1.वस्तुओं और सेवाओं का उपयोग किस लिए किया जाता है?
आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए।
2.किसी वस्तु को खरीदने की इच्छा कब माँग बनती है?
जब उसे क्रय शक्ति और खर्च करने की तत्परता का समर्थन हो।
3.माँग शब्द का अभिप्राय किस वस्तु की मात्रा से है?
एक विशिष्ट कीमत और विशिष्ट समय पर खरीदी गई मात्रा से।
4.एक व्यक्तिगत उपभोक्ता की माँग और बाजार माँग में मुख्य अंतर क्या है?
बाजार माँग सभी उपभोक्ताओं की माँगी गई मात्राओं का योग है।
5.माँग के नियम के अनुसार, कीमत और माँगी गई मात्रा के बीच कैसा संबंध होता है?
विपरीत (उल्टा/ऋणात्मक) संबंध।
6.माँग वक्र का ढाल कैसा होता है?
बाएं से दाएं नीचे की ओर ढालू।
7.माँग के नियम का आधार क्या है?
ह्रासमान सीमांत उपयोगिता नियम (LDMU)।
8.चाय और कॉफी किस प्रकार की वस्तुओं के उदाहरण हैं?
प्रतिस्थापन वस्तुएँ (Substitutes)।
9.कार और पेट्रोल किस प्रकार की वस्तुओं के उदाहरण हैं?
पूरक वस्तुएँ (Complements)।
10.वस्तु X की कीमत बढ़ने पर प्रतिस्थापन वस्तु Y की माँग पर क्या प्रभाव पड़ता है?
माँग बढ़ जाती है।
11.वस्तु X की कीमत बढ़ने पर पूरक वस्तु Y की माँग पर क्या प्रभाव पड़ता है?
माँग घट जाती है।
12.आय में वृद्धि होने पर सामान्य वस्तुओं की माँग पर क्या प्रभाव पड़ता है?
माँग बढ़ जाती है।
13.आय में वृद्धि होने पर निम्नस्तरीय (घटिया) वस्तुओं की माँग पर क्या प्रभाव पड़ता है?
माँग घट जाती है।
14.वह कारक जिसके परिवर्तन से माँग वक्र पर संचालन होता है?
वस्तु की अपनी कीमत।
15.माँग वक्र का संचलन (movement) किसके परिवर्तन से होता है?
केवल वस्तु की कीमत के परिवर्तन से।
16.माँग वक्र का स्थानांतरण (shift) किसके परिवर्तन से होता है?
गैर-कीमत कारकों (जैसे आय, रुचि) के परिवर्तन से।
17.कीमत घटने पर माँगी गई मात्रा में वृद्धि को क्या कहते हैं?
माँग में विस्तार (Expansion)।
18.कीमत बढ़ने पर माँगी गई मात्रा में कमी को क्या कहते हैं?
माँग में संकुचन (Contraction)।
19.अन्य कारकों के कारण माँग में वृद्धि होने पर माँग वक्र किस ओर खिसकता है?
दाईं ओर।
20.अन्य कारकों के कारण माँग में कमी होने पर माँग वक्र किस ओर खिसकता है?
बाईं ओर।
21.माँग के नियम का एक अपवाद बताइए।
गिफ़न वस्तुएँ या भविष्य की प्रत्याशाएँ।
22.माँग को प्रभावित करने वाला एक गैर-कीमत कारक बताइए।
उपभोक्ता की रुचि और प्राथमिकताएँ।
23.एक वस्तु की कीमत के अतिरिक्त अन्य कारक स्थिर रहें, इसे क्या कहते हैं?
अन्य बातें समान रहें (Ceteris Paribus)।
24.वह वस्तुएँ जिनका उपभोग एक साथ किया जाता है, क्या कहलाती हैं?
पूरक वस्तुएँ।
25.वह वस्तुएँ जिनका प्रयोग एक-दूसरे के स्थान पर किया जाता है, क्या कहलाती हैं?
प्रतिस्थापन वस्तुएँ।
26.भविष्य में कीमत बढ़ने की प्रत्याशा होने पर वर्तमान माँग पर क्या प्रभाव पड़ता है?
माँग बढ़ जाती है।
27.माँग तालिका क्या दर्शाती है?
