कक्षा 10 भारतीय संस्कृति और विरासत अध्याय 9 भारतीय संस्कृति का विदेश में प्रसार पाठ के प्रश्न और उत्तर


एक पंक्ति में उत्तर (One-Line Answers)
 * भारतीय संस्कृति का विदेशों में प्रसार किन तीन प्रमुख माध्यमों से हुआ?
   * व्यापार, बौद्ध धर्म का प्रसार और विश्वविद्यालयों का योगदान।
 * भारत को 'सोने की चिड़िया' क्यों कहा जाता था?
   * विदेशी व्यापार के कारण।
 * सम्राट अशोक के किन दो बच्चों ने श्रीलंका में बौद्ध धर्म का प्रसार किया?
   * पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा।
 * प्राचीन भारत के किन्हीं दो प्रमुख विश्वविद्यालयों के नाम बताएं।
   * नालंदा विश्वविद्यालय और तक्षशिला विश्वविद्यालय।
 * ह्वेनसांग किस देश का यात्री था और उसने किस विश्वविद्यालय का वर्णन किया?
   * वह चीन का यात्री था और उसने नालंदा विश्वविद्यालय का वर्णन किया।
 * भारत और मेसोपोटामिया के व्यापारिक संबंध किस सभ्यता काल से थे?
   * सिंधु घाटी सभ्यता के काल से।
 * चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में सेल्यूकस ने किसे राजदूत बनाकर भेजा था?
   * मेगस्थनीज को।
 * किस पुस्तक से भारत के रोम के साथ व्यापारिक संबंधों की जानकारी मिलती है?
   * 'पेरिप्लस ऑफ दी एरिथियन सी'।
 * ऋग्वेद में अफगानिस्तान की कौन-सी दो नदियों का उल्लेख मिलता है?
   * काबुल और गोमल।
 * तिब्बती वर्णमाला और व्याकरण का सृजन किस आधार पर किया गया?
   * भारतीय भाषाओं के आधार पर।
 * कौटिल्य ने अपने ग्रंथ 'अर्थशास्त्र' में किस देश के रेशम का उल्लेख किया है?
   * चीनी रेशम का।
 * कौन-से दो भारतीय आचार्य 67 ईस्वी में चीन गए थे?
   * कश्यप मातंग और धर्मरक्षित।
 * जापान में संस्कृत को किस नाम से जाना जाता था?
   * पवित्र भाषा।
 * जावा द्वीप का प्राचीन नाम क्या था?
   * 'यवद्वीप'।
 * श्रीलंका में भारतीय संस्कृति का प्रसार करने वाले पहले व्यक्ति कौन माने जाते हैं?
   * भगवान श्रीराम।
 * म्यांमार में बौद्ध संस्कृति का महान केंद्र कौन-सा स्थान था?
   * पगान।
 * किस देश के शहरों के नाम संस्कृत में रखे गए, जैसे अयोध्या और द्वारावती?
   * थाईलैंड (स्याम)।
 * किस ब्राह्मण ने हिन्द-चीन में अपना राज्य स्थापित किया?
   * कौण्डिन्य।
 * कंबोडिया में स्थित विश्वविख्यात विष्णु मंदिर का नाम क्या है?
   * अंगकोरवाट मंदिर।
 * इंडोनेशिया के किस द्वीप पर आज भी हिन्दू संस्कृति जीवित है?
   * बाली द्वीप।
 * अंगकोरवाट मंदिर का निर्माण किस शासक ने करवाया था?
   * सूर्यवर्मा।
 * इंडोनेशिया के किस स्तूप को विश्वप्रसिद्ध माना जाता है?
   * बोरो बुदुर का स्तूप।
 * किस भारतीय प्रचारक ने संस्कृत ग्रंथों का चीनी भाषा में अनुवाद किया?
   * आचार्य कुमारजीव।
 * किस वंश के राजाओं ने बिहार के ओदंतपुरी विश्वविद्यालय को संरक्षण दिया था?
   * पाल वंश के राजाओं ने।
 * चीनी यात्री इत्सिंग ने किस राज्य का उल्लेख किया है जो बौद्ध धर्म का अनुयायी था?
   * सुमात्रा के राज्य श्री विजय का।
 * ईरान के राजा दारा प्रथम ने किस क्षेत्र पर अधिकार किया था?
   * भारत के कुछ क्षेत्रों पर।
 * किस भारतीय राजा ने अपनी पुत्री हेलना का विवाह यूनानी शासक सेल्यूकस के साथ किया था?
