भाग 1: 30 एक-पंक्ति (वन लाइनर) प्रश्न-उत्तर
- प्रश्न: पुस्तपालन का दूसरा नाम क्या है? उत्तर: पुस्तपालन का दूसरा नाम 'बहीखाता' है।
- प्रश्न: 'बुक-कीपिंग' शब्द किन दो शब्दों से मिलकर बना है? उत्तर: यह 'बुक' (पुस्तक) और 'कीपिंग' (रखना) से मिलकर बना है।
- प्रश्न: दोहरा लेखा प्रणाली के जनक कौन थे? उत्तर: इसके जनक इटली के 'लुकास पेसियोली' थे।
- प्रश्न: एडवर्ड जोन्स ने अपनी पुस्तक कब प्रकाशित की? उत्तर: सन् 1795 में।
- प्रश्न: एडवर्ड जोन्स की पुस्तक का नाम क्या है? उत्तर: 'इंग्लिश सिस्टम ऑफ बुक कीपिंग'।
- प्रश्न: व्यापारिक व्यवहारों को नियत पुस्तकों में लिखने की कला को क्या कहते हैं? उत्तर: इसे बहीखाता कहते हैं (बाटली बॉय के अनुसार)।
- प्रश्न: वित्तीय प्रकृति के व्यवहारों का लेखा किस रूप में किया जाता है? उत्तर: मौद्रिक रूप (पैसे के रूप) में।
- प्रश्न: महाजनी बहीखाता विधि का दूसरा नाम क्या है? उत्तर: इसे 'भारतीय लेखा पद्धति' या 'देशी लेखा पद्धति' भी कहते हैं।
- प्रश्न: अर्थशास्त्र पुस्तक के रचयिता कौन हैं? उत्तर: कौटिल्य (चाणक्य)।
- प्रश्न: महाजनी बहीखाता प्रणाली में प्रविष्टियों के लिए किस स्याही का प्रयोग होता है? उत्तर: केवल काली स्याही का।
- प्रश्न: महाजनी पद्धति में बहियों के खाने (column) कैसे बनाए जाते हैं? उत्तर: सादे कागजों को मोड़कर सल डालकर।
- प्रश्न: महाजनी बहीखाता प्रणाली की कितनी अवस्थाएँ हैं? उत्तर: इसकी तीन अवस्थाएँ हैं।
- प्रश्न: महाजनी पद्धति की तीसरी अवस्था का नाम क्या है? उत्तर: सारांश या अन्तिम खाते।
- प्रश्न: महाजनी बहीखाता में बायीं ओर के भाग को क्या कहते हैं? उत्तर: इसे 'जमा' (Credit) पक्ष कहते हैं।
- प्रश्न: महाजनी बहीखाता में दाहिनी ओर के भाग को क्या कहते हैं? उत्तर: इसे 'नाम' (Debit) पक्ष कहते हैं।
- प्रश्न: पुस्तपालन की सबसे श्रेष्ठ और वैज्ञानिक प्रणाली कौन सी मानी जाती है? उत्तर: दोहरा लेखा प्रणाली।
- प्रश्न: वस्तुओं के क्रय-विक्रय को क्या कहते हैं? उत्तर: व्यापार।
- प्रश्न: माल खरीदने वाला व्यक्ति क्या कहलाता है? उत्तर: क्रेता।
- प्रश्न: माल बेचने वाला व्यक्ति क्या कहलाता है? उत्तर: विक्रेता।
- प्रश्न: व्यापार के स्वामी द्वारा निजी उपयोग के लिए निकाला गया धन क्या कहलाता है? उत्तर: आहरण।
- प्रश्न: व्यापारी द्वारा व्यापार में लगाया गया नकद धन या माल क्या कहलाता है? उत्तर: पूँजी।
- प्रश्न: व्यवसाय की प्रतिष्ठा का मौद्रिक मूल्य क्या कहलाता है? उत्तर: ख्याति।
- प्रश्न: महाजनी बहीखाते में सौदे का लेखा करने को क्या कहते हैं? उत्तर: टीपना।
- प्रश्न: सरकारी प्रतिभूतियों में लगाई गई राशि क्या कहलाती है? उत्तर: विनियोग।
