कक्षा दसवीं गृह विज्ञान पाठ चार भोजन पकाने की विधियां पाठ के नोट्स


भोजन क्यों पकाते हैं?
भोजन पकाने के कई फायदे हैं:
 * पचने में आसान: पकाने से भोजन नरम हो जाता है, जिससे उसे चबाना और पचाना आसान होता है।
 * स्वाद और रूप में सुधार: पकाने से भोजन का स्वाद, रंग, गंध और बनावट बेहतर हो जाती है। मसाले मिलाने से यह और भी स्वादिष्ट लगता है।
 * खाने में विविधता: एक ही चीज़ से कई तरह के पकवान बनाए जा सकते हैं। जैसे आलू से चिप्स, पकौड़े, पराठे और भुजिया बन सकती है।
 * लंबे समय तक सुरक्षित: पकाने से भोजन में मौजूद हानिकारक कीटाणु मर जाते हैं। दूध को उबालने से वह जल्दी खराब नहीं होता।
 * सुरक्षित भोजन: कच्चे भोजन में मौजूद हानिकारक सूक्ष्म जीवाणु (जैसे बैक्टीरिया) गर्मी से नष्ट हो जाते हैं, जिससे भोजन खाने के लिए सुरक्षित हो जाता है। उदाहरण के लिए, मांस और अंडे को अच्छी तरह पकाना ज़रूरी है।
भोजन पकाने की मुख्य विधियाँ
भोजन पकाने की विधियों को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा जा सकता है:
1. नम ताप विधि (गीली गर्मी से पकाना)
इस विधि में भोजन को पानी या भाप का इस्तेमाल करके पकाया जाता है।
 * उबालना (Boiling): भोजन को पानी में डालकर तब तक पकाया जाता है, जब तक वह नरम न हो जाए।
   * उदाहरण: उबले आलू, चावल, दाल।
   * फायदे: यह एक सुरक्षित और आसान तरीका है। उबला भोजन पचने में भी आसान होता है।
   * नुकसान: पानी में घुलने वाले पोषक तत्व (जैसे विटामिन) पानी के साथ बाहर निकल सकते हैं, अगर उस पानी को फेंक दिया जाए।
 * भाप से पकाना (Steaming): भोजन को सीधे पानी में न डालकर, उसकी भाप से पकाया जाता है। इसके लिए एक खास बर्तन (स्टीमर) का इस्तेमाल होता है।
   * उदाहरण: इडली, ढोकला, मोमोज।
   * फायदे: यह तेज़ है और भोजन के पोषक तत्वों को बचाए रखता है। भाप से बना भोजन हल्का और आसानी से पच जाता है।
 * प्रेशर कुकिंग (Pressure Cooking): यह एक विशेष बर्तन (प्रेशर कुकर) में तेज़ दबाव और गर्मी से भोजन पकाने की विधि है।
   * उदाहरण: चावल, दाल, आलू।
   * फायदे: खाना बहुत जल्दी पकता है, जिससे समय और ईंधन दोनों बचते हैं। पोषक तत्वों की हानि भी कम होती है।
2. शुष्क ताप विधि (सूखी गर्मी से पकाना)
इस विधि में पानी के बिना, सूखी गर्मी का इस्तेमाल होता है।
 * भूनना (Roasting): भोजन को सीधे आग पर, गर्म तवे पर, या गर्म रेत में रखकर पकाया जाता है।
   * उदाहरण: भुट्टा, बैंगन का भरता, पापड़।
   * फायदे: इस विधि से भोजन का स्वाद बढ़ जाता है।
   * नुकसान: खाना पकने में ज़्यादा समय लग सकता है और कभी-कभी बहुत ज़्यादा सूखा हो जाता है।
 * बेकिंग (Baking): भोजन को बंद गर्म जगह (ओवन या भट्टी) में रखकर पकाया जाता है।
   * उदाहरण: ब्रेड, केक, बिस्किट, तंदूरी रोटी।
   * फायदे: इस विधि से कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जा सकते हैं।
 * आग पर सेंकना (Grilling): भोजन को सीधी और तेज़ आग पर, या बिजली से चलने वाली ग्रिल पर पकाया जाता है।
   * उदाहरण: पनीर टिक्का, चिकन कबाब।
   * फायदे: भोजन में एक खास स्वाद आता है।
3. तलना (Frying)
इस विधि में भोजन को गर्म तेल या घी में पकाया जाता है।
 * कम तेल में तलना: भोजन को बहुत कम तेल में पकाया जाता है। नॉन-स्टिक पैन इसके लिए सबसे अच्छे होते हैं।
   * उदाहरण: पराठा, डोसा।
 * ज़्यादा तेल में तलना: भोजन को पूरी तरह से गर्म तेल या घी में डुबोकर पकाया जाता है।
   * उदाहरण: समोसे, पकौड़े, पूरी।
   * नुकसान: तला हुआ भोजन पचाने में भारी होता है और इसमें कैलोरी बहुत ज़्यादा होती है। एक ही तेल का बार-बार इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे उसकी गुणवत्ता खराब हो जाती है।
पोषक तत्वों का संरक्षण (सुरक्षा) कैसे करें?
खाना पकाते समय पोषक तत्वों को बचाना बहुत ज़रूरी है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:
 * सब्जियों को काटने से पहले धोएं, ताकि पोषक तत्व पानी में न बहें।
 * सब्जियों को मोटे टुकड़ों में काटें, क्योंकि छोटे टुकड़ों से पोषक तत्व जल्दी नष्ट होते हैं।
 * खाना पकाने के लिए सही मात्रा में पानी का इस्तेमाल करें और बचे हुए पानी को फेंकने की बजाय ग्रेवी या सूप में इस्तेमाल करें।
 * प्रेशर कुकर जैसे बर्तनों का इस्तेमाल करें, जो खाना जल्दी पकाते हैं।
 * खाना पकाते समय बेकिंग सोडा का इस्तेमाल न करें।
 * खाना ढककर पकाएं, ताकि भाप और पोषक तत्व बाहर न निकलें।
 * खाना ज़रूरत से ज़्यादा न पकाएं।
भोजन में पोषक तत्व कैसे बढ़ाएं?
खाने की गुणवत्ता को कुछ तरीकों से बढ़ाया जा सकता है:
 * संयोजन (Combination): दो अलग-अलग तरह के भोजन को मिलाकर खाना। जैसे चावल-दाल, या रोटी-सब्जी। इससे भोजन में मौजूद सभी पोषक तत्व मिल जाते हैं।
 * किण्वन (Fermentation): भोजन को खमीर उठाकर बनाना। इससे भोजन पचने में आसान हो जाता है और विटामिन-बी जैसे नए पोषक तत्व भी बनते हैं।
   * उदाहरण: दही, इडली, ढोकला।
 * अंकुरण (Germination): दालों या अनाजों को भिगोकर अंकुरित करना। इससे उनकी पाचन शक्ति बढ़ती है और पोषक तत्व भी बढ़ जाते हैं।
   * उदाहरण: अंकुरित मूंग या चना।

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