   * चंद्रगुप्त मौर्य ने।
 * रोम से व्यापार के कारण कुछ भारतीय व्यापारी कहाँ बस गए थे?
   * सिकंदरिया में।
 * किस देश में भारतीय लिपि में लिखे संस्कृत शिलालेख संस्कृति के प्रसार का महत्वपूर्ण स्रोत हैं?
   * दक्षिण-पूर्वी एशिया में।
 * बाली में किस वंश का शासन था, जब भारतीय उपनिवेश स्थापित हुआ?
   * कौण्डिन्य वंश का।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answers)
 * भारतीय संस्कृति के प्रसार में व्यापारियों की भूमिका क्या थी?
   * भारतीय व्यापारी सोने की खोज में दक्षिण-पूर्वी एशिया तक गए और उन्होंने उन क्षेत्रों में भारतीय संस्कृति और सभ्यता का प्रसार किया। वे राजाओं के राजदूतों का कार्य भी करते थे, जिससे राजनीतिक संबंध भी स्थापित हुए।
 * प्राचीन भारतीय विश्वविद्यालयों ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान में कैसे मदद की?
   * नालंदा, विक्रमशिला और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालयों में बड़ी संख्या में विदेशी छात्र और विद्वान अध्ययन करने आते थे। शिक्षा पूरी होने के बाद ये लोग भारतीय संस्कृति, ज्ञान और दर्शन को अपने देशों में ले जाते थे।
 * सम्राट अशोक का बौद्ध धर्म के प्रसार में क्या योगदान था?
   * सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए सुनियोजित कार्य किया। उन्होंने अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा जैसे धर्म प्रचारकों को श्रीलंका और अन्य पश्चिमी देशों में भेजा, जिससे बौद्ध धर्म का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसार हुआ।
 * भारत और रोम के बीच व्यापारिक संबंधों की मुख्य विशेषताएँ क्या थीं?
   * भारत और रोम के बीच समुद्री व्यापार होता था, जिसकी जानकारी 'पेरिप्लस ऑफ दी एरिथियन सी' नामक पुस्तक से मिलती है। भारत से काली मिर्च, मलमल और मूल्यवान पत्थर रोम भेजे जाते थे, जिसके बदले में भारत को भारी मात्रा में रोम के सोने के सिक्के मिलते थे।
 * अफगानिस्तान पर भारतीय संस्कृति का क्या प्रभाव पड़ा?
   * अफगानिस्तान बौद्ध धर्म से बहुत प्रभावित था। यहाँ गजनी जैसे स्थान बौद्ध धर्म के महत्वपूर्ण केंद्र थे। हड्‌डा में 531 बौद्ध स्तूपों और काबुल के पास महात्मा बुद्ध की मूर्तियां मिली हैं, जो भारतीय प्रभाव का प्रमाण हैं।
 * तिब्बत में भारतीय संस्कृति कैसे पहुँची?
   * सातवीं शताब्दी में तिब्बत के राजा संघ-सैन-गैम्पो ने नेपाल की राजकुमारी से विवाह किया और उनके प्रभाव में बौद्ध धर्म अपनाया। इसके बाद कई तिब्बती छात्र भारत आए और भारतीय विद्वान तिब्बत गए। उन्होंने भारतीय भाषाओं के आधार पर तिब्बती वर्णमाला और व्याकरण का सृजन किया।
 * चीन में भारतीय संस्कृति के शुरुआती प्रसार में किन आचार्यों का योगदान था?
   * 67 ईस्वी में भारतीय आचार्य कश्यप मातंग और धर्मरक्षित चीन गए। उन्होंने चीनी भाषा में बौद्ध ग्रंथों का अनुवाद किया, जिससे चीन में बौद्ध धर्म की जड़ें जमने लगीं। बाद में कुमारजीव और गुणवर्मा जैसे विद्वानों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
 * कोरिया और जापान में भारतीय संस्कृति कैसे पहुँची?
   * कोरिया और जापान में भारतीय संस्कृति सीधे भारत से नहीं, बल्कि चीन के माध्यम से पहुँची। बौद्ध भिक्षुओं और कलाकृतियों के माध्यम से धर्म, दर्शन, मूर्तिकला और धातु विज्ञान का ज्ञान इन देशों में फैला।
 * श्रीलंका और भारत के बीच रामायण काल से चले आ रहे संबंधों का उल्लेख करें।
   * पाठ के अनुसार, भगवान श्रीराम ने ही श्रीलंका की यात्रा करने वाले पहले व्यक्ति थे। रामायण में वहाँ की सिंहली जाति को यक्ष व नाग कहा गया है। बाद में गुजरात के युवराज विजय ने लंका पर विजय प्राप्त कर उसका नाम 'सिंह द्वीप' रखा।
 * म्यांमार में भारतीय संस्कृति के प्रभाव के कुछ प्रमाण क्या हैं?
