1. वन लाइन के 30 प्रश्न उत्तर (One-Line Answer Questions)
- अर्थव्यवस्था का मुख्य ध्येय क्या है?
- उत्तर -जनता की आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए वस्तुएं और सेवाएं उपलब्ध कराना 2.उत्पादन प्रक्रिया से किसका सृजन होता है
- उत्तर-अर्थव्यवस्था में आय का सृजन होता है।
- 3.आय को कितने मुख्य वर्गों में बांटा जा सकता है?
- दो वर्गों में- साधन आय और गैर-साधन आय। 4.उत्पादन के चार कारक कौन से हैं?
- श्रम, भूमि, पूंजी, और उद्यमी 5.श्रम के बदले साधन स्वामी को क्या मिलता है?
- मजदूरी और वेतन।
- 6.भू-स्वामी को उसकी सेवा के बदले क्या भुगतान मिलता है?
- लगान।
- 7.पूंजी के उपयोग के लिए पूंजीपति को क्या भुगतान मिलता है?
- ब्याज।
- 8.उद्यमी को मिलने वाली आय को क्या कहते हैं?
- लाभ।
- 9.गैर-साधन आय का एक मुख्य उदाहरण दीजिए।
- उपहार, दान, धर्मार्थ, कर, दंड आदि।
- 10.जिन मौद्रिक प्राप्तियों के लिए प्राप्तकर्ताओं को त्याग/प्रतिदान नहीं करना पड़ता, उन्हें क्या कहते हैं?
- गैर-साधन आय या हस्तांतरण आय।
- 11.राष्ट्रीय आय में किस प्रकार की प्राप्तियां सम्मिलित नहीं की जातीं?
- गैर-साधन आय/हस्तांतरण आय।
- 12.तीन मूलभूत आर्थिक गतिविधियां कौन सी हैं?
- उत्पादन, उपभोग और निवेश।
- 13.किसी वर्तमान चीज के मूल्यमान में वृद्धि क्या कहलाती है?
- उत्पादन।
- 14.उत्पादन का वह अंश जो उपभोग से बच जाता है और आगे उत्पादन में सहायक होता है, क्या कहलाता है?
- निवेश/पूंजी निर्माण।
- 15.वह अर्थव्यवस्था जिसके शेष विश्व से आर्थिक संबंध होते हैं, क्या कहलाती है?
- खुली अर्थव्यवस्था।
- 16.बंद अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं?
- जिन देशों के शेष विश्व से कोई आर्थिक लेन-देन नहीं होते, उन्हें बंद अर्थव्यवस्था कहते हैं।
- 17.स्टॉक किसे कहते हैं?
- स्टॉक एक मात्रा है, जिसे एक विशेष समय बिंदु पर मापा जाता है।
- 18.प्रवाह किसे कहते हैं?
- प्रवाह एक मात्रा है जिसे एक निश्चित अवधि के अनुसार मापा जाता है।
- 19.मुद्रा की आपूर्ति किस अवधारणा से जुड़ी है- स्टॉक या प्रवाह?
- स्टॉक।
- 20.राष्ट्रीय आय किस अवधारणा से जुड़ी है- स्टॉक या प्रवाह?
- प्रवाह।
- 21.आय के चक्रीय प्रवाह का एक सिद्धांत क्या है?
- क्रेता का व्यय विक्रेता की आय बन जाता है।
- 22.वस्तुओं और सेवाओं के प्रवाह को क्या कहते हैं?
- वास्तविक प्रवाह।
- 23.फर्मों और परिवारों के बीच मुद्रा के लेने-देन को क्या कहते हैं?
- मौद्रिक प्रवाह।
- 24.खुली अर्थव्यवस्था को कितने क्षेत्रकों में विभाजित किया जा सकता है?
- पाँच क्षेत्रकों में: उत्पादक, परिवार, सरकार, वित्त, और शेष विश्व क्षेत्रक।
- 25.अन्य देशों में स्थित भारतीय दूतावास भारत की भौगोलिक सीमा में होते हुए भी आर्थिक दृष्टि से क्या माने जाते हैं?
- भारत के आंतरिक क्षेत्र का हिस्सा माने जाते हैं।
- 26.सामान्य निवासी वे होते हैं जो आमतौर पर उस देश में रहते हैं और जिनके क्या उसी देश से जुड़े होते हैं?
