया।
     * शहरीकरण और औद्योगीकरण: शहरों और उद्योगों के विकास के लिए भूमि, पानी और ऊर्जा की मांग बढ़ी।
   * परिणाम:
     * संसाधनों की कमी: जीवाश्म ईंधन और खनिज जैसे अनवीकरणीय संसाधन तेजी से समाप्त हो रहे हैं।
     * पर्यावरणीय प्रदूषण: उद्योगों और वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण से हवा, जल और मिट्टी दूषित हो रही है।
     * वन्यजीवों का विनाश: जंगलों की कटाई से वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहा है, जिससे कई प्रजातियाँ विलुप्त होने की कगार पर हैं।
 * मानव और पर्यावरण के बीच संबंधों में आए बदलावों पर एक निबंध लिखें, जिसमें आदिम समाज से लेकर औद्योगिक क्रांति तक के सफर का वर्णन हो और यह स्पष्ट हो कि यह संबंध आज क्यों खतरे में है।
   * आदिम समाज में, मानव और पर्यावरण के बीच एक संतुलित और सम्मानपूर्ण संबंध था। मानव पर्यावरण पर निर्भर था और उसके संसाधनों का उपयोग सिर्फ अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए करता था। वे शिकारी-संग्राहक के रूप में रहते थे और पर्यावरण को अपना घर मानते थे।
   * कृषि के आगमन के साथ यह संबंध बदलना शुरू हुआ। मानव ने स्थायी बस्तियां बनाईं और अपनी जरूरतों के लिए पर्यावरण को बदलना शुरू किया।
   * औद्योगिक क्रांति ने इस संबंध को पूरी तरह से बदल दिया। तकनीकी विकास और जनसंख्या वृद्धि ने संसाधनों के अंधाधुंध दोहन को बढ़ावा दिया। जीवाश्म ईंधन, खनिज और जंगल जैसी प्राकृतिक संपदा का अत्यधिक उपयोग हुआ, जिससे प्रदूषण बढ़ा और पर्यावरण का गंभीर अवक्रमण हुआ।
   * आज, यह संबंध खतरे में है क्योंकि मानव पर्यावरण को एक संसाधन के रूप में देखता है, न कि अपने जीवन के आधार के रूप में। इस असंतुलन के कारण जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जैव विविधता का नुकसान हो रहा है, जो मानव जाति के भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा है।

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