   * म्यांमार में पगान नामक स्थान 11वीं से 13वीं शताब्दी तक बौद्ध संस्कृति का केंद्र था, जहाँ हजारों मंदिर और मठ बने थे। यहाँ के प्रमुख नगरों के नाम भारतीय थे और अभिलेख संस्कृत भाषा में लिखे गए थे। यहाँ मनुस्मृति और याज्ञवल्क्य स्मृति से प्रभावित ग्रंथ भी मिले हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न (Longer Answers)
 * भारतीय संस्कृति का प्रसार शांतिपूर्ण माध्यमों से ही क्यों हुआ?
   * भारतीय संस्कृति का प्रसार तलवार या छल-कपट के बजाय व्यापार, शिक्षा और धर्म प्रचार जैसे शांतिपूर्ण माध्यमों से हुआ। व्यापारियों ने व्यापार के बहाने संस्कृति को फैलाया, वहीं बौद्ध धर्म के प्रचारकों ने अहिंसा और प्रेम के संदेश के साथ दूर-दराज के देशों में अपनी छाप छोड़ी। इसके अलावा, प्राचीन विश्वविद्यालयों ने ज्ञान के आदान-प्रदान से दुनिया को भारत से जोड़ा।
 * हिन्द-चीन क्षेत्र को यह नाम क्यों मिला और वहाँ भारतीय संस्कृति का क्या प्रभाव पड़ा?
   * इस क्षेत्र को हिन्द-चीन इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहाँ भारतीय और चीनी संस्कृतियों का सुंदर समन्वय हुआ। कौण्डिन्य नामक एक ब्राह्मण ने यहाँ अपना राज्य स्थापित किया और स्थानीय लोगों को सभ्य बनाया। इस क्षेत्र के राज्यों जैसे कंबोडिया और वियतनाम में हिन्दू और बौद्ध धर्म का गहरा प्रभाव पड़ा।
 * कंबोडिया में भारतीय संस्कृति के प्रभाव को अंगकोरवाट मंदिर के उदाहरण से स्पष्ट करें।
   * कंबोडिया को भारतीय संस्कृति का केंद्र माना जाता है। यहाँ के शासक सूर्यवर्मा ने अंगकोरवाट का विख्यात विष्णु मंदिर बनवाया। इस मंदिर की दीवारों पर रामायण और महाभारत के चित्र अंकित हैं। मंदिर की स्थापत्य शैली पर गुप्तकाल और द्रविड़ शैली का प्रभाव दिखता है। यह मंदिर भारतीय कला और धार्मिक आदर्शों के प्रसार का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
 * इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति के प्रभाव का वर्णन करें, विशेष रूप से बाली द्वीप के संदर्भ में।
   * इंडोनेशिया में जावा, सुमात्रा और बोर्नियो जैसे द्वीपों में भारतीय उपनिवेश स्थापित हुए। यहाँ हिन्दू और बौद्ध धर्मों का प्रभाव था, जिसके प्रमाण बोरो बुदुर जैसे प्रसिद्ध स्तूप और शिव मंदिर हैं। बाली द्वीप का विशेष महत्व है क्योंकि यह एकमात्र ऐसा द्वीप है जहाँ आज भी हिन्दू संस्कृति, परंपराएँ और पूजा-अर्चना जीवित है, जबकि पड़ोसी द्वीपों में यह समाप्त हो गई।
 * भारत और चीन के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान में कौन-से महत्वपूर्ण व्यक्ति और घटनाएँ शामिल थीं?
   * भारत और चीन के बीच प्राचीन व्यापारिक संबंध थे, जिसका उल्लेख 'अर्थशास्त्र' और 'अभिज्ञानशाकुंतलम्' में मिलता है। 65 ईस्वी में भारतीय आचार्यों कश्यप मातंग और धर्मरक्षित के चीन जाने के बाद सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ा। कुमारजीव, गुणवर्मा और परमार्थ जैसे विद्वानों ने संस्कृत ग्रंथों का चीनी में अनुवाद किया। चीनी यात्री ह्वेनसांग और इत्सिंग जैसे विद्वानों ने भारत आकर नालंदा में अध्ययन किया और दोनों देशों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया।

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