हैदराबाद की आबादी में हिंदुओं का प्रतिशत कितना था?
उत्तर: 85%।
हैदराबाद में उग्रवादी मुस्लिम सांप्रदायिक संगठन का नाम क्या था?
उत्तर: रजाकार।
हैदराबाद के विलय के लिए चलाए गए सैनिक अभियान का नाम क्या था?
उत्तर: ऑपरेशन पोलो।
हैदराबाद का भारत में विलय कब स्वीकार किया गया?
उत्तर: 17 सितंबर 1948 को।
जूनागढ़ रियासत कहाँ स्थित है?
उत्तर: गुजरात राज्य में।
जूनागढ़ का नवाब कौन था?
उत्तर: मोहब्बत खान।
जूनागढ़ का दीवान कौन था जिसने विलय की घोषणा की?
उत्तर: शाहनवाज भुट्टो।
जूनागढ़ का भारत में विलय किस प्रक्रिया द्वारा हुआ?
उत्तर: जनमत संग्रह द्वारा (फरवरी 1948 में)।
भारत का निर्माता एवं लौह पुरुष किसे कहा जाता है?
उत्तर: सरदार वल्लभ भाई पटेल को।
पांडिचेरी पर किसका आधिपत्य था?
उत्तर: फ्राँस का।
पांडिचेरी का भारत में विलय कब हुआ?
उत्तर: नवम्बर 1954 में।
गोवा पर किसका कब्जा था?
उत्तर: पुर्तगाल का।
गोवा मुक्ति हेतु सैन्य कार्यवाही को क्या नाम दिया गया?
उत्तर: ऑपरेशन विजय।
गोवा का भारत में विलय कब हुआ?
उत्तर: 1961 में सैन्य कार्यवाही द्वारा।
स्वतंत्रता के समय राजस्थान कितनी रियासतों और ठिकानों में बंटा था?
उत्तर: 19 रियासतें, 3 ठिकाने और 1 केन्द्र शासित प्रदेश।
राजस्थान के एकीकरण में लगभग कितना समय लगा?
उत्तर: लगभग 8 वर्ष 7 माह।
मत्स्य संघ में कौन-कौन से क्षेत्र शामिल थे?
उत्तर: अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली व नीमराणा।
भाषा के आधार पर गठित होने वाला भारत का पहला राज्य कौन-सा था?
उत्तर: आंध्रप्रदेश।
2. अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न-उत्तर (20)
राष्ट्रीय एकीकरण के संबंध में भारत स्वतंत्रता अधिनियम 1947 की मुख्य घोषणा क्या थी?
उत्तर: अधिनियम में ब्रिटिश सरकार ने घोषणा की थी कि स्वतंत्रता के साथ ही देशी रियासतों पर से ब्रिटिश प्रभुत्व समाप्त हो जाएगा, और उनके शासक भारत या पाकिस्तान में से किसी में भी विलय के लिए स्वतंत्र होंगे।
सरदार पटेल ने अधिकांश देशी रियासतों का विलय 15 अगस्त 1947 से पूर्व कैसे सुनिश्चित किया?
उत्तर: उन्होंने अपने सचिव वी. पी. मेनन के साथ मिलकर एक विलय पत्र तैयार करवाया और राजाओं से उस पर हस्ताक्षर करवाकर उनका भारत में विलय सुनिश्चित किया।
जम्मू-कश्मीर रियासत का भौगोलिक और सामरिक महत्व क्या था?
उत्तर: इसका क्षेत्रफल सबसे बड़ा था और इसकी सीमाएँ अफगानिस्तान, चीन और तिब्बत से मिलती थीं, जिससे यह सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण थी।
महाराजा हरिसिंह ने अपनी रियासत के विलय का निर्णय लेने में देरी क्यों की?
उत्तर: महाराजा हरिसिंह ने 16 अगस्त 1947 तक रियासत के विलय के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया, संभवतः वे स्वतंत्र रहने के पक्ष में थे, जबकि पाकिस्तान उन्हें लुभाने का प्रयास कर रहा था।
हैदराबाद का निजाम स्वतंत्र राज्य की स्थापना क्यों चाहता था, जबकि 85% आबादी हिन्दू थी?
