1.अर्थशास्त्र का संबंध मनुष्य के किन निर्णयों से है?
जो वह अपने संसाधनों के सीमित होने के कारण लेता है।
2.आर्थिक समस्याएं क्यों उत्पन्न होती हैं?
आवश्यकताएं असीमित, साधन सीमित और साधनों का वैकल्पिक प्रयोग।
3.मनुष्य की आवश्यकताएं कैसी होती हैं?
असीमित (Unlimited)।
4.आर्थिक साधनों की प्रकृति कैसी होती है?
सीमित या दुर्लभ (Scarce)।
5.सीमित साधनों और अनंत आवश्यकता के कारण कौन सी समस्या जन्म लेती है?
चयन की समस्या (Problem of Choice)।
6.उत्पादन, उपभोग और वितरण किससे संबंधित हैं?
अर्थव्यवस्था की केन्द्रीय समस्याओं से।
7.अर्थव्यवस्था की पहली केन्द्रीय समस्या क्या है?
क्या और कितनी मात्रा में उत्पादन करें।
8.'क्या उत्पादन करें' की समस्या में किसके बीच चुनाव करना होता है?
उपभोक्ता वस्तुएँ और पूँजीगत वस्तुएँ।
9.अर्थव्यवस्था की दूसरी केन्द्रीय समस्या क्या है?
किस प्रकार उत्पादन करें।
10.'किस प्रकार उत्पादन करें' की समस्या किससे संबंधित है?
उत्पादन की तकनीक के चयन से।
11.उत्पादन की दो मुख्य तकनीकें कौन सी हैं?
श्रम प्रधान और पूंजी प्रधान तकनीक।
12.अर्थव्यवस्था की तीसरी केन्द्रीय समस्या क्या है?
किसके लिए उत्पादन करें।
13.'किसके लिए उत्पादन करें' की समस्या किससे संबंधित है?
उत्पादित वस्तुओं के वितरण से।
14.साधनों के स्वामियों को उनके योगदान के लिए भुगतान करना कौन सा वितरण है?
कार्यात्मक वितरण।
15.समाज में व्यक्तियों के बीच आय का वितरण क्या कहलाता है?
व्यक्तिगत वितरण।
16.उत्पादन संभावना वक्र (PPC) क्या दर्शाता है?
दो वस्तुओं के उत्पादन की अधिकतम वैकल्पिक संभावनाएँ।
17.उत्पादन संभावना वक्र की एक प्रमुख मान्यता क्या है?
संसाधनों का पूर्ण और कुशल प्रयोग।
18.अवसर लागत (Opportunity Cost) को परिभाषित कीजिए।
छोड़े गए अगले सबसे अच्छे विकल्प (वस्तु) का मूल्य।
19.सीमांत अवसर लागत (MOC) का दूसरा नाम क्या है?
सीमांत रूपांतरण दर (Marginal Rate of Transformation - MRT)।
20.सीमांत अवसर लागत क्या दर्शाती है?
एक वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई के लिए छोड़ी गई दूसरी वस्तु की मात्रा।
21.सामान्यतः सीमांत अवसर लागत की प्रकृति कैसी होती है?
बढ़ती हुई (Increasing)।
22.सीमांत अवसर लागत के बढ़ने के कारण PPC का आकार कैसा होता है?
मूल बिंदु की ओर नतोदर/उन्नतोदर (Concave)।
23.उत्पादन संभावना वक्र पर स्थित कोई भी बिंदु क्या दर्शाता है?
संसाधनों का पूर्ण और कुशल प्रयोग।
24.PPC के बाहर का कोई बिंदु क्या दर्शाता है?
उत्पादन की अवांछनीय (असंभव) संभावना।
25.PPC के अंदर का कोई बिंदु क्या दर्शाता है?
संसाधनों का अकुशल/अपूर्ण प्रयोग।
26.उत्पादन क्षमता में वृद्धि होने पर PPC में क्या परिवर्तन होता है?
PPC दाईं ओर खिसक जाता है (Shift Outward)।
27.यदि साधनों का प्रयोग अकुशलता से किया जाए तो उत्पादन स्तर कहाँ होगा?
PPC के अंदर।
28.संसाधनों की कमी या विनाश होने पर PPC में क्या परिवर्तन होता है?
PPC बाईं ओर खिसक जाता है (Shift Inward)।
29.श्रम प्रधान तकनीक का प्रयोग कब किया जाता है?
जब श्रम सस्ता और प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हो।
30.पूंजी प्रधान तकनीक का प्रयोग कब किया जाता है?
जब पूंजी सस्ती और प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हो।
2. 20 अति लघुतात्मक के प्रश्न उत्तर (Very Short Answer Type Questions and Answers)
आर्थिक समस्याएं उत्पन्न होने के तीन कारण बताइए।
उत्तर: 1. आवश्यकताएं असीमित हैं। 2. साधन सीमित हैं। 3. साधनों का वैकल्पिक प्रयोग है।
सीमित साधन और असीमित आवश्यकताएँ किस समस्या को जन्म देती हैं?