कीमत और माँगी गई मात्रा का संबंध।
28.माँग में संचलन को और किस नाम से जाना जाता है?
माँग की मात्रा में परिवर्तन।
29.माँग में स्थानांतरण को और किस नाम से जाना जाता है?
माँग में परिवर्तन।
30.माँग के नियम के अपवादों को किस नाम से जाना जाता है?
धनात्मक ढाल का माँग वक्र।
2. 20 अति लघुतात्मक के प्रश्न उत्तर (Very Short Answer Type Questions and Answers)
1.इच्छा, आवश्यकता और माँग में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर: इच्छा किसी वस्तु को पाने की मात्र चाह है। आवश्यकता तब बनती है जब इच्छा को क्रय शक्ति का समर्थन प्राप्त हो। माँग तब बनती है जब आवश्यकता के साथ खर्च करने की तत्परता और एक विशिष्ट कीमत/समय जुड़ा हो।
2.माँग को परिभाषित करने के लिए कौन-से तीन तत्व आवश्यक हैं?
उत्तर: 1. किसी वस्तु को खरीदने की इच्छा। 2. उसे खरीदने के लिए पर्याप्त क्रय शक्ति (मुद्रा)। 3. उस क्रय शक्ति को खर्च करने की तत्परता।
3.माँग का नियम क्या है? (Ceteris Paribus को शामिल करते हुए)
उत्तर: अन्य बातें समान रहने पर (Ceteris Paribus), किसी वस्तु की कीमत और उसकी माँगी गई मात्रा के बीच विपरीत संबंध होता है; अर्थात् कीमत बढ़ने पर माँगी गई मात्रा घटती है, और कीमत घटने पर माँगी गई मात्रा बढ़ती है।
4.माँग वक्र नीचे की ओर ढालू क्यों होता है? (कोई एक कारण दें)
उत्तर: ह्रासमान सीमांत उपयोगिता नियम (LDMU) के कारण। उपभोक्ता वस्तु की अगली इकाई खरीदने के लिए तभी तैयार होता है जब उसकी कीमत कम हो, क्योंकि उसे अगली इकाई से कम संतुष्टि (MU) मिलेगी।
5.प्रतिस्थापन वस्तुएँ क्या हैं? उदाहरण दें।
उत्तर: वे वस्तुएँ जिनका उपयोग एक-दूसरे के स्थान पर किया जा सकता है, जैसे चाय और कॉफी या पेन और पेंसिल।
6.पूरक वस्तुएँ क्या हैं? उदाहरण दें।
उत्तर: वे वस्तुएँ जिनका उपभोग एक साथ किया जाता है, जैसे कार और पेट्रोल या कैमरा और फिल्म।
7.सामान्य वस्तुएँ (Normal Goods) क्या हैं?
उत्तर: वे वस्तुएँ जिनकी माँग उपभोक्ता की आय में वृद्धि के साथ बढ़ती है, और आय में कमी के साथ घटती है (धनात्मक आय प्रभाव)।
8.निम्नस्तरीय वस्तुएँ (Inferior Goods) क्या हैं?
उत्तर: वे वस्तुएँ जिनकी माँग उपभोक्ता की आय में वृद्धि के साथ घटती है, और आय में कमी के साथ बढ़ती है (ऋणात्मक आय प्रभाव)।
9.'माँग में विस्तार' (Expansion in Demand) का क्या अर्थ है?
उत्तर: वस्तु की अपनी कीमत घटने के कारण माँगी गई मात्रा में होने वाली वृद्धि को 'माँग में विस्तार' कहते हैं, यह माँग वक्र पर नीचे की ओर संचलन को दर्शाता है।
10.'माँग में संकुचन' (Contraction in Demand) का क्या अर्थ है?
उत्तर: वस्तु की अपनी कीमत बढ़ने के कारण माँगी गई मात्रा में होने वाली कमी को 'माँग में संकुचन' कहते हैं, यह माँग वक्र पर ऊपर की ओर संचलन को दर्शाता है।
11.'माँग में वृद्धि' (Increase in Demand) का क्या अर्थ है?
उत्तर: कीमत स्थिर रहने पर या कीमत के अलावा अन्य कारकों (जैसे आय बढ़ना) के कारण माँग में होने वाली वृद्धि को 'माँग में वृद्धि' कहते हैं, इसमें माँग वक्र दाईं ओर खिसक जाता है।
12.'माँग में कमी' (Decrease in Demand) का क्या अर्थ है?
