📌 परिचय: संविधान क्या है?
- संविधान आधारभूत कानूनों का संग्रह है जो देश को चलाता है।
- यह सरकार का गठन करता है (विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका)।
- यह सरकार के विभिन्न अंगों की शक्तियों और सीमाओं को निर्धारित करता है।
- यह नागरिकों के अधिकारों एवं कर्तव्यों का निर्धारण करता है।
- आधुनिक राष्ट्रों में प्रतिनिधियात्मक लोकतन्त्र (Representative Democracy) अपनाया गया है, जहाँ जनता वयस्क मताधिकार से प्रतिनिधि चुनती है।
- संविधान लिखित एवं निर्मित (जैसे: अमेरिका, भारत) या अलिखित एवं विकसित (जैसे: इंग्लैण्ड) हो सकता है।
🇮🇳 12.1 भारत में विदेशी शासन का विरोध
- विदेशी आक्रमण: मध्यकाल से भारत विदेशी आक्रमणों का शिकार रहा।
- ब्रिटिश उपनिवेशवाद: ईस्ट इंडिया कंपनी (1600 ई.) व्यापार के लिए आई, लेकिन 1757 (प्लासी) और 1764 (बक्सर) के युद्धों के बाद राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप करने लगी।
- ब्रिटिश कानून: ब्रिटिश संसद भारत के लिए कानून बनाती थी (जैसे: रेग्यूलेटिंग एक्ट, पिट्स इंडिया एक्ट, 1935 का भारत शासन अधिनियम)।
- राजनीतिक जागरण: स्वामी दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानन्द, बाल गंगाधर तिलक आदि से प्रेरणा मिली।
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संविधान की मांग:
- 1922: महात्मा गांधी ने संविधान निर्माण की मांग की।
- 1925: सर्वदलीय सम्मेलन में संविधान निर्माण से संबंधित प्रस्ताव पारित हुआ।
🏛️ 12.1.1 संविधान सभा का गठन
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वर्ष/घटना |
विवरण |
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1940 |
'अगस्त प्रस्ताव' में अंग्रेजों ने पहली बार संविधान निर्माण की भारतीय मांग को स्वीकार किया (द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण)। |
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मार्च 1946 |
ब्रिटिश सरकार ने 'कैबिनेट मिशन' भेजा, जिसने संविधान सभा के गठन का आधार तैयार किया। |
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सदस्यों का चुनाव |
विधानसभा के सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष निर्वाचन (लगभग 10 लाख जनसंख्या पर 1 सदस्य)। |
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सदस्य प्रकार |
निर्वाचित (ब्रिटिश प्रान्तों से) और मनोनीत (देशी रियासतों से)। |
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कुल सदस्य |
389 निर्धारित (296 ब्रिटिश प्रान्तों से)। |
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चुनाव (जुलाई 1946) |
कांग्रेस को 208, मुस्लिम लीग को 73 स्थान मिले। |
संविधान सभा की कार्यवाही
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तिथि/घटना |
विवरण |
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9 दिसम्बर 1946 |
प्रथम बैठक (संसद के केन्द्रीय हॉल में)। अस्थायी अध्यक्ष: डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा। |
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11 दिसम्बर 1946 |
स्थायी अध्यक्ष: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद। वैधानिक सलाहकार: बी. एन. राव। |
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13 दिसम्बर 1946 |
जवाहरलाल नेहरू ने 'उद्देश्य प्रस्ताव' रखा (22 जनवरी 1947 को पारित)। |
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अगस्त 1947 |
प्रारूप समिति का गठन। अध्यक्ष: डॉ. भीमराव अम्बेडकर (जिन्हें 'संविधान का जनक' कहते हैं)। |
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3 जून 1947 |
माउन्टबेटन योजना के तहत भारत का विभाजन, मुस्लिम लीग ने अलग पाकिस्तान राष्ट्र की मांग की। |
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26 नवम्बर 1949 |
संविधान बनकर तैयार हुआ। |
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24 जनवरी 1950 |
संविधान सभा की अंतिम बैठक (सदस्यों ने संविधान पर हस्ताक्षर किए)। |
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26 जनवरी 1950 |
संविधान लागू हुआ (भारत गणतन्त्र राष्ट्र बना)। |
- निर्माण में लगा समय: 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन।
- मूल संविधान: प्रस्तावना, 8 अनुसूचियां, 22 भाग, 395 अनुच्छेद। (वर्तमान में 12 अनुसूचियाँ)
- अन्य कार्य: 22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय ध्वज अपनाया गया। 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रीय गान स्वीकार किया गया।
⭐ 12.2 भारतीय संविधान की विशेषताएँ
- विश्व का सबसे बड़ा संविधान: यह लिखित और विस्तृत है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों दोनों का वर्णन है।