उत्तर: ये चयन की समस्या को जन्म देती हैं, क्योंकि व्यक्ति को यह तय करना होता है कि अपनी कौन सी आवश्यकताएँ पूरी करनी हैं और कौन सी छोड़नी हैं।
उत्पादन, उपभोग और वितरण से संबंधित समस्याओं को क्या कहते हैं?
उत्तर: इन समस्याओं को अर्थव्यवस्था की केन्द्रीय समस्याएं कहते हैं।
'क्या और कितनी मात्रा में उत्पादन करें' की समस्या में अर्थव्यवस्था को क्या निर्णय लेने होते हैं?
उत्तर: यह निर्णय लेना कि कौन-सी वस्तुएँ (जैसे उपभोक्ता वस्तुएँ या पूँजीगत वस्तुएँ) उत्पादित की जाएँ, और प्रत्येक की कितनी मात्रा में की जाएँ।
उत्पादन की तकनीक के चयन से कौन सी केन्द्रीय समस्या संबंधित है?
उत्तर: 'किस प्रकार उत्पादन करें' की समस्या।
श्रम प्रधान तकनीक (LIT) और पूंजी प्रधान तकनीक (CIT) में क्या अंतर है?
उत्तर: LIT में श्रम का अधिक प्रयोग होता है, जबकि CIT में पूंजी (मशीन) का अधिक प्रयोग होता है।
कार्यात्मक वितरण का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है उत्पादन के साधनों (भूमि, श्रम, पूंजी, उद्यम) को उनके योगदान के लिए लगान, मजदूरी, ब्याज और लाभ के रूप में भुगतान करना।
उत्पादन संभावना वक्र (PPC) की परिभाषा दीजिए।
उत्तर: यह दिए गए संसाधनों और तकनीक का पूर्ण और कुशल प्रयोग करके उत्पादित की जा सकने वाली दो वस्तुओं के अधिकतम वैकल्पिक संयोगों को दर्शाता है।
उत्पादन संभावना वक्र की दो मुख्य मान्यताएँ क्या हैं?
उत्तर: 1. संसाधनों का पूर्ण और कुशल प्रयोग हो रहा है। 2. तकनीक स्थिर है।
अवसर लागत (Opportunity Cost) का एक सरल उदाहरण दीजिए।
उत्तर: यदि कोई व्यक्ति ₹50,000 की नौकरी छोड़कर ₹60,000 की नौकरी चुनता है, तो ₹50,000 अवसर लागत है।
सीमांत अवसर लागत (MOC) का सूत्र क्या है?
उत्तर: MOC = \frac{\text{खोई गई वस्तु की मात्रा}}{\text{प्राप्त की गई वस्तु की मात्रा}}।
PPC का आकार मूल बिंदु की ओर नतोदर (Concave) क्यों होता है?
उत्तर: बढ़ती हुई सीमांत अवसर लागत (Increasing MOC) के कारण, क्योंकि प्रत्येक अतिरिक्त इकाई के लिए अधिक त्याग करना पड़ता है।
PPC पर स्थित कोई बिंदु क्या दर्शाता है, और PPC के अंदर स्थित बिंदु क्या दर्शाता है?
उत्तर: PPC पर स्थित बिंदु संसाधनों का पूर्ण और कुशल प्रयोग दर्शाता है, जबकि अंदर स्थित बिंदु अकुशल/अपूर्ण प्रयोग दर्शाता है।
संसाधनों की वृद्धि होने पर PPC में क्या बदलाव आता है?
उत्तर: संसाधनों की वृद्धि होने पर PPC दाईं ओर खिसक जाता है (बाहर की ओर) क्योंकि उत्पादन क्षमता बढ़ जाती है।
यदि तकनीकी प्रगति केवल एक वस्तु के उत्पादन को प्रभावित करे तो PPC में क्या बदलाव आएगा?
उत्तर: PPC केवल उस वस्तु की अक्ष की ओर बाहर की ओर घूम जाएगा।
एक अर्थव्यवस्था साधनों की उत्पादकता को कैसे बढ़ा सकती है?
उत्तर: नई तकनीक का उपयोग करके, मानव पूंजी में निवेश करके, या शिक्षण और प्रशिक्षण के माध्यम से।
'किसके लिए उत्पादन करें' की समस्या को आय की असमानता से जोड़कर कैसे देखा जा सकता है?
उत्तर: यदि उत्पादन अमीरों के लिए किया जाता है, तो लाभ अधिक होगा लेकिन आय की असमानता बढ़ेगी।
यदि पूँजीगत वस्तुओं का उत्पादन बढ़ाया जाए तो अर्थव्यवस्था के लिए इसका क्या निहितार्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि अर्थव्यवस्था ने उपभोक्ता वस्तुओं का त्याग किया है, लेकिन इससे भविष्य में उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।
PPC के बाहर का बिंदु (जैसे Z) क्यों अवांछनीय (असंभव) होता है?
उत्तर: क्योंकि वर्तमान संसाधनों और तकनीक के साथ उस स्तर का उत्पादन करना संभव नहीं है।
चयन की समस्या क्या है?
उत्तर: चयन की समस्या सीमित साधनों को असीमित आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वैकल्पिक उपयोगों में आवंटित करने का निर्णय है।
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