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सुरक्षा की आवश्यकता
* घर में होने वाली दुर्घटनाएं मृत्यु का एक प्रमुख कारण हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों में।
* लगभग 80% दुर्घटनाएं घर पर ही होती हैं।
* अपने घर को दुर्घटना-रोधी बनाना महत्वपूर्ण है ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके, जो गंभीर चोट या विकलांगता का कारण बन सकती हैं।
घर में होने वाली सामान्य दुर्घटनाएँ और उनसे बचाव
* गिरना (Falling):
* खिड़की, छत की चारदीवारी और सीढ़ियों पर ध्यान दें।
* खिड़की पर ग्रिल लगवाएँ, छत की चारदीवारी ऊँची रखें।
* सीढ़ियों पर पर्याप्त प्रकाश रखें और उन्हें व्यवस्थित रखें।
* फर्श को सूखा रखें, साबुन या तेल गिरने पर तुरंत साफ करें।
* कट लगना (Cuts):
* बच्चों की पहुँच से दूर नुकीली वस्तुएँ जैसे चाकू, ब्लेड, कैंची, और शीशे की टूटी वस्तुएं रखें।
* खिलौने खरीदते समय ध्यान दें कि उनके कोने नुकीले न हों।
* टूटे हुए शीशे के टुकड़ों को इकट्ठा करने के लिए गीले कपड़े, चिपकाने वाली टेप या गूंथे हुए आटे का उपयोग करें।
* जलना और द्रवदाह (Burns and Scalds):
* माचिस, रसायन और गर्म पदार्थों को बच्चों से दूर रखें।
* खाना बनाते समय ढीले कपड़े न पहनें।
* गैस स्टोव के पास ज्वलनशील पदार्थ न रखें।
* यदि गैस सिलेंडर लीक हो, तो खिड़कियाँ खोलें, बिजली के स्विच न जलाएँ और माचिस न जलाएँ। लीक करने वाले सिलेंडर को बाहर खुली जगह में रखें।
* विषाक्तता (Poisoning):
* सभी रसायनों और दवाओं को उनके मूल, लेबल वाले पात्रों में रखें।
* इन्हें बच्चों की पहुँच से दूर, ताले में बंद रखें।
* बासी या दूषित भोजन का सेवन न करें।
* सब्जियों और फलों पर कीटनाशकों के छिड़काव का ध्यान रखें।
* काटना व डंक (Bites and Stings):
* साँप, कुत्ते, मधुमक्खी या ततैया के काटने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
* घर के आसपास साफ-सफाई रखें ताकि कीड़े-मकोड़े न आएँ।
* विद्युतमारण और बिजली का झटका (Electrocution and Shock):
* एक ही सॉकेट में बहुत से उपकरण न लगाएँ।
* बिजली के उपकरण गीले हाथों से न छुएँ।
* पुरानी या खराब तारों को तुरंत बदलें।
* हमेशा थ्री-पिन प्लग और आईएसआई प्रमाणित उपकरणों का उपयोग करें।
* बच्चों को बिजली के उपकरणों से दूर रखें।
* दम घुटना तथा साँस लेने में कठिनाई (Suffocation and Choking):
* बच्चों को छोटे खिलौने, बटन या प्लास्टिक की थैलियों से दूर रखें।
* बच्चे को निगलने से रोकने के लिए उस पर हमेशा नजर रखें।
* यदि बच्चा कुछ निगल ले, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाएँ।
प्राथमिक उपचार के नियम
* घर में हमेशा एक प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स तैयार रखें।
* शांत और धैर्यवान रहें।
* पीड़ित को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाएँ।
* आपातकालीन सहायता नंबर हमेशा अपने पास रखें।
* घायल को तुरंत अस्पताल ले जाएँ।
विशिष्ट चोटों का प्राथमिक उपचार
* हड्डी टूटना: घायल भाग को हिलने न दें, लकड़ी या पट्टे से सहारा दें और तुरंत अस्पताल ले जाएँ।
* मोच: प्रभावित भाग पर बर्फ की थैली रखें और डॉक्टर से सलाह लें।
* रक्तस्राव: घाव पर साफ कपड़ा दबाएँ, यदि खून न रुके तो तुरंत अस्पताल जाएँ।
* जलना: जले हुए हिस्से को ठंडे पानी के नीचे रखें और एंटीबायोटिक क्रीम लगाएँ। गंभीर जलने पर अस्पताल जाएँ।
* बिजली का झटका: सबसे पहले बिजली बंद करें। पीड़ित को लकड़ी की वस्तु से छुड़ाएँ और तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएँ।
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