उत्तर: निजाम अपनी मुस्लिम प्रशासनिक शक्ति तथा बाहर से सैन्य सहायता के आश्वासन के कारण स्वतंत्र राज्य की स्थापना करना चाहता था, जहाँ सेना, पुलिस और प्रशासन में मुसलमानों का दबदबा था।
'ऑपरेशन पोलो' क्या था और इसका परिणाम क्या रहा?
उत्तर: यह 13 सितंबर 1948 को हैदराबाद के निजाम के विरुद्ध भारतीय सेना द्वारा की गई सैनिक कार्यवाही थी, जिसके परिणामस्वरूप 17 सितंबर 1948 को निजाम ने भारत में विलय स्वीकार कर लिया।
जूनागढ़ के नवाब ने पाकिस्तान में विलय की घोषणा क्यों की?
उत्तर: नवाब मोहब्बत खान ने अपने दीवान शाहनवाज भुट्टो (जो मुस्लिम लीग नेता और जिन्ना का रिश्तेदार था) के कहने पर, अधिकांश जनता के गैर-मुस्लिम होने के बावजूद, पाकिस्तान में विलय की घोषणा की।
जूनागढ़ में जनमत संग्रह कराने का उद्देश्य क्या था?
उत्तर: नवाब के पाकिस्तान भाग जाने के बाद और जनता के विद्रोह के पश्चात्, भारत सरकार ने जूनागढ़ के विलय की वैधानिक स्थिति को मजबूत करने के लिए फरवरी 1948 में जनमत संग्रह करवाया।
पुर्तगालियों ने गोवा को खाली करने से क्यों मना किया था?
उत्तर: पुर्तगाली शासक ओलीविरा सलाजार ने गोवा को "पूरब की पुरातन धरती पर पश्चिम का प्रकाश एवं पुर्तगाली अन्वेषण का एक प्रतीक" बताते हुए खाली करने से मना कर दिया था।
पांडिचेरी का भारत में विलय, गोवा से कैसे अलग था?
उत्तर: पांडिचेरी (फ्रांसीसी आधिपत्य) का विलय व्यापक आंदोलन के बाद नवम्बर 1954 में शांतिपूर्ण तरीके से हुआ, जबकि गोवा (पुर्तगाली आधिपत्य) को मुक्त कराने के लिए 1961 में सैन्य कार्यवाही ('ऑपरेशन विजय') करनी पड़ी।
राजस्थान के एकीकरण में सरदार पटेल की भूमिका क्यों संवेदनशील थी?
उत्तर: राजस्थान की जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर जैसी प्रमुख रियासतों की सीमाएँ पाकिस्तान से लगती थीं, और पाकिस्तान उन्हें विलय के लिए प्रलोभन दे रहा था, इसलिए इनका विलय अत्यंत संवेदनशील मामला था।
राजस्थान दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
उत्तर: 30 मार्च को वृहत् राजस्थान का निर्माण हुआ था, जो एकीकरण का सबसे महत्त्वपूर्ण चरण था, इसलिए इस तिथि को प्रतिवर्ष राजस्थान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
पोट्टि श्रीरामुलू कौन थे और उनकी मृत्यु का क्या परिणाम हुआ?
उत्तर: वह आंध्रप्रदेश की माँग को लेकर आमरण अनशन करने वाले नेता थे। 58 दिन की भूख हड़ताल के बाद उनकी मृत्यु से पूरे आंध्र क्षेत्र में अराजकता फैल गई, जिसके बाद केंद्र सरकार को आंध्रप्रदेश राज्य की स्थापना करनी पड़ी।
भाषा के आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की मांग क्यों उठी?
उत्तर: स्वतंत्रता के पश्चात्, भाषाई समानता को आधार बनाकर अलग राज्यों के निर्माण की मांग तेजी से होने लगी ताकि भाषाई संस्कृति और पहचान को संरक्षित किया जा सके (जैसे कन्नड़ भाषियों के लिए कर्नाटक)।
राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन कब और क्यों किया गया?
उत्तर: विभिन्न हिस्सों से राज्य निर्माण की बढ़ती मांगों को देखते हुए भारत सरकार ने 1953 में आयोग का गठन किया, जिसने 1955 में अपना प्रतिवेदन सौंपा।
राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 के तहत कितनी इकाइयों की व्यवस्था की गई?
उत्तर: इस अधिनियम के पश्चात् 14 राज्यों एवं 6 केंद्र शासित प्रदेशों की व्यवस्था की गई।
महाराष्ट्र एवं गुजरात राज्यों का निर्माण कैसे हुआ?