- आर्थिक हित।
- 27.पुन: बिक्री के लिए खरीदी गई वस्तुएं कौन सी वस्तुएं मानी जाती हैं?
- मध्यवर्ती वस्तुएं।
- 28.मध्यवर्ती वस्तुओं को राष्ट्रीय आय के आकलन में क्यों शामिल नहीं किया जाता?
- दोहरी गणना की समस्या से बचने के लिए।
- 29.मूल्य वृद्धि की गणना का सूत्र क्या है?
- उत्पादन का मूल्य \mu मध्यवर्ती उपभोग व्यय।
- 30.अचल पूंजीगत साधनों में घिसावट होने से उनकी कीमतें कम हो जाती हैं, इसे क्या कहते हैं?
- मूल्य ह्रास या अचल पूंजी का उपभोग।
2. अति लघुतात्मक के 20 प्रश्न उत्तर (Very Short Answer Questions)
- साधन आय (Factor Income) को परिभाषित कीजिए।
- उत्पादन के साधन द्वारा साधन स्वामी को अपने साधन की सेवाएं, उत्पादक इकाइयों में सुलभ कराने के बदले में मिली राशि को साधन आय कहा जाता है।
- 2.साधन आय के चार घटक कौन से हैं और उनके लिए क्या भुगतान किया जाता है?
- साधन आय के चार घटक हैं: श्रम (पारिश्रमिक/मजदूरी), भूमि (लगान), पूंजी (ब्याज), और उद्यमी (लाभ)।
- 3.गैर-साधन आय (Non-factor Income) या हस्तांतरण आय (Transfer Income) किसे कहते हैं?
- वे मौद्रिक प्राप्तियाँ जिनके लिए प्राप्तकर्ताओं को कोई त्याग/प्रतिदान नहीं करना पड़ता और जो बिना किसी सेवा या वस्तु दिए ही प्राप्त होने वाले एक तरफा मौद्रिक भुगतान हैं, उन्हें गैर-साधन आय या हस्तांतरण आय कहते हैं।
- 4.उत्पादन (Production) को उदाहरण सहित समझाइए।
- किसी वर्तमान चीज के मूल्यमान में वृद्धि ही उत्पादन है। उदाहरण के लिए, एक बढ़ई द्वारा ₹1000 की लकड़ी से ₹2000 का फर्नीचर बनाना, जिसमें ₹1000 मूल्य वृद्धि उत्पादन कहलाती है।
- 5.उपभोग (Consumption) में क्या-क्या सम्मिलित होता है?
- इसमें व्यक्तिगत और लोगों की सामूहिक आवश्यकताओं की प्रत्यक्ष तुष्टि के लिए उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं का उपयोग सम्मिलित होता है, जैसे- परिवारों द्वारा खरीदे गए खाद्य पदार्थ और सरकार द्वारा सड़कों, पुलों, स्कूल आदि पर खर्च।
- 6.निवेश/पूंजी निर्माण (Investment/Capital Formation) से अर्थव्यवस्था की भावी उत्पादन क्षमता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- निवेश/पूंजी निर्माण से अर्थव्यवस्था की भावी उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है, क्योंकि यह उत्पादन का वह अंश है जो उपभोग से बच जाता है और आगे उत्पादन में सहायक होता है।
- 7.आधारभूत आर्थिक गतिविधियां (उत्पादन, उपभोग, निवेश) परस्पर संबंधित कैसे हैं?
- उत्पादन में वृद्धि, उपभोग और निवेश दोनों में वृद्धि करती है, और निवेश में वृद्धि भविष्य में उत्पादन क्षमता में वृद्धि करती है, जो पुनः उत्पादन और निवेश दोनों को बढ़ाती है।
- 8.स्टॉक और प्रवाह (Stock and Flow) में मुख्य अंतर स्पष्ट कीजिए।
- स्टॉक एक मात्रा है जिसे एक विशेष समय बिंदु पर मापा जाता है (कोई समय आयाम नहीं होता), जबकि प्रवाह एक मात्रा है जिसे एक निश्चित अवधि के अनुसार मापा जाता है (समय आयाम होता है)।
- 9.स्टॉक अवधारणा के दो उदाहरण दीजिए।
- जनसंख्या, मुद्रा की आपूर्ति।
- 10.प्रवाह अवधारणा के दो उदाहरण दीजिए।
- राष्ट्रीय आय, जनसंख्या वृद्धि।
- 11.आय का चक्रीय प्रवाह किन दो प्रकार के प्रवाहों से मिलकर बनता है?
