1.माँग का नियम कीमत और माँगी गई मात्रा के बीच कैसा संबंध बताता है?
विपरीत (उल्टा) संबंध।
2.माँग की लोच का क्या अर्थ है?
माँग की अनुक्रिया की मात्रा।
3.माँग की कीमत लोच क्या मापती है?
मूल्य परिवर्तन का माँगी गई मात्रा में हुए परिवर्तन पर प्रभाव।
4.पूर्णतः बेलोचदार माँग (E_p) का मान कितना होता है?
शून्य (E_p = 0)।
5.पूर्णतः लोचदार माँग (E_p) का मान कितना होता है?
अनंत (E_p = \infty)।
6.वह माँग जिसमें कीमत में मामूली परिवर्तन से माँग अनंत हो जाए?
पूर्णतः लोचदार माँग।
7.यदि कीमत में 10% परिवर्तन से माँग में 10% परिवर्तन हो, तो यह कैसी माँग है?
इकाई लोचदार माँग।
8.इकाई लोचदार माँग (E_p) का मान कितना होता है?
एक (E_p = 1)।
9.यदि E_p < 1 हो, तो माँग कैसी कहलाती है?
बेलोचदार (Inelastic) माँग।
10.यदि E_p > 1 हो, तो माँग कैसी कहलाती है?
लोचदार (Elastic) माँग।
11.माँग की कीमत लोच मापने के प्रतिशत विधि सूत्र का अंश क्या है?
माँग में प्रतिशत परिवर्तन।
12.कीमत लोच मापने की एक विधि का नाम बताइए।
कुल व्यय विधि / प्रतिशत विधि / बिंदु विधि।
13.कीमत घटने पर कुल व्यय बढ़ता है तो माँग की लोच कैसी होती है?
लोचदार (E_p > 1)।
14.कीमत में परिवर्तन के बावजूद कुल व्यय स्थिर रहे, तो लोच कैसी होती है?
इकाई लोचदार (E_p = 1)।
15.एक अनिवार्य वस्तु की माँग की लोच सामान्यतः कैसी होती है?
बेलोचदार (E_p < 1)।
16.एक विलासिता वस्तु की माँग की लोच सामान्यतः कैसी होती है?
लोचदार (E_p > 1)।
17.बाजार में स्थानापन्न वस्तुएँ उपलब्ध होने पर लोच पर क्या प्रभाव पड़ता है?
माँग अधिक लोचदार होती है।
18.माँग की आय लोच (Income Elasticity) क्या मापती है?
उपभोक्ता की आय में परिवर्तन का माँग पर प्रभाव।
19.माँग की आड़ी लोच (Cross Elasticity) क्या मापती है?
संबंधित वस्तु की कीमत में परिवर्तन का माँग पर प्रभाव।
20.सामान्य वस्तुओं के लिए आय लोच का मान कैसा होता है?
धनात्मक (Positive)।
21.निम्नस्तरीय वस्तुओं के लिए आय लोच का मान कैसा होता है?
ऋणात्मक (Negative)।
22.प्रतिस्थापन वस्तुओं के लिए आड़ी लोच का मान कैसा होता है?
धनात्मक (Positive)।
23.पूरक वस्तुओं के लिए आड़ी लोच का मान कैसा होता है?
ऋणात्मक (Negative)।
24.वह वस्तु जिस पर उपभोक्ता अपनी आय का बहुत छोटा भाग खर्च करता है, उसकी लोच कैसी होती है?
बेलोचदार।
25.लोच मापने की कुल व्यय विधि किसने दी थी?
अल्फ्रेड मार्शल।
26.कीमत लोच का गुणांक हमेशा किस चिन्ह में व्यक्त किया जाता है?
निरपेक्ष मान (Absolute Value) में।
27.माँग की कीमत लोच की गणना के तरीकों को चिन्हित करने का उद्देश्य क्या है?
व्यावहारिक समस्याओं का समाधान।
28.अत्यधिक लोचदार माँग वक्र का ज्यामितीय स्वरूप कैसा होता है?
अधिक चपटा (Flatter)।
29.ज्यामितीय विधि में माँग वक्र के ऊपरी सिरे पर लोच कितनी होती है?
अनंत (E_p = \infty)।
30.यदि कीमत में 20% वृद्धि से माँग में 5% की कमी हो, तो माँग कैसी है?
कम लोचदार (E_p < 1)।
2. 20 अति लघुतात्मक के प्रश्न उत्तर (Very Short Answer Type Questions and Answers)
- माँग की लोच (Elasticity of Demand) का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
- उत्तर: माँग की लोच का अर्थ है माँग की अनुक्रिया की मात्रा (Degree of responsiveness)। यह मापती है कि वस्तु की कीमत, आय या संबंधित वस्तु की कीमत में परिवर्तन होने पर माँग कितनी बदलती है।
- माँग का नियम माँग की लोच से किस प्रकार भिन्न है?
- उत्तर: माँग का नियम केवल कीमत और माँग के बीच विपरीत दिशा (गुणात्मक) को बताता है, जबकि माँग की लोच परिवर्तन की मात्रा (मात्रात्मक) को बताती है।
- माँग की कीमत लोच की पाँच श्रेणियाँ कौन सी हैं?