- एकात्मकता की ओर झुकाव वाला संघात्मक संविधान: केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का बँटवारा है (संघ सूची, राज्य सूची, समवर्ती सूची)।
- संसदात्मक व्यवस्था (Parliamentary System): कार्यपालिका अपने कार्यों के लिए व्यवस्थापिका (संसद) के प्रति उत्तरदायी होती है।
- न्यायपालिका की स्वतन्त्रता: न्यायपालिका व्यवस्थापिका एवं कार्यपालिका से स्वतंत्र है। इसे संविधान की व्याख्या एवं सुरक्षा करने का अधिकार है।
- एकल नागरिकता: संघीय व्यवस्था के बावजूद भारत में सभी नागरिकों के लिए केवल भारतीय नागरिकता है (देश की एकता और अखंडता का प्रतीक)।
- सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार: बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों को मतदान का अधिकार। न्यूनतम आयु पहले 21 वर्ष थी, अब 18 वर्ष है।
- मौलिक अधिकार: नागरिकों के सर्वांगीण विकास के लिए 6 मूल अधिकार प्रदान किए गए हैं (समानता, स्वतंत्रता, शोषण के विरुद्ध, धार्मिक स्वतंत्रता, शिक्षा एवं संस्कृति, संवैधानिक उपचारों का अधिकार)।
- नीति निर्देशक तत्व (DPSP): ये ऐसे अधिकार हैं जो संसाधनों के अभाव के कारण मौलिक अधिकारों में शामिल नहीं किए गए। ये राज्य के लिए आदर्श के रूप में हैं, जिनका उद्देश्य लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना है (जैसे: समान कार्य के लिए समान वेतन, स्वास्थ्य एवं प्रसूति सहायता)। इन्हें लागू करने के लिए राज्य को बाध्य नहीं किया जा सकता।
- मिश्रित संविधान: यह कई देशों के संविधानों से प्रेरित है (जैसे: मौलिक अधिकार-अमेरिका, संसदात्मक व्यवस्था-ब्रिटेन, नीति निर्देशक तत्व-आयरलैण्ड)।
- कठोर एवं सरल संविधान का समन्वय: कुछ अनुच्छेदों में परिवर्तन कठोर प्रक्रिया (संसद के 2/3 बहुमत + आधे राज्यों से पारित) से, जबकि कुछ में सरल प्रक्रिया से किया जा सकता है।
⚖️ 12.3 मौलिक अधिकार
- परिचय: ये वे अधिकार हैं जिन्हें समाज एवं राज्य स्वीकार करता है, संविधान में वर्णित हैं, और न्यायपालिका द्वारा सुरक्षा प्रदान की जाती है।
- स्थान: संविधान के भाग-3 में, अनुच्छेद 12 से 35 तक।
- मूल संख्या: 7 थी। 44वें संविधान संशोधन 1978 द्वारा 'सम्पत्ति का अधिकार' को हटाकर कानूनी अधिकार बना दिया गया।
- वर्तमान में 6 मौलिक अधिकार:
- समानता का अधिकार: कानून के समक्ष समानता, धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध, सार्वजनिक स्थानों के उपयोग में समानता, अस्पृश्यता/छुआछूत का अंत।
- स्वतंत्रता का अधिकार: विचार एवं अभिव्यक्ति, शांतिपूर्ण सम्मेलन, संगठन बनाने, घूमने, निवास करने, और कोई भी व्यवसाय/पेशा चुनने की स्वतंत्रता (सीमाएं लागू)। प्राण और दैहिक स्वतंत्रता (जीवन का अधिकार)।
- शोषण के विरुद्ध अधिकार: मानव दुर्व्यवहार, बेगार प्रथा (जबरन श्रम) पर रोक। 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कारखानों आदि में लगाने पर रोक (बाल श्रम का अंत)।
- धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार: धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता (लोकव्यवस्था, सदाचार, स्वास्थ्य के अधीन)।
- शिक्षा एवं संस्कृति संबंधी अधिकार: नागरिकों को अपनी विशेष भाषा, लिपि, संस्कृति को बनाए रखने का अधिकार। निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था।
- संवैधानिक उपचारों का अधिकार: यह मौलिक अधिकारों की सुरक्षा का साधन है। मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में नागरिक सर्वोच्च न्यायालय जा सकता है। न्यायालय पाँच तरह के आदेश (रिट) जारी करता है। डॉ. अम्बेडकर ने इसे 'संविधान का हृदय एवं आत्मा' कहा था।
🤝 12.3.11 नागरिकों के मौलिक कर्तव्य
- कब जोड़े गए: मूल संविधान में नहीं थे। 42वें संविधान संशोधन अधिनियम 1976 द्वारा जोड़े गए।
- उद्देश्य: राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति कर्तव्य बोध को स्पष्ट करना।
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प्रमुख कर्तव्य (कुल 11):
- संविधान, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्र गान का आदर करना।
- स्वतंत्रता आंदोलन के उच्च आदर्शों को संजोये रखना।
- भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करना।
- देश की रक्षा करना और राष्ट्र की सेवा करना।
- समरसता और समान भ्रातृत्व (भाईचारे) की भावना का निर्माण करना।
- प्राकृतिक पर्यावरण (वन, नदी, वन्यजीव) की रक्षा और संवर्द्धन करना।
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण और ज्ञानार्जन की भावना का विकास करना।
- सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखना और हिंसा से दूर रहना।
- 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना (86वें संशोधन 2002 द्वारा जोड़ा गया)।
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