उत्तर: कीमत स्थिर रहने पर या कीमत के अलावा अन्य कारकों (जैसे आय घटना) के कारण माँग में होने वाली कमी को 'माँग में कमी' कहते हैं, इसमें माँग वक्र बाईं ओर खिसक जाता है।
13.वस्तु X की कीमत बढ़ने पर प्रतिस्थापन वस्तु Y की माँग पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: वस्तु X की कीमत बढ़ने पर प्रतिस्थापन वस्तु Y सापेक्षिक रूप से सस्ती हो जाती है, इसलिए वस्तु Y की माँग बढ़ जाती है (धनात्मक संबंध)।
14.यदि वस्तु Y की कीमत घटती है और इससे वस्तु X की माँग बढ़ती है, तो वस्तु X और Y में कैसा संबंध है?
उत्तर: वे पूरक वस्तुएँ (Complementary Goods) हैं। (जैसे- पेट्रोल सस्ता होने पर कार की माँग बढ़ती है)।
15.माँग के नियम के दो अपवाद बताइए।
उत्तर: 1. गिफ़न वस्तुएँ। 2. स्थिति (Prestige) वाली वस्तुएँ (जैसे- हीरा, महंगी कार)।
16.माँग को प्रभावित करने वाले किन्हीं दो गैर-कीमत कारकों के नाम लिखिए।
उत्तर: 1. उपभोक्ता की आय। 2. उपभोक्ता की रुचि और प्राथमिकताएँ।
17.उपभोक्ता की रुचि और प्राथमिकताएँ माँग को कैसे प्रभावित करती हैं?
उत्तर: यदि उपभोक्ता की रुचि किसी वस्तु के पक्ष में है, तो उसकी माँग बढ़ेगी और माँग वक्र दाईं ओर खिसकेगा, और इसके विपरीत।
18.बाजार माँग को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: बाजार माँग एक विशिष्ट कीमत पर और एक विशिष्ट समय पर, एक बाजार में सभी व्यक्तिगत उपभोक्ताओं द्वारा माँगी गई मात्राओं का योग होती है।
19.बाजार माँग को प्रभावित करने वाले दो कारक बताइए जो व्यक्तिगत माँग को प्रभावित नहीं करते हैं।
उत्तर: 1. बाजार में उपभोक्ताओं की संख्या। 2. आय का वितरण।
20.भविष्य की कीमत प्रत्याशाएँ (Expectations) वर्तमान माँग को कैसे प्रभावित करती हैं?
उत्तर: यदि उपभोक्ता को लगता है कि भविष्य में कीमत बढ़ेगी, तो वह वर्तमान में माँग बढ़ा देगा, और इसके विपरीत।
3. 10 लघुत्रात्मक के प्रश्न (Short Answer Type Questions)
1.इच्छा, आवश्यकता और माँग में अंतर स्पष्ट करते हुए माँग को विस्तृत रूप से परिभाषित कीजिए।
उत्तर: इच्छा मात्र एक मानसिक चाहत है। आवश्यकता इच्छा का वह रूप है जिसे खरीदने के लिए क्रय शक्ति हो। माँग तभी उत्पन्न होती है जब आवश्यकता के साथ उपभोक्ता वस्तु खरीदने के लिए तैयार भी हो, और यह एक विशिष्ट कीमत और समय पर आधारित होती है। माँग वह मात्रा है जिसे उपभोक्ता एक निश्चित समय और कीमत पर क्रय करने को तैयार और समर्थ है।
2.किसी वस्तु की व्यक्तिगत माँग को प्रभावित करने वाले किन्हीं चार कारकों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
वस्तु की अपनी कीमत (P_X): माँग के नियम के अनुसार, कीमत और माँगी गई मात्रा में विपरीत संबंध होता है।
उपभोक्ता की आय (Y): सामान्य वस्तुओं के लिए धनात्मक और निम्नस्तरीय वस्तुओं के लिए ऋणात्मक संबंध होता है।
संबंधित वस्तुओं की कीमत (P_R): प्रतिस्थापन वस्तुओं में धनात्मक संबंध और पूरक वस्तुओं में ऋणात्मक संबंध होता है।
