1. समंक श्रेणी के विचलन अथवा बिखराव के विवरण को क्या कहते हैं?
अपकिरण (Dispersion)।
2. अपकिरण का अर्थ क्या है?
वितरण के औसत से मूल्यों के भिन्न होने की मात्रा।
3. अपकिरण क्या जानने में मदद करता है?
समंकों की विचलनशीलता की कोटि।
4. समंकों के विश्लेषण के लिए कौन पर्याप्त नहीं है?
मात्र केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप।
5. अपकिरण की निरपेक्ष माप का एक उदाहरण दीजिए।
विस्तार (Range)।
6. अपकिरण की सापेक्ष माप का एक उदाहरण दीजिए।
विचलन गुणांक (Co-efficient of Variation)।
7. जब अपकिरण को श्रृंखला की मौलिक इकाई में व्यक्त किया जाता है, तो उसे क्या कहते हैं?
अपकिरण की निरपेक्ष माप।
8. तुलनात्मक विश्लेषण के लिए अपकिरण की कौन-सी माप आवश्यक है?
सापेक्ष माप।
9. अपकिरण की सापेक्ष माप को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
अपकिरण गुणांक (Co-effiecient of Dispersion)।
10. अपकिरण गुणांक को किस रूप में व्यक्त किया जाता है?
प्रतिशत के रूप में (इकाईहीन संख्या)।
11. किसी भी श्रेणी में सबसे बड़े (L) और सबसे छोटे (S) मूल्य के अंतर को क्या कहते हैं?
विस्तार (Range)।
12. विस्तार (R) ज्ञात करने का सूत्र क्या है?
R = L - S।
13. विस्तार की सापेक्ष माप क्या है?
विस्तार गुणांक (Co-effiecient of Range)।
14. विस्तार गुणांक का सूत्र क्या है?
{L-S}{L+S}।
15. विस्तार के मूल्यांकन की एक प्रमुख सीमा क्या है?
यह चरम मूल्यों से अनावश्यक रूप से प्रभावित होता है।
16. किन वितरणों में विस्तार ज्ञात नहीं किया जा सकता?
खुले मुख वाली आवृत्ति वितरण में।
17. चतुर्थक विचलन किन दो चतुर्थकों पर आधारित होता है?
निम्न चतुर्थक (Q_1) और ऊपरी चतुर्थक (Q_3)।
18. Q_{3}-Q_{1} के अंतर को क्या कहा जाता है?
चतुर्थक विस्तार (Quartile Range)।
19. अर्द्ध-अंतर चतुर्थक विस्तार का दूसरा नाम क्या है?
चतुर्थक विचलन (Quartile Deviation)।
20. चतुर्थक विचलन पर आधारित अपकिरण के सापेक्ष माप को क्या कहते हैं?
चतुर्थक विचलन गुणांक।
21. चतुर्थक विचलन श्रृंखला के कितने प्रतिशत समंकों पर आधारित होता है?
50 प्रतिशत मध्य समंकों पर।
22. चतुर्थक विचलन किन समंकों को अनदेखा करता है?
आरंभ के 25% और अंतिम 25% समंकों को।
23. माध्य विचलन ज्ञात करने में विचलन किस केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप से निकाले जाते हैं?
अंकगणितीय माध्य, माध्यिका या बहुलक।
24.माध्य विचलन की गणना में बीजगणितीय चिह्न (+ तथा -) का क्या किया जाता है?
छोड़ दिया जाता है (निरपेक्ष मूल्य लिया जाता है)।
25.माध्य विचलन में निरपेक्ष मूल्यों को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
आदर्श मूल्य।
26. प्रायः माध्य विचलन में विचलन किसके द्वारा निकाले जाते हैं?
माध्यिका (Median) द्वारा।
27. माध्य विचलन का गुणांक ज्ञात करने का सूत्र क्या है?
{माध्य विचलन}}{माध्यिका / माध्य / बहुलक}}।
28. अपकिरण की गणना की कौन-सी विधि आलेखीय है?
लॉरेंज वक्र ।
2. अति लघुतात्मक के प्रश्न उत्तर
1.केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप अपकिरण के मापों से किस प्रकार भिन्न हैं?
उत्तर: केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप समंकों का एक व्यक्तिगत प्रतिनिधि मूल्य के रूप में विवरण प्रदान करते हैं, जबकि अपकिरण के माप व्यक्तिगत मूल्यों के बिखराव अथवा विस्तार के तरीके को समझाते हैं।
2.अपकिरण की माप करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: अपकिरण की माप का उद्देश्य यह जानना है कि औसत कितना प्रतिनिधि है और समंकों की विचलनशीलता की कोटि क्या है।
3.निरपेक्ष विचलन और सापेक्ष विचलन में मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर: निरपेक्ष विचलन श्रृंखला की मौलिक इकाई में व्यक्त होता है, जबकि सापेक्ष विचलन (अपकिरण गुणांक) इकाईहीन संख्या (प्रतिशत) के रूप में व्यक्त होता है।
4.अपकिरण की निरपेक्ष माप तुलना के लिए उपयुक्त क्यों नहीं है? एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर: यदि समंकों को किलोग्राम में व्यक्त किया जाता है, तो निरपेक्ष विचलन किलोग्राम में होगा। यदि उसे ग्राम में व्यक्त किया जाए तो विचलन हजार गुणा अधिक हो जाएगा, इसलिए यह तुलना के लिए उपयुक्त नहीं है।
5.अपकिरण की गणना की प्रमुख चार विधियों के नाम लिखिए।
उत्तर: 1. विस्तार (Range), 2. चतुर्थक विचलन (Quartile Deviation), 3. माध्य विचलन (Mean Deviation), और 4. मानक विचलन (Standard Deviation)।
6.विस्तार और विस्तार गुणांक में क्या संबंध है?