उत्तर: बम्बई राज्य को बाँटकर महाराष्ट्र (मराठी भाषी) एवं गुजरात (गुजराती भाषी) राज्यों का निर्माण किया गया।
नागालैंड राज्य का निर्माण कब और किस समस्या के समाधान हेतु हुआ?
उत्तर: 1963 में नागाओं के लिए नागालैंड राज्य का निर्माण हुआ। यह ईसाई मिशनरियों की सक्रियता वाले जनजाति समुदाय के क्षेत्र में अलगाववादी गतिविधियों और नागा जनजाति के आंदोलन की समस्या के समाधान के लिए किया गया।
पंजाब का पुनर्गठन किस आधार पर किया गया?
उत्तर: पंजाबी भाषा के लिए अलग पंजाब राज्य की माँग (मास्टर तारासिंह के नेतृत्व में) के बाद 1966 में पंजाब का पुनर्गठन करके हरियाणा राज्य का गठन किया गया, और चंडीगढ़ को साझा राजधानी बनाया गया।
सन् 2000 में गठित तीन नए राज्यों के नाम बताइए।
उत्तर: छत्तीसगढ़ (मध्यप्रदेश से अलग), उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश से अलग) और झारखण्ड (बिहार से अलग)।
3. लघु उत्तरात्मक प्रश्न-उत्तर (10)
स्वतंत्रता के समय भारत की राजनीतिक स्थिति और देशी रियासतों के विलय की चुनौती पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर भारत ब्रिटिश भारत और 500 से अधिक देशी रियासतों में बंटा था। भारत स्वतंत्रता अधिनियम 1947 ने इन रियासतों को भारत या पाकिस्तान में से किसी में भी विलय करने की स्वतंत्रता दी। इन बिखरी हुई इकाइयों को एक राष्ट्रीय ढाँचे में एकीकृत करना एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि कई शासक स्वतंत्र रहना चाहते थे या पाकिस्तान में मिलने का प्रयास कर रहे थे। इस दुष्कर कार्य को सरदार वल्लभ भाई पटेल और वी. पी. मेनन ने विलय पत्र के माध्यम से कुशलतापूर्वक पूरा किया।
जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय किन परिस्थितियों में हुआ और इसका परिणाम क्या रहा?
उत्तर: महाराजा हरिसिंह विलय का निर्णय टाल रहे थे, लेकिन सितंबर 1947 में पाकिस्तान ने घुसपैठियों के वेश में अपनी सेना भेज दी। पाकिस्तानी सेना के श्रीनगर के करीब पहुँचने पर, महाराजा हरिसिंह ने 26 अक्टूबर 1947 को भारत में विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए। भारत ने सेना भेजकर हमलावरों को खदेड़ा। परिणाम यह हुआ कि जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय हो गया, लेकिन इसके कुल भू-भाग का एक तिहाई हिस्सा अभी भी पाकिस्तान के अधीन है, जिसे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) कहा जाता है।
जूनागढ़ रियासत के भारत में विलय की प्रक्रिया संक्षेप में समझाइए।
उत्तर: जूनागढ़ का नवाब मोहब्बत खान मुस्लिम लीग के दीवान शाहनवाज भुट्टो के कहने पर रियासत का पाकिस्तान में विलय करना चाहता था, जबकि अधिकांश जनता गैर-मुस्लिम थी। पाकिस्तान द्वारा विलय स्वीकार करने पर सरदार पटेल आक्रोशित हुए। इसके पश्चात्, जनता ने नवाब के विरुद्ध आंदोलन किया, जिससे घबराकर नवाब पाकिस्तान भाग गया। भारत ने सेना भेजकर प्रशासन अपने हाथ में लिया और बाद में फरवरी 1948 में जनमत संग्रह करवाकर जूनागढ़ का भारत में विलय किया गया, जिससे विलय को वैधानिक मजबूती मिली।
गोवा और पांडिचेरी के भारत में विलय में क्या अंतर था?