- वस्तुओं और सेवाओं के प्रवाह (वास्तविक प्रवाह) और मौद्रिक भुगतान के रूप में प्रवाह (मौद्रिक प्रवाह) से मिलकर बनता है।
- 12.वास्तविक प्रवाह (Real Flow) किसे कहते हैं?
- परिवारों से फर्मों को साधन सेवाओं और फर्मों से परिवारों को उपभोक्ता वस्तुओं एवं सेवाओं के प्रवाह को वास्तविक प्रवाह कहते हैं।
- 13.मौद्रिक प्रवाह (Money Flow) किसे कहते हैं?
- आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं में फर्मों और परिवारों के बीच वस्तुओं और सेवाओं तथा साधन सेवाओं के मूल्यांकन के बदले मुद्रा का लेना-देना ही मौद्रिक प्रवाह है।
- 14.खुली अर्थव्यवस्था को विभाजित किए जा सकने वाले पांच क्षेत्रक कौन से हैं?
- उत्पादक क्षेत्रक, परिवार क्षेत्रक, सरकार क्षेत्रक, वित्त क्षेत्रक, और शेष विश्व क्षेत्रक।
- 15.घरेलू क्षेत्र (Domestic Territory) की परिभाषा दीजिए।
- देश के घरेलू क्षेत्र को हम राजनीतिक क्षेत्र, क्षेत्रीय महासागर, जल एवं वायुयान, मछुआरे नौकादि, अन्य देशों में राजदूतावास एवं वाणिज्य दूतावास आदि के समूह के रूप में परिभाषित करते हैं।
- 16.देश के सामान्य निवासी (Normal Residents) की अवधारणा समझाइए।
- किसी देश के सामान्य निवासी वे होते हैं, जो आमतौर पर उस देश में रहते हैं और जिनके आर्थिक हित उसी देश से जुड़े होते हैं।
- 17.मध्यवर्ती वस्तुएं (Intermediate Goods) किसे कहते हैं? दो उदाहरण दीजिए।
- ये वे निर्मित वस्तुएं हैं, जिन्हें अभी आगे उत्पादन में काम लिया जाना है या जिनकी आगे बिक्री की जानी है। उदाहरण: धागा बनाने के लिए खरीदी गई कपास, या पुनः बिक्री के लिए खरीदकर रखी गई वस्तुएं।
- 18.अंतिम वस्तुएं (Final Goods) किसे कहते हैं? दो उदाहरण दीजिए।
- उपभोक्ताओं द्वारा उपभोग या उत्पादकों द्वारा निवेश के लिए खरीदे गए पदार्थ अंतिम वस्तुएं हैं, जिनका आगे और निर्माण या पुनः विक्रय नहीं होता। उदाहरण: उपभोक्ता द्वारा खरीदे गए डबलरोटी, मशीनें/औजार।
- 19.उत्पादन का मूल्य (Value of Output) क्या होता है?
- उत्पादक इकाइयों द्वारा बनाई गई सभी चीजों के मौद्रिक मूल्य को उत्पादन का मूल्य कहते हैं, जिसमें मध्यवर्ती वस्तुओं के मूल्य भी शामिल होते हैं।
- 20.निवल अप्रत्यक्ष कर (Net Indirect Tax) ज्ञात करने का सूत्र लिखिए।
- निवल अप्रत्यक्ष कर = अप्रत्यक्ष कर \mu आर्थिक सहायता।
3. लघुत्रात्मक के 10 प्रश्न उत्तर (Short Answer Questions)
-
साधन आय और गैर-साधन आय में अंतर स्पष्ट कीजिए और बताइए कि राष्ट्रीय आय में किसे सम्मिलित किया जाता है।