उत्तर: विस्तार (R = L-S) अपकिरण की निरपेक्ष माप है, जबकि विस्तार गुणांक {L-S}{L+S}) अपकिरण की सापेक्ष माप है।
7.अविच्छिन्न श्रेणी में विस्तार कैसे ज्ञात किया जाता है?
उत्तर: अविच्छिन्न श्रेणी में विस्तार उच्चतम वर्ग की ऊपरी सीमा और निम्नतम वर्ग की निचली सीमा का अंतर होता है।
8.विस्तार गणना में सरल है, फिर भी इसकी क्या कमी है?
उत्तर: यह गणना में सरल है, लेकिन यह वितरण की सभी मदों पर आधारित नहीं होता, जबकि केवल चरम मूल्यों (L और S) से अनावश्यक रूप से प्रभावित होता है।
9.चतुर्थक विचलन (Q.D.) किस प्रकार विस्तार की सीमा को दूर करता है?
उत्तर: विस्तार केवल दो चरम पदों पर आधारित है, जबकि चतुर्थक विचलन Q_1 और Q_3 पर आधारित है, जिससे यह श्रृंखला के 50% मध्य समंकों को ध्यान में रखता है और चरम पदों से प्रभावित नहीं होता।
10.चतुर्थक विचलन गुणांक का क्या कार्य है?
उत्तर: यह मापन की इकाई से मुक्त होता है, जिसका प्रयोग दो या दो से अधिक समंक समुच्चयों की अपकिरण की तुलना में किया जाता है।
11.माध्य विचलन में |D| का क्या अर्थ है?
उत्तर: |D| विचलन के निरपेक्ष मूल्य (Absolute Values) को दर्शाता है, जिसका अर्थ है कि विचलन ज्ञात करते समय ऋणात्मक चिह्न की उपेक्षा की जाती है।
12.माध्य विचलन वितरण के सभी पदों पर आधारित होता है। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: माध्य विचलन श्रृंखला के किसी केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप से निकाले गए सभी विभिन्न मूल्यों के विचलनों के अंकगणितीय माध्य को कहा जाता है, इसलिए यह सभी पदों पर आधारित होता है।
13.माध्य विचलन की गणना में बहुलक का प्रयोग प्रायः क्यों नहीं किया जाता?
उत्तर: माध्य विचलन की गणना के लिए माध्यिका या माध्य का प्रयोग किया जाता है, जबकि बहुलक का प्रयोग प्रायः नहीं किया जाता।
14. माध्य विचलन की गणना के लिए आंकड़ों को आरोही क्रम में क्यों संजोया जाता है?
उत्तर: माध्य विचलन की गणना के लिए माध्यिका द्वारा विचलन निकालने हेतु माध्यिका की गणना करने के लिए आंकड़ों को आरोही क्रम में संजोना आवश्यक है।
15.विस्तार और चतुर्थक विचलन मूल्यों के फैलाव को कैसे मापते हैं?
उत्तर: विस्तार सबसे बड़े और सबसे छोटे मूल्य के अंतर को मापकर फैलाव बताता है, जबकि चतुर्थक विचलन Q_3 और Q_1 के अंतर को 2 से भाग देकर मध्य 50% मूल्यों के फैलाव को मापता है।
16.माध्य विचलन और मानक विचलन किस चीज़ को मापते हैं?
उत्तर: ये दोनों माप मदों के मूल्यों की औसत से भिन्नता को गणना द्वारा प्रकट करते हैं।
17.यदि समंकों का माध्य समान हो, तो क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
उत्तर: यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि उनकी क्षमता समान है, क्योंकि अंकों में व्यापक बिखराव (विचलन) हो सकता है, जिसके लिए अपकिरण के माप आवश्यक हैं।
18.विस्तार गुणांक का सूत्र {L-S}{L+S} क्यों है?
उत्तर: {L-S}{L+S} विस्तार की सापेक्ष माप है, जिसे दो श्रेणियों के अपकिरण की तुलना के लिए इकाईहीन संख्या के रूप में प्राप्त किया जाता है।
19.चतुर्थक विचलन के गुणांक का उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर: इसका उपयोग दो या दो से अधिक समंक समुच्चयों की अपकिरण की तुलना में किया जाता है, क्योंकि यह मापन की किसी भी इकाई से अंक मुक्त होता है।
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