उत्तर: पांडिचेरी पर फ्रांस का आधिपत्य था और वहाँ की जनता ने व्यापक आंदोलन किया। फ्रांस ने नवम्बर 1954 में पांडिचेरी को भारत को सौंप दिया, यह एक शांतिपूर्ण विलय था। इसके विपरीत, गोवा पर पुर्तगाल का कब्जा था और पुर्तगाली शासक ने इसे खाली करने से मना कर दिया। अंततः, 1961 में भारत को 'ऑपरेशन विजय' नामक सैन्य कार्यवाही करनी पड़ी, जिसके बाद पुर्तगाली गवर्नर ने समर्पण कर दिया। इस प्रकार, गोवा का विलय सैन्य बल द्वारा हुआ, जबकि पांडिचेरी का विलय शांतिपूर्ण हस्तांतरण से।
राजस्थान का एकीकरण कितने चरणों में पूरा हुआ? किन्हीं दो महत्वपूर्ण चरणों का उल्लेख करें।
उत्तर: राजस्थान का एकीकरण लगभग 8 वर्ष 7 माह में सात चरणों में पूरा हुआ।
मत्स्य संघ (प्रथम चरण, 18 मार्च 1948): अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली जैसी भौगोलिक समानता वाली रियासतों को मिलाकर बनाया गया।
वृहत् राजस्थान (चतुर्थ चरण, 30 मार्च 1949): यह सबसे महत्वपूर्ण चरण था, जिसमें जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर जैसी बड़ी और महत्त्वपूर्ण रियासतों को शामिल किया गया। इसी दिन को राजस्थान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
आंध्रप्रदेश राज्य का गठन किस प्रकार हुआ और इसने अन्य राज्यों के पुनर्गठन को कैसे प्रभावित किया?
उत्तर: स्वतंत्रता के पश्चात् भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की मांग तेज हुई, जिसमें आंध्र (मद्रास से अलग) की मांग सबसे आक्रामक थी। इस मांग को लेकर पोट्टि श्रीरामुलू ने आमरण अनशन किया और उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से उपजी अराजकता के बाद, केंद्र सरकार ने अक्टूबर 1953 में आंध्रप्रदेश की स्थापना की, जो भाषा के आधार पर गठित होने वाला पहला राज्य था। इसकी सफलता ने देश के अन्य भागों में भी भाषाई आधार पर राज्यों की मांग को और बढ़ावा दिया।
राज्य पुनर्गठन आयोग (1953) की भूमिका और इसके मुख्य परिणाम क्या थे?
उत्तर: देश के विभिन्न हिस्सों से राज्यों के निर्माण की बढ़ती मांगों को देखते हुए भारत सरकार ने न्यायाधीश फजल अली की अध्यक्षता में इस आयोग का गठन किया। आयोग ने 1955 में अपनी रिपोर्ट दी, जिसके आधार पर राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 पारित किया गया। परिणामतः, भारत में 14 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों की व्यवस्था की गई।
पूर्वोत्तर राज्यों में अलगाववादी गतिविधियाँ और नए राज्यों के निर्माण पर संक्षिप्त टिप्पणी करें।
उत्तर: पूर्वोत्तर में जनजाति समुदाय और ईसाई मिशनरियों की सक्रियता के कारण इस क्षेत्र में अलगाववादी गतिविधियाँ शुरू हुईं।
नागा जनजाति का आंदोलन महत्वपूर्ण था, जिसके कारण 1963 में नागालैंड राज्य का निर्माण हुआ।
मिजो स्वायत्त क्षेत्र में लाल डेंगा के नेतृत्व में मिजो नेशनल फ्रंट ने आंदोलन किया, जिसके बाद 1987 में मिजोरम राज्य का गठन किया गया।
इसके अलावा, असम को पुनर्गठित कर 1972 में मेघालय और त्रिपुरा को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया, तथा 1987 में अरुणाचल को पूर्ण राज्य बनाया गया।
भारत में भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के प्रमुख उदाहरण क्या हैं?
उत्तर:
आंध्रप्रदेश (1953): भाषा के आधार पर गठित पहला राज्य।
महाराष्ट्र और गुजरात (1960): बम्बई राज्य को बाँटकर मराठी और गुजराती भाषियों के लिए क्रमशः महाराष्ट्र और गुजरात का निर्माण।
पंजाब और हरियाणा (1966): मास्टर तारासिंह के नेतृत्व में पंजाबी भाषा के लिए माँग के बाद पंजाब का पुनर्गठन कर हिंदी भाषी हरियाणा राज्य का गठन किया गया।
तेलंगाना राज्य की स्थापना कब और क्यों हुई?