- साधन आय: यह उत्पादन के साधनों (श्रम, भूमि, पूंजी, उद्यमी) द्वारा अपनी सेवाओं के बदले प्राप्त की गई राशि है, जिसके लिए उत्पादक गतिविधि होती है। जैसे: मजदूरी, लगान, ब्याज, लाभ।
- गैर-साधन आय: यह वे मौद्रिक प्राप्तियाँ हैं जिनके लिए प्राप्तकर्ताओं को कोई त्याग/प्रतिदान नहीं करना पड़ता और इनमें कोई उत्पादक गतिविधि नहीं होती। इन्हें हस्तांतरण आय भी कहते हैं। जैसे: उपहार, दान, कर, दंड।
- राष्ट्रीय आय में समावेश: राष्ट्रीय आय में केवल साधन आय को ही सम्मिलित किया जाता है, जबकि गैर-साधन आय/हस्तांतरण आय को सम्मिलित नहीं किया जाता।
ता।
- 2.उत्पादन के कारकों (श्रम, भूमि, पूंजी, उद्यमी) की संक्षिप्त व्याख्या कीजिए।
- श्रम: वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन के लिए प्रयुक्त सभी शारीरिक और मानसिक प्रयासों को सम्मिलित करता है।
- भूमि: प्रकृति द्वारा निःशुल्क धरातल पर, धरातल के नीचे और ऊपर प्राप्त सभी संसाधनों को सम्मिलित करता है (जैसे: मिट्टी, वन, खनिज, सूर्य की रोशनी)।
- पूंजी: वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन के लिए प्रयुक्त सभी मानव निर्मित संसाधनों को सम्मिलित करता है (जैसे: भूमि पर ढांचा, मशीन, उपस्कर)।
- उद्यमी: एक व्यवसाय को आरंभ और संगठित करने के लिए एक व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह द्वारा किए गए प्रयास को दर्शाता है।
ा है।
- 3.उत्पादन, उपभोग और निवेश तीनों आधारभूत आर्थिक गतिविधियां एक दूसरे पर कैसे निर्भर करती हैं?
- ये तीनों परस्पर संबंधित और निर्भर होती हैं। उत्पादन में वृद्धि होने पर उपभोग और निवेश दोनों में वृद्धि होती है। उपभोग में वृद्धि उत्पादकों को भविष्य में अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित करती है। निवेश में वृद्धि भविष्य में देश की उत्पादन क्षमता को बढ़ाती है, जो पुनः अधिक उत्पादन और निवेश को जन्म देती है। बिना उत्पादन हुए, उपभोग और निवेश भी संभव नहीं हो पाएंगे।
- 4.बंद अर्थव्यवस्था और खुली अर्थव्यवस्था के बीच मुख्य अंतर स्पष्ट कीजिए और आधुनिक विश्व की अर्थव्यवस्थाओं का वर्गीकरण किस श्रेणी में करेंगे?
- खुली अर्थव्यवस्था: वह पद है जिसे एक देश के लिए प्रयुक्त किया जाता है, जिसके शेष विश्व से आर्थिक संबंध हों, अर्थात् आयात, निर्यात, उधार का लेन-देन आदि।
- बंद अर्थव्यवस्था: वे देश हैं जिनके शेष विश्व से कोई आर्थिक लेन-देन नहीं होते हैं।
- आधुनिक विश्व: आज विश्व के अधिकांश देश खुली अर्थव्यवस्थाएं हैं, क्योंकि ऐसे किसी देश का होना बहुत कठिन है जिसके शेष विश्व से कोई आर्थिक लेन-देन न हो।
हो।
- 5.आय का चक्रीय प्रवाह किन दो सिद्धांतों पर आधारित है और यह कैसे काम करता है?