रुचि और प्राथमिकताएँ (T): यदि रुचि वस्तु के पक्ष में है तो माँग बढ़ती है, और विपरीत होने पर घटती है।
4.प्रतिस्थापन वस्तुओं और पूरक वस्तुओं के बीच अंतर को स्पष्ट कीजिए और प्रत्येक के संदर्भ में वस्तु की कीमत का दूसरी वस्तु की माँग पर पड़ने वाले प्रभाव को समझाइए।
उत्तर: | आधार | प्रतिस्थापन वस्तुएँ | पूरक वस्तुएँ | | :--- | :--- | :--- | | अर्थ | एक-दूसरे के स्थान पर प्रयुक्त (जैसे- चाय और कॉफी)। | एक साथ प्रयुक्त (जैसे- कार और पेट्रोल)। | | कीमत संबंध | वस्तु P_X और माँग Q_Y में धनात्मक संबंध। | वस्तु P_X और माँग Q_Y में ऋणात्मक संबंध। | | उदाहरण | यदि चाय की कीमत बढ़े तो कॉफी की माँग बढ़ेगी। | यदि कार की कीमत बढ़े तो पेट्रोल की माँग घटेगी। |
5.माँग का नियम क्या है? इसकी व्याख्या एक काल्पनिक माँग तालिका की सहायता से कीजिए।
उत्तर: माँग का नियम बताता है कि अन्य कारक स्थिर रहने पर, वस्तु की कीमत और माँगी गई मात्रा के बीच विपरीत संबंध होता है।
काल्पनिक माँग तालिका: | कीमत (₹ प्रति इकाई) | माँगी गई मात्रा (इकाई) | | :---: | :---: | | 10 | 100 | | 8 | 150 | | 6 | 220 |
तालिका दर्शाती है कि जैसे-जैसे कीमत ₹10 से ₹6 तक घटती है, माँगी गई मात्रा 100 से बढ़कर 220 हो जाती है, जो माँग के नियम को सिद्ध करता है।
6.माँग के नियम के लागू होने के किन्हीं तीन कारणों (तर्कों) की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
ह्रासमान सीमांत उपयोगिता नियम (LDMU): जैसे-जैसे कोई व्यक्ति किसी वस्तु का अधिक उपभोग करता है, उसकी MU घटती जाती है। इसलिए, उपभोक्ता अगली इकाई केवल तभी खरीदेगा जब उसकी कीमत पहले से कम हो।
आय प्रभाव (Income Effect): कीमत घटने पर उपभोक्ता की वास्तविक आय बढ़ जाती है, जिससे वह उसी वस्तु का अधिक क्रय कर सकता है।
प्रतिस्थापन प्रभाव (Substitution Effect): कीमत घटने पर वह वस्तु अन्य प्रतिस्थापन वस्तुओं की तुलना में सापेक्षिक रूप से सस्ती हो जाती है, जिससे उपभोक्ता अन्य वस्तुओं के स्थान पर इस वस्तु का अधिक उपभोग करता है।
7.माँग वक्र पर संचलन (Movement) और माँग वक्र का स्थानांतरण (Shift) में मुख्य अंतर क्या है? संक्षेप में समझाइए।
उत्तर: | आधार | माँग वक्र पर संचलन (Movement) | माँग वक्र का स्थानांतरण (Shift) | | :--- | :--- | :--- | | कारण | वस्तु की अपनी कीमत में परिवर्तन। | गैर-कीमत कारकों (आय, रुचि आदि) में परिवर्तन। | | परिणाम | माँग की मात्रा में परिवर्तन (विस्तार या संकुचन)। | माँग में परिवर्तन (वृद्धि या कमी)। | | वक्र पर प्रभाव | उपभोक्ता एक ही माँग वक्र पर ऊपर या नीचे चलता है। | माँग वक्र दाईं या बाईं ओर खिसक जाता है। |
8.'माँग में विस्तार' और 'माँग में वृद्धि' के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
माँग में विस्तार (Expansion in Demand): यह माँग वक्र पर एक नीचे की ओर संचलन है जो वस्तु की अपनी कीमत घटने के कारण होता है। अन्य कारक स्थिर रहते हैं।