उत्तर: तेलंगाना राज्य की स्थापना 2 जून 2014 को हुई। इसकी माँग लम्बे समय से आंध्रप्रदेश से अलग होने के लिए जारी थी। यह माँग सांस्कृतिक और आर्थिक असंतुलन की भावना से उपजी थी, जिसने बाद में हिंसक एवं उग्र रूप प्राप्त कर लिया, जिसके परिणामस्वरूप एक नया राज्य स्थापित करना पड़ा।
4. निबंधात्मक प्रश्न-उत्तर (5)
स्वतन्त्रता के पश्चात् भारत के राष्ट्रीय एकीकरण में सरदार वल्लभ भाई पटेल की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर:
स्वतंत्रता के समय, भारत ब्रिटिश प्रांतों और 500 से अधिक देशी रियासतों में बंटा हुआ था, जिनका विलय भारत या पाकिस्तान में होना था। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने गृह मंत्रालय के प्रमुख के रूप में वी. पी. मेनन के साथ मिलकर इस चुनौतीपूर्ण कार्य को असाधारण दृढ़ता, दूरदर्शिता और कूटनीति से पूरा किया, जिसके कारण उन्हें 'भारत का निर्माता' और 'लौह पुरुष' कहा जाता है।
कदम: उन्होंने रियासतों को विलय पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए राजी किया, 15 अगस्त 1947 से पूर्व ही अधिकांश रियासतें भारत में शामिल हो गईं।
हैदराबाद: निजाम द्वारा स्वतंत्र रहने या पाकिस्तान में जाने के प्रयास और 'रजाकारों' के अत्याचार को देखते हुए, पटेल ने 'ऑपरेशन पोलो' (1948) नामक सैनिक कार्यवाही की, जिससे हैदराबाद का विलय संभव हुआ।
जूनागढ़: नवाब द्वारा पाकिस्तान में विलय की घोषणा के बावजूद, पटेल ने सेना भेजकर स्थिति संभाली और जनमत संग्रह (1948) करवाकर विलय को वैधानिक आधार प्रदान किया।
जम्मू-कश्मीर: पाकिस्तानी घुसपैठ के संकटपूर्ण समय में, उन्होंने महाराजा हरिसिंह को विलय पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए प्रेरित किया और सेना भेजकर रियासत की रक्षा की।
पटेल की कुशल रणनीति के कारण ही भारत का वर्तमान राजनीतिक मानचित्र अस्तित्व में आया।
जूनागढ़ और हैदराबाद रियासतों के विलय में क्या समानताएँ और अंतर थे? तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए।
उत्तर:
| आधार | जूनागढ़ रियासत | हैदराबाद रियासत |
| :--- | :--- | :--- |
| शासक | नवाब मोहब्बत खान (मुस्लिम) | निजाम मीर उस्मान अली (मुस्लिम) |
| जनता की स्थिति | अधिकांश जनता गैर-मुस्लिम (हिंदू) थी। | 85% जनता हिन्दू थी। |
| शासक की इच्छा | पाकिस्तान में विलय की घोषणा की। | स्वतंत्र रहने की इच्छा, बाद में पाकिस्तान से मदद चाही। |
| समानता (विलय की चुनौती) | दोनों के शासक मुस्लिम थे और रियासतों को पाकिस्तान में मिलाना चाहते थे या स्वतंत्र रखना चाहते थे, जबकि अधिकांश जनता भारत में विलय चाहती थी। दोनों ही मामलों में सरदार पटेल ने सैन्य या राजनीतिक दबाव का सहारा लिया। | दोनों के शासक मुस्लिम थे और रियासतों को पाकिस्तान में मिलाना चाहते थे या स्वतंत्र रखना चाहते थे, जबकि अधिकांश जनता भारत में विलय चाहती थी। दोनों ही मामलों में सरदार पटेल ने सैन्य या राजनीतिक दबाव का सहारा लिया। |
| अंतर (विलय का तरीका) | पहले सेना भेजी गई (नवाब भाग गया), फिर जनमत संग्रह (फरवरी 1948) द्वारा विलय। | 'ऑपरेशन पोलो' नामक सैनिक कार्यवाही (सितंबर 1948) द्वारा विलय। |
भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की मांग क्यों उठी? आंध्रप्रदेश के गठन ने इस प्रक्रिया को कैसे आगे बढ़ाया?