- प्रश्न: दोहरा लेखा प्रणाली को और किस नाम से जाना जाता है? उत्तर: इटेलियन प्रणाली।
- प्रश्न: पुस्तपालन क्या मनुष्य की स्मरण शक्ति की कमी को पूरा करता है? उत्तर: हाँ, यह लिखित रिकॉर्ड रखकर स्मरण शक्ति की कमी को पूरा करता है।
- प्रश्न: 'नाम' और 'जमा' पक्ष किस प्रणाली के मुख्य आधार हैं? उत्तर: दोहरा लेखा प्रणाली और महाजनी प्रणाली।
- प्रश्न: प्राथमिक बहियों में किए गए लेखों को खातों में छाँटना क्या कहलाता है? उत्तर: वर्गीकरण या खतौनी।
- प्रश्न: व्यापार की आर्थिक स्थिति जानने के लिए क्या तैयार किया जाता है? उत्तर: अन्तिम खाते या सारांश।
- प्रश्न: व्यापार में उपयोग होने वाला फर्नीचर और भवन क्या कहलाते हैं? उत्तर: सम्पत्तियाँ।
भाग 2: 20 अति लघुतरात्मक प्रश्न-उत्तर
- प्रश्न: पुस्तपालन (बहीखाता) का मुख्य उद्देश्य क्या है? उत्तर: इसका उद्देश्य व्यापारिक लेन-देनों को नियमपूर्वक एवं व्यवस्थित रूप से पुस्तकों में लिखना है ताकि व्यापार की आर्थिक स्थिति और लाभ-हानि की सही जानकारी प्राप्त हो सके।
- प्रश्न: बहीखाते की कोई दो प्रमुख विशेषताएँ बताइए। उत्तर: 1. बहीखाता विज्ञान और कला दोनों है। 2. इसमें केवल वित्तीय प्रकृति के व्यवहारों का लेखा मौद्रिक रूप में किया जाता है।
- प्रश्न: शुक्र नीति के अनुसार हिसाब-किताब रखने का क्या नियम बताया गया है? उत्तर: शुक्र नीति के अनुसार पहले आमदनी लिखनी चाहिए और उसके बाद व्यय। बही के उल्टे हाथ की तरफ आमदनी और सीधे हाथ की तरफ व्यय लिखना चाहिए।
- प्रश्न: महाजनी बहीखाता विधि छोटे व्यापारियों के लिए क्यों उपयोगी है? उत्तर: यह विधि कम खर्चीली है, सरल है और इसमें कम बहियों (जैसे केवल रोकड़ बही) से भी काम चल जाता है।
- प्रश्न: पुस्तपालन के संबंध में प्रचलित भारतीय कहावत क्या है? उत्तर: "पहले लिख और पीछे दे, भूल पड़े तो कागज़ से ले"।
- प्रश्न: दोहरा लेखा प्रणाली से क्या आशय है? उत्तर: इस प्रणाली के अन्तर्गत प्रत्येक व्यावसायिक लेन-देन के दो पक्षों (नाम और जमा) पर प्रभाव पड़ता है और इसकी कम से कम दो प्रविष्टियाँ की जाती हैं।
- प्रश्न: महाजनी पद्धति और दोहरा लेखा पद्धति में भाषा के उपयोग में क्या अंतर है? उत्तर: महाजनी पद्धति में किसी भी भारतीय भाषा का प्रयोग किया जा सकता है, जबकि दोहरा लेखा पद्धति प्रायः अंग्रेजी भाषा के लिए अधिक उपयुक्त मानी जाती है।
- प्रश्न: खतौनी (Postings) किसे कहते हैं? उत्तर: प्राथमिक बहियों (जैसे रोजनामचा) में लिखे गए लेन-देनों को एक ही प्रकार के खातों के अंतर्गत छाँटकर खाता बही में लिखना खतौनी कहलाता है।