- यह दो सिद्धांतों पर आधारित है: (i) क्रेता का व्यय विक्रेता की आय बन जाता है और (ii) वस्तुएं और सेवाएं विक्रेता से क्रेता की ओर प्रवाहित होती हैं, जिसके लिए मौद्रिक भुगतान विपरीत दिशा में अर्थात् क्रेता से विक्रेता की ओर प्रवाहित होता है।
- यह चक्रीय स्वरूप में काम करता है, जहाँ परिवारों द्वारा फर्मों को साधन सेवाएँ (वास्तविक प्रवाह) देने पर, फर्मों द्वारा परिवारों को साधन भुगतान (मौद्रिक प्रवाह) किया जाता है। परिवार इस आय को वस्तुओं और सेवाओं की खरीदारी (मौद्रिक प्रवाह) पर खर्च करते हैं, जो आय के रूप में वापस फर्मों के पास चला जाता है, और फर्म इसके बदले परिवारों को वस्तुएं और सेवाएं (वास्तविक प्रवाह) देती हैं।
।
- 6.एक देश के घरेलू क्षेत्र (Domestic Territory) में किन-किन चीजों को सम्मिलित किया जाता है? किन्हीं चार का उल्लेख कीजिए।
-
घरेलू क्षेत्र में निम्न सम्मिलित हैं:
- देश की राजनीतिक सीमाएं-सीमांतर्गत जल क्षेत्रों सहित।
- देश के सामान्य नागरिकों द्वारा दो या दो से अधिक देशों के बीच संचालित जलयान एवं वायुयान।
- मछुआरों के जहाज, तेल-गैस, अन्वेषण एवं उत्पादन हेतु महासागरों में खुदाई करने के लिए लगाए गए यंत्रादि।
- अन्य देशों में स्थित हमारे दूतावास, वाणिज्य दूतावास और सैन्य शिविर आदि।
-
घरेलू क्षेत्र में निम्न सम्मिलित हैं:
िर आदि।
- 7.किसी वस्तु को मध्यवर्ती या अंतिम वस्तु मानने का निर्णय किस बात पर निर्भर करता है? उदाहरण सहित समझाइए।
- यह निर्णय वस्तु के प्रयोग पर निर्भर करता है।
- उदाहरण: एक हलवाई द्वारा प्रयुक्त दूध को मध्यवर्ती वस्तु माना जाएगा, क्योंकि इसका उपयोग आगे उत्पादन (जैसे मिठाई बनाने) में किया जाना है। जबकि, किसी परिवार द्वारा उपभोग के लिए इस्तेमाल किया गया दूध अंतिम वस्तु होती है, क्योंकि इसका आगे कोई निर्माण या पुनः विक्रय नहीं होगा।
।
- 8.राष्ट्रीय आय के आकलन में मध्यवर्ती वस्तुओं को शामिल न करने का कारण स्पष्ट कीजिए।
- मध्यवर्ती वस्तुओं को राष्ट्रीय आय में शामिल नहीं किया जाता, क्योंकि इनका मूल्य पहले ही अंतिम वस्तुओं के मूल्य में निहित होता है।
- यदि इन्हें अलग से जोड़ लिया गया, तो यह दोहरी गणना की समस्या (Problem of Double Counting) उत्पन्न कर देगा, जिससे राष्ट्रीय आय का अनुमान वास्तविक मूल्य से अधिक हो जाएगा।
।
- 9.मूल्य वृद्धि (Value Added) की गणना कैसे की जाती है? एक उदाहरण से स्पष्ट कीजिए।
- मूल्य वृद्धि, उत्पादन के मूल्य में से मध्यवर्ती वस्तुओं के दाम घटाकर प्राप्त होती है।
- सूत्र: मूल्य वृद्धि = उत्पादन का मूल्य \mu मध्यवर्ती उपभोग व्यय।
- उदाहरण: यदि एक कपड़ा मिल ₹1500 का कपड़ा बनाती है और इसके लिए ₹500 की कपास (मध्यवर्ती उत्पाद) खरीदती है, तो मिल द्वारा उत्पादन की प्रक्रिया में मूल्य वृद्धि ₹1000 (\text{₹}1500 - \text{₹}500) होगी।
गी।
- 10.सकल (Gross) और निवल (Net) मानों में क्या अंतर है? मूल्य ह्रास (Depreciation) की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
- सकल (Gross) मानों में मूल्य ह्रास सम्मिलित होता है, जबकि निवल (Net) मानों में मूल्य ह्रास को हटा दिया जाता है।
- मूल्य ह्रास (Depreciation) की भूमिका: उत्पादन की प्रक्रिया में अचल पूंजीगत साधनों (मशीनों, भवनों आदि) में घिसावट होने से उनकी कीमतें कम हो जाती हैं। इस घिसावट/अचल पूंजी के उपभोग को मूल्य ह्रास कहते हैं।
- संबंध: निवल उत्पादन का मूल्य = सकल उत्पादन का मूल्य \mu मूल्य ह्रास।
ास।
4. निबंधात्मक के 5 प्रश्न उत्तर (Essay Type Questions)
-
आय का चक्रीय प्रवाह (Circular Flow of Income) क्या है? दो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था (परिवार और फर्म) में वास्तविक प्रवाह और मौद्रिक प्रवाह की विस्तृत व्याख्या कीजिए।
- परिभाषा: उत्पादन, उपभोग और निवेश की गतिविधियों के संचालन में अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रकों के बीच लोगों के लेन-देन से आय और व्यय के प्रवाह का जो चक्रीय स्वरूप बनता है, उसे आय का चक्रीय प्रवाह कहते हैं।