उत्तर:
भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की मांग स्वतंत्रता के पश्चात् इसलिए उठी, क्योंकि लोगों का मानना था कि भाषा सांस्कृतिक पहचान का आधार होती है। एक भाषा बोलने वाले लोगों के लिए अलग राज्य होने से प्रशासनिक सुविधा बढ़ेगी, शिक्षा और सरकारी कामकाज अपनी भाषा में हो सकेगा, और स्थानीय संस्कृति का विकास सुनिश्चित होगा।
आंध्रप्रदेश के गठन ने इस प्रक्रिया को निर्णायक मोड़ दिया:
मद्रास प्रेसीडेंसी से तेलुगु भाषियों के लिए अलग राज्य की मांग सबसे आक्रामक थी।
पोट्टि श्रीरामुलू की आमरण अनशन के बाद हुई मृत्यु से उपजी अराजकता ने केंद्र सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया।
अक्टूबर 1953 में आंध्रप्रदेश की स्थापना भाषा के आधार पर गठित होने वाला पहला राज्य थी।
इस घटना ने अन्य भाषाई समूहों को प्रेरित किया और देश के विभिन्न हिस्सों में राज्यों के निर्माण की मांग तेज़ी से बढ़ने लगी, जिसके परिणामस्वरूप राज्य पुनर्गठन आयोग (1953) का गठन हुआ और अंततः राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 पारित हुआ।
गोवा और पांडिचेरी का विलय भारत के मानचित्र पर अंतिम औपनिवेशिक छाप को मिटाने में कैसे महत्वपूर्ण था? विस्तार से समझाइए।
उत्तर:
स्वतंत्रता के पश्चात् भी, गोवा पर पुर्तगाल का और पांडिचेरी पर फ्रांस का नियंत्रण बना रहा, जो भारत की संप्रभुता पर अंतिम औपनिवेशिक दाग थे। इन क्षेत्रों का विलय भारत के मानचित्र को पूर्ण करने और भारत को एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण था।
पांडिचेरी का विलय (1954): फ्रांसीसी प्रशासन के खिलाफ व्यापक आंदोलन के बाद, फ्राँस ने शांतिपूर्ण तरीके से इसे भारत को सौंप दिया। यह भारत की कूटनीति की सफलता थी।
गोवा का विलय (1961): पुर्तगाल के हठ के कारण, जिसने गोवा को खाली करने से मना कर दिया, भारत को सैन्य बल का प्रयोग करना पड़ा। 'ऑपरेशन विजय' द्वारा गोवा को मुक्त कराकर भारत में शामिल किया गया।
इन दोनों विलयों ने यह सुनिश्चित किया कि भारत के क्षेत्र पर किसी भी विदेशी शक्ति का कोई नियंत्रण शेष नहीं रहा, जिससे भारत की राजनीतिक एकता और क्षेत्रीय अखंडता पूरी हुई।
राजस्थान का एकीकरण एक संवेदनशील एवं लंबी प्रक्रिया क्यों थी? इसके प्रमुख चरणों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
राजस्थान का एकीकरण एक संवेदनशील और लंबी प्रक्रिया (लगभग 8 वर्ष 7 माह) थी क्योंकि स्वतंत्रता के समय यह 19 रियासतों, 3 ठिकानों और एक केंद्र शासित प्रदेश में बंटा हुआ था। संवेदनशीलता इसलिए थी क्योंकि जोधपुर, जैसलमेर और बीकानेर जैसी सीमावर्ती रियासतें पाकिस्तान के प्रलोभन के निशाने पर थीं।
एकीकरण सात चरणों में पूरा हुआ:
मत्स्य संघ (1948): अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली।
पूर्व राजस्थान (1948): बूँदी, कोटा, झालावाड़ सहित 9 रियासतें।
संयुक्त राजस्थान (1948): पूर्व राजस्थान + मेवाड़ (उदयपुर)।
वृहत् राजस्थान (1949): संयुक्त राजस्थान + जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर।
संयुक्त वृहत् राजस्थान (1949): वृहत् राजस्थान + मत्स्य संघ।
राजस्थान संघ (1950): सिरोही का विलय (आबू-देलवाड़ा को छोड़कर)।
वर्तमान राजस्थान का निर्माण (1 नवम्बर 1956): आबू-देलवाड़ा और अजमेर-मेरवाड़ा का विलय, तथा राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के अनुसार पुननिर्धारण।
सरदार पटेल की कुशल रणनीति और राजाओं की सहमति से यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हुई।
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