- उत्तर: पूर्णतः बेलोचदार (E_p = 0), कम लोचदार (E_p < 1), इकाई लोचदार (E_p = 1), अधिक लोचदार (E_p > 1), और पूर्णतः लोचदार (E_p = \infty)।
- पूर्णतः बेलोचदार माँग (E_p = 0) को रेखाचित्र पर कैसे दर्शाया जाता है?
- उत्तर: इसे Y-अक्ष के समानांतर एक सीधी ऊर्ध्वाधर रेखा द्वारा दर्शाया जाता है।
- इकाई लोचदार माँग (E_p = 1) की कुल व्यय विधि द्वारा पहचान कैसे करें?
- उत्तर: जब कीमत में परिवर्तन होने पर भी वस्तु पर किया गया कुल व्यय (Total Outlay) अपरिवर्तित रहता है।
- कम लोचदार माँग (E_p < 1) के लिए कीमत और कुल व्यय में कैसा संबंध होता है?
- उत्तर: कीमत और कुल व्यय में सीधा (धनात्मक) संबंध होता है। (कीमत घटती है तो कुल व्यय भी घटता है)।
- अधिक लोचदार माँग (E_p > 1) के लिए कीमत और कुल व्यय में कैसा संबंध होता है?
- उत्तर: कीमत और कुल व्यय में विपरीत (ऋणात्मक) संबंध होता है। (कीमत घटती है तो कुल व्यय बढ़ता है)।
- माँग की लोच को प्रभावित करने वाले 'वस्तु की प्रकृति' कारक का क्या अर्थ है?
- उत्तर: यह कारक बताता है कि अनिवार्य वस्तुओं की लोच कम (बेलोचदार) होती है, जबकि विलासिता की वस्तुओं की लोच अधिक (लोचदार) होती है।
- माँग की लोच पर 'समय अवधि' का क्या प्रभाव पड़ता है?
- उत्तर: दीर्घकाल में उपभोक्ता अपनी आदतें बदल सकते हैं और स्थानापन्न वस्तुएँ खोज सकते हैं, इसलिए माँग अधिक लोचदार होती है, जबकि अल्पकाल में कम लोचदार।
- माँग की कीमत लोच का सूत्र (प्रतिशत परिवर्तन विधि) लिखिए।
- उत्तर: E_p = (-) \frac{\text{माँग में प्रतिशत परिवर्तन}}{\text{कीमत में प्रतिशत परिवर्तन}}।
- यदि एक वस्तु का प्रयोग कई कार्यों (उपयोगों) के लिए किया जाता है, तो उसकी माँग की लोच कैसी होगी?
- उत्तर: उसकी माँग अधिक लोचदार होगी, क्योंकि कीमत बढ़ने पर उसके कम महत्वपूर्ण उपयोग छोड़ दिए जाएंगे।
- माँग की आय लोच के आधार पर सामान्य वस्तुओं की विशेषता बताइए।
- उत्तर: सामान्य वस्तुओं के लिए आय लोच धनात्मक होती है, जिसका अर्थ है कि आय बढ़ने पर उनकी माँग भी बढ़ती है।
- माँग की आय लोच के आधार पर निम्नस्तरीय वस्तुओं की विशेषता बताइए।
- उत्तर: निम्नस्तरीय वस्तुओं के लिए आय लोच ऋणात्मक होती है, जिसका अर्थ है कि आय बढ़ने पर उनकी माँग घटती है।
- प्रतिस्थापन वस्तुओं के लिए माँग की आड़ी लोच का गुणांक क्या होगा?
- उत्तर: धनात्मक। (जैसे- चाय की कीमत बढ़ने पर कॉफी की माँग बढ़ेगी)।
- पूरक वस्तुओं के लिए माँग की आड़ी लोच का गुणांक क्या होगा?
- उत्तर: ऋणात्मक। (जैसे- कार की कीमत बढ़ने पर पेट्रोल की माँग घटेगी)।
- माँग वक्र पर मध्य बिंदु पर माँग की कीमत लोच का मान कितना होता है?
- उत्तर: इकाई के बराबर (E_p = 1)।
- यदि किसी वस्तु पर उपभोक्ता की आय का बहुत कम अनुपात खर्च होता है (जैसे माचिस), तो उसकी लोच कैसी होगी?
- उत्तर: कम लोचदार (E_p < 1)।
- कीमत लोच पर आधारित व्यावहारिक समस्याओं का समाधान किस प्रकार किया जाता है?
- उत्तर: कीमत लोच का ज्ञान मूल्य निर्धारण, कर नीति निर्धारण और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के संदर्भ में नीतियाँ बनाने में सहायक होता है।
- यदि माँग की लोच E_p = 0.5 है, तो यह लोचदार है या बेलोचदार?
- उत्तर: यह बेलोचदार है, क्योंकि इसका मान एक से कम (0.5 < 1) है।
- ज्यामितीय विधि (बिंदु लोच) में माँग वक्र के निचले सिरे पर लोच का मान कितना होता है?
- उत्तर: शून्य (E_p = 0)।
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