माँग में वृद्धि (Increase in Demand): यह माँग वक्र का दाईं ओर स्थानांतरण है जो गैर-कीमत कारकों (जैसे- आय बढ़ना, पूरक वस्तु की कीमत घटना) के कारण होता है, जबकि वस्तु की अपनी कीमत स्थिर रहती है।
9.उपभोक्ता की आय में परिवर्तन का सामान्य वस्तुओं और निम्नस्तरीय वस्तुओं की माँग पर पड़ने वाले प्रभावों की तुलना कीजिए।
उत्तर:
सामान्य वस्तुएँ: आय और माँग में धनात्मक (सीधा) संबंध होता है। आय बढ़ने पर सामान्य वस्तुओं की माँग बढ़ती है (माँग वक्र दाईं ओर)।
निम्नस्तरीय वस्तुएँ: आय और माँग में ऋणात्मक (विपरीत) संबंध होता है। आय बढ़ने पर उपभोक्ता निम्नस्तरीय वस्तुओं (जैसे मोटे अनाज) का उपभोग कम कर देता है और उच्च गुणवत्ता वाली सामान्य वस्तुओं की ओर बढ़ता है (माँग वक्र बाईं ओर)।
10.बाजार माँग क्या है? बाजार माँग को प्रभावित करने वाले किन्हीं चार कारकों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: बाजार माँग एक विशिष्ट कीमत पर एक बाजार में सभी व्यक्तिगत उपभोक्ताओं द्वारा माँगी गई वस्तुओं की कुल मात्रा है। इसे प्रभावित करने वाले कारक:
उपभोक्ताओं की संख्या: उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ने पर बाजार माँग बढ़ती है (माँग वक्र दाईं ओर)।
आय का वितरण: यदि आय का वितरण समान है, तो सामान्य वस्तुओं की बाजार माँग अधिक होगी, और इसके विपरीत।
जनसांख्यिकीय संरचना: यदि जनसंख्या में युवाओं का प्रतिशत अधिक है, तो युवाओं से संबंधित वस्तुओं की माँग अधिक होगी।
मौसम/जलवायु: किसी विशेष मौसम के अनुरूप वस्तुओं की माँग अधिक होती है (जैसे- सर्दियों में गर्म कपड़ों की माँग)।
11.माँग के नियम के किन्हीं दो अपवादों की विस्तृत व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
गिफ़न वस्तुएँ (Giffen Goods): ये अत्यधिक निम्नस्तरीय वस्तुएँ होती हैं, जिनकी कीमत घटने पर माँगी गई मात्रा भी घट जाती है, और कीमत बढ़ने पर माँगी गई मात्रा बढ़ जाती है। इसका कारण ऋणात्मक आय प्रभाव, प्रतिस्थापन प्रभाव पर भारी पड़ता है।
स्थिति (Prestige) वाली वस्तुएँ (जैसे- हीरा): ऐसी वस्तुएँ जो सामाजिक स्थिति या प्रतिष्ठा दर्शाती हैं। उपभोक्ता उन्हें तब अधिक खरीदते हैं जब उनकी कीमत बढ़ती है, क्योंकि कीमत जितनी अधिक होगी, प्रतिष्ठा उतनी ही अधिक होगी।
4. 5 निबंधात्मक के प्रश्न (Essay-Type Questions)
1.माँग की अवधारणा का विस्तृत वर्णन कीजिए। किसी वस्तु की व्यक्तिगत माँग और बाजार माँग को प्रभावित करने वाले सभी कारकों की विस्तृत व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
माँग की अवधारणा: इच्छा, क्रय शक्ति और खर्च करने की तत्परता से मिलकर बनी माँगी गई मात्रा की परिभाषा। एक विशिष्ट कीमत और समय पर मापा जाना।
व्यक्तिगत माँग के कारक: वस्तु की अपनी कीमत (माँग का नियम), उपभोक्ता की आय (सामान्य/निम्नस्तरीय), संबंधित वस्तुओं की कीमत (प्रतिस्थापन/पूरक), उपभोक्ता की रुचि/पसंद, भविष्य की कीमत प्रत्याशाएँ। प्रत्येक कारक का माँग पर पड़ने वाले प्रभाव (धनात्मक/ऋणात्मक) की व्याख्या।