- वास्तविक प्रवाह: यह परिवारों से फर्मों को साधन सेवाओं (भूमि, श्रम, पूंजी, उद्यम) और फर्मों से परिवारों को उपभोक्ता वस्तुओं एवं सेवाओं के प्रवाह को दर्शाता है। यह वस्तुओं और सेवाओं का प्रवाह है।
- मौद्रिक प्रवाह: यह परिवारों को फर्मों से प्राप्त साधन भुगतान (लगान, मजदूरी, ब्याज, लाभ) और परिवारों द्वारा फर्मों को वस्तुओं और सेवाओं के लिए किए गए उपभोग व्यय के रूप में मुद्रा के लेने-देन को दर्शाता है।
- चक्रीय स्वरूप: यह दोनों प्रवाह (वास्तविक और मौद्रिक) मिलकर चक्रीय प्रवाह कहलाते हैं, जहाँ क्रेता का व्यय विक्रेता की आय बन जाता है, और वस्तुओं का प्रवाह एक दिशा में होता है जबकि मौद्रिक भुगतान विपरीत दिशा में होता है।
ा है।
- 2.राष्ट्रीय आय से जुड़ी आधारभूत अवधारणाओं - घरेलू क्षेत्र और सामान्य निवासी की विस्तृत व्याख्या कीजिए तथा उदाहरण देकर नागरिक और निवासी के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।
- घरेलू क्षेत्र (Domestic Territory): यह देश की भौगोलिक या राजनीतिक सीमाओं से अलग अवधारणा है। इसमें देश की राजनीतिक सीमाएं, सीमांतर्गत जल क्षेत्रों सहित, दो या दो से अधिक देशों के बीच संचालित जलयान/वायुयान, मछुआरों के जहाज, तेल-गैस अन्वेषण यंत्रादि, और अन्य देशों में स्थित हमारे दूतावास/वाणिज्य दूतावास/सैन्य शिविर आदि सम्मिलित होते हैं। भारत में स्थित अन्य देशों के दूतावास भारत की भौगोलिक सीमा में होते हुए भी घरेलू क्षेत्र का हिस्सा नहीं माने जाते हैं।
- सामान्य निवासी (Normal Residents): सामान्य निवासी वे व्यक्ति होते हैं जो आमतौर पर उस देश में रहते हैं और जिनके आर्थिक हित (उत्पादन, उपभोग, निवेश) उसी देश से जुड़े होते हैं।
- नागरिक और निवासी में अंतर: नागरिकता एक कानूनी अवधारणा है, जबकि निवास एक आर्थिक अवधारणा है। भारत के सामान्य निवासियों में भारत के नागरिकों के साथ-साथ वे विदेशी भी सम्मिलित होंगे, जो यहां रहकर अपनी आजीविका कमाते हैं (जैसे भारत में एक वर्ष से अधिक समय से रह रहे नेपाली नागरिक)। इसके विपरीत, एक वर्ष से अधिक समय से विदेश में रह रहे भारतीय नागरिक (अनिवासी भारतीय - NRIs) उस विदेशी देश के सामान्य निवासी माने जाएंगे।
गे।
- 3.मध्यवर्ती और अंतिम वस्तुओं के बीच अंतर का महत्व समझाइए। राष्ट्रीय आय की गणना में दोहरी गणना की समस्या (Problem of Double Counting) क्यों उत्पन्न होती है और इससे कैसे बचा जा सकता है?
- मध्यवर्ती वस्तुएं: वे वस्तुएं हैं जिन्हें अभी आगे उत्पादन में काम लिया जाना है या जिनकी आगे पुनः बिक्री की जानी है (जैसे: कच्चा माल, तेल, बिजली, पुनः बिक्री के लिए खरीदा गया स्टॉक)।
- अंतिम वस्तुएं: वे वस्तुएं हैं जो उपभोक्ताओं द्वारा उपभोग या उत्पादकों द्वारा निवेश के लिए खरीदी जाती हैं और जिनका आगे और निर्माण या पुनः विक्रय नहीं होता (जैसे: डबलरोटी, मशीन)।
- अंतर का महत्व: राष्ट्रीय आय के आकलन में केवल अंतिम वस्तुएं ही जोड़ी जाती हैं।
- दोहरी गणना की समस्या: यह समस्या इसलिए उत्पन्न होती है, क्योंकि मध्यवर्ती वस्तुओं का मूल्य पहले से ही अंतिम वस्तुओं के मूल्य में निहित होता है। यदि मध्यवर्ती वस्तुओं को अलग से जोड़ लिया जाए, तो एक ही मूल्य (जैसे कच्चे माल का मूल्य) को बार-बार गिन लिया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय आय का अनुमान गलत (अधिक) हो जाएगा।
- बचाव: इससे बचने के लिए राष्ट्रीय आय की गणना में केवल अंतिम वस्तुओं का मूल्य या उत्पादन प्रक्रिया में हुई मूल्य वृद्धि को ही सम्मिलित किया जाता है।
ाता है।
- 4.मूल्य वृद्धि (Value Added) की अवधारणा को परिभाषित कीजिए। सकल मूल्य वृद्धि और निवल मूल्य वृद्धि में अंतर स्पष्ट करते हुए बताइए कि बाजार कीमत (Market Price) और साधन लागत (Factor Cost) पर मूल्य वृद्धि किस प्रकार संबंधित हैं?