- प्रश्न: व्यापार में 'माल' (Goods) शब्द से क्या तात्पर्य है? उत्तर: व्यापारी जिन वस्तुओं का व्यापार (क्रय-विक्रय) लाभ कमाने के उद्देश्य से करता है, उन्हें 'माल' कहा जाता है।
- प्रश्न: 'आर्थिक व्यवहार' किसे कहते हैं? उत्तर: दो व्यक्तियों या पक्षों के बीच होने वाले ऐसे लेन-देन जिनका मूल्य मुद्रा में मापा जा सके, आर्थिक व्यवहार कहलाते हैं।
- प्रश्न: महाजनी बहीखाता प्रणाली की प्रथम अवस्था 'प्रारम्भिक लेखा' में कौन सी बहियाँ आती हैं? उत्तर: इसमें कच्चा रोजनामचा, कच्ची रोकड़ बही, पक्की रोकड़ बही और नकल बहियाँ शामिल होती हैं।
- प्रश्न: नार्थकोट (North cott) ने बहीखाता को कैसे परिभाषित किया है? उत्तर: नार्थकोट के अनुसार, बहीखाता वह कला है जो व्यापारिक या वित्तीय व्यवहारों के मौद्रिक पहलू को हिसाब की पुस्तकों में लिखना सिखाती है।
- प्रश्न: 'पूँजी' (Capital) और 'सम्पत्ति' (Assets) में क्या अंतर है? उत्तर: व्यापारी द्वारा व्यापार शुरू करने के लिए लगाया गया धन 'पूँजी' है, जबकि व्यापार के संचालन हेतु खरीदी गई वस्तुएँ जैसे भवन या फर्नीचर 'सम्पत्ति' कहलाती हैं।
- प्रश्न: महाजनी बहीखाता विधि को 'वैज्ञानिक' क्यों माना जाता है? उत्तर: क्योंकि यह विधि दोहरे लेखे के सिद्धान्त पर आधारित है और हर प्रकार की व्यावसायिक परिस्थितियों में खरी उतरी है।
- प्रश्न: 'विक्रय वापसी' (Sales Return) किसे कहते हैं? उत्तर: जब बेचा हुआ माल किसी कारणवश ग्राहक द्वारा वापस कर दिया जाता है, तो उसे विक्रय वापसी कहते हैं।
- प्रश्न: 'स्वामित्व' (Ownership) से आप क्या समझते हैं? उत्तर: व्यवसाय के मालिक या स्वामी की वैधानिक स्थिति और उसके अधिकारों को स्वामित्व कहते हैं।
- प्रश्न: जर्नल (Journal) का दोहरा लेखा प्रणाली में क्या महत्व है? उत्तर: जर्नल मूल अभिलेख की मुख्य पुस्तक है जिसमें सौदे होने पर सबसे पहले तिथिवार (chronological) प्रविष्टि की जाती है।
- प्रश्न: कच्चा आँकड़ा (Trial Balance) बनाने का क्या उद्देश्य है? उत्तर: खाता बही में की गई खतौनी की गणितीय शुद्धता की जाँच करने के लिए कच्चा आँकड़ा या तलपट तैयार किया जाता है।
- प्रश्न: महाजनी पद्धति में 'बहियों' और दोहरा लेखा पद्धति में 'रजिस्टरों' के उपयोग में क्या अंतर है? उत्तर: बहियाँ रजिस्टरों की तुलना में सस्ती, स्थायी और लचीली होती हैं, जिन्हें आवश्यकतानुसार घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
- प्रश्न: आधुनिक समय में हिसाब-किताब रखना व्यापारियों के लिए क्यों अनिवार्य है? उत्तर: क्योंकि एक व्यापारी के यहाँ प्रतिदिन सैकड़ों सौदे होते हैं जिन्हें याद रखना असंभव है, अतः नियमानुसार उचित लेखा रखना आवश्यक है।
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