बाजार माँग के कारक: व्यक्तिगत माँग के सभी कारक, साथ ही बाजार में उपभोक्ताओं की संख्या/आकार और आय का वितरण (समानता/असमानता) जैसे कारक भी बाजार माँग को प्रभावित करते हैं।
2.माँग वक्र पर संचलन (संचालन) और माँग वक्र के स्थानांतरण (स्थानान्तरण) की अवधारणाओं का विस्तृत विश्लेषण कीजिए। प्रत्येक में कीमत और गैर-कीमत कारकों की भूमिका को स्पष्ट करते हुए, 'माँग में विस्तार' और 'माँग में वृद्धि' के बीच अंतर को उदाहरणों और आरेखों की सहायता से समझाइए।
उत्तर:
माँग वक्र पर संचलन: केवल वस्तु की अपनी कीमत में परिवर्तन के कारण होता है। परिणाम माँग की मात्रा में परिवर्तन होता है। विस्तार (कीमत घटने पर नीचे संचलन) और संकुचन (कीमत बढ़ने पर ऊपर संचलन) की व्याख्या।
माँग वक्र का स्थानांतरण: वस्तु की कीमत स्थिर रहने पर गैर-कीमत कारकों (आय, पसंद आदि) में परिवर्तन के कारण होता है। परिणाम माँग में परिवर्तन होता है। वृद्धि (दाईं ओर खिसकना) और कमी (बाईं ओर खिसकना) की व्याख्या।
'विस्तार' और 'वृद्धि' में अंतर: कारक (कीमत बनाम गैर-कीमत), वक्र पर प्रभाव (संचलन बनाम स्थानांतरण) और चित्र द्वारा स्पष्टीकरण।
3.संबंधित वस्तुओं (प्रतिस्थापन और पूरक) की अवधारणाओं को स्पष्ट कीजिए। उपभोक्ता की आय में परिवर्तन (सामान्य और निम्नस्तरीय वस्तुओं के संदर्भ में) तथा भविष्य की कीमत प्रत्याशाओं के कारण माँग वक्र में होने वाले स्थानांतरण की विस्तृत व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
संबंधित वस्तुएँ: प्रतिस्थापन (धनात्मक संबंध) और पूरक (ऋणात्मक संबंध) की परिभाषा और उदाहरण। एक वस्तु की कीमत का दूसरी वस्तु की माँग पर पड़ने वाले प्रभाव से माँग वक्र के स्थानांतरण को समझाना।
आय में परिवर्तन:
सामान्य वस्तुएँ: आय बढ़ने पर माँग वक्र का दाईं ओर स्थानांतरण।
निम्नस्तरीय वस्तुएँ: आय बढ़ने पर माँग वक्र का बाईं ओर स्थानांतरण (ऋणात्मक आय प्रभाव)।
भविष्य की कीमत प्रत्याशाएँ: यदि भविष्य में कीमत बढ़ने की उम्मीद है, तो वर्तमान माँग बढ़ती है (माँग वक्र दाईं ओर स्थानांतरण), और इसके विपरीत।
4.माँग के नियम का पालन क्यों किया जाता है, इसके पीछे के तर्कों (जैसे- सीमांत उपयोगिता नियम) का वर्णन कीजिए। एक उत्पादक या सरकार के लिए माँग का ज्ञान क्यों महत्वपूर्ण है? माँग के नियम की सीमाओं (अपवादों) का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर:
पालन के तर्क: LDMU, आय प्रभाव, प्रतिस्थापन प्रभाव, नए उपभोक्ताओं का प्रवेश।
महत्व (उत्पादक/सरकार के लिए):
उत्पादक के लिए: कीमत निर्धारण, उत्पादन नियोजन, बिक्री अनुमान लगाने के लिए माँग के ज्ञान की आवश्यकता।
सरकार के लिए: कर नीतियाँ, सब्सिडी नीतियाँ, और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए माँग की प्रवृत्ति का ज्ञान आवश्यक है।
माँग के नियम की सीमाएँ/अपवाद: गिफ़न वस्तुएँ, प्रतिष्ठा/स्थिति वाली वस्तुएँ, उपभोक्ता का भ्रम/अज्ञानता, युद्ध/आपदा की स्थिति। मूल्यांकन करना कि ये स्थितियाँ माँग और कीमत के बीच सामान्य विपरीत संबंध को कैसे तोड़ती हैं।
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