- मूल्य वृद्धि की परिभाषा: उत्पादन के मूल्य में से मध्यवर्ती वस्तुओं के दाम घटाकर हमें मूल्य वृद्धि के आंकड़े प्राप्त होते हैं। यह उत्पादन के मूल्य और मध्यवर्ती उपभोग व्यय का अंतर है।
-
सकल मूल्य वृद्धि और निवल मूल्य वृद्धि में अंतर:
- सकल मूल्य वृद्धि: यह वह मूल्य वृद्धि है जिसमें अभी मूल्य ह्रास (अचल पूंजी का उपभोग) का प्रावधान नहीं घटाया गया है।
- निवल मूल्य वृद्धि: यह मूल्य वृद्धि है जो सकल मूल्य वृद्धि में से मूल्य ह्रास को घटाने के बाद प्राप्त होती है।
-
बाजार कीमत और साधन लागत पर मूल्य वृद्धि:
- बाजार कीमत पर मूल्य वृद्धि: यह वह मूल्य वृद्धि है जिसमें निवल अप्रत्यक्ष कर (अप्रत्यक्ष कर \mu आर्थिक सहायता) सम्मिलित होते हैं।
- साधन लागत पर मूल्य वृद्धि: यह वह मूल्य वृद्धि है जिसमें उत्पादन के साधनों (श्रम, भूमि, पूंजी, उद्यमी) को किए गए भुगतान सम्मिलित होते हैं और जिसमें निवल अप्रत्यक्ष कर सम्मिलित नहीं होते हैं।
- संबंध: साधन लागत पर मूल्य वृद्धि = बाजार कीमत पर मूल्य वृद्धि \mu निवल अप्रत्यक्ष कर।
्यक्ष कर।
- 5.राष्ट्रीय आय (National Income) और घरेलू आय (Domestic Income) के बीच संबंध को विस्तार से समझाइए। 'शेष विश्व से प्राप्त निवल साधन आय' (Net Factor Income from Rest of the World) की अवधारणा क्या है और इसका इन दोनों आयों को एक-दूसरे से जोड़ने में क्या महत्व है?
- घरेलू आय (Domestic Income): यह देश के घरेलू क्षेत्र में सभी उत्पादक इकाइयों द्वारा की गई मूल्य वृद्धि का योग है।
- राष्ट्रीय आय (National Income): यह देश के सामान्य निवासियों द्वारा आर्थिक क्षेत्र के अंतर्गत एवं शेष विश्व से अर्जित साधन आयों का योग है।
- 'शेष विश्व से प्राप्त निवल साधन आय' (NFIA): यह शेष विश्व से प्राप्त साधन आय और शेष विश्व को किए गए साधन भुगतानों का अंतर है।
- संबंध और महत्व: NFIA का उपयोग घरेलू आय को राष्ट्रीय आय में बदलने के लिए किया जाता है। घरेलू आय में से अनिवासियों का अर्जित हिस्सा (शेष विश्व को साधन भुगतान) घटाया जाता है और निवासियों का शेष विश्व से अर्जित हिस्सा (शेष विश्व से प्राप्त साधन आय) जोड़ा जाता है।
- सूत्र: राष्ट्रीय आय/उत्पाद = घरेलू आय/उत्पाद + शेष विश्व से प्राप्त निवल साधन आय।
- निष्कर्ष: साधन लागत पर निवल राष्ट्रीय उत्पाद (NNPFC) को ही देश की राष्ट्रीय आय कहा जाता है।
जाता है।
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