कक्षा बारहवीं पर्यावरण पाठ 1पृथ्वी: उद्भव और पर्यावरण का विकास पाठ के नोट्स


1. पृथ्वी और ब्रह्मांड
 * ब्रह्मांड की उम्र: लगभग 15 से 20 अरब साल।
 * पृथ्वी की उम्र: लगभग 4 से 5 अरब साल।
 * मानव का उद्भव: लगभग 20 लाख साल पहले।
 * ब्रह्मांड के घटक: सूर्य, चंद्रमा, ग्रह, उपग्रह, क्षुद्र ग्रह, धूमकेतु और गैलेक्सी (तारों के विशाल समूह)।
 * सौर मंडल: सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने वाले 8 ग्रहों का समूह। पहले प्लूटो को भी एक ग्रह माना जाता था, पर अब नहीं।
2. ब्रह्मांड और पृथ्वी का उद्गम
 * बिग बैंग सिद्धांत: ब्रह्मांड की उत्पत्ति एक बड़े विस्फोट (महाविस्फोट) से हुई।
 * सूर्य का निर्माण: विस्फोट के बाद धूल और गैसों का एक विशाल पिंड बना जो घूमने लगा। इसके केंद्र के बहुत गर्म होने से सूर्य बना।
 * ग्रहों का निर्माण: धूल और गैस के घूमने वाले पिंड के किनारों से बड़े-बड़े कण अलग होकर ग्रहों में बदल गए।
 * पृथ्वी का निर्माण:
   * एक विस्फोट के साथ पृथ्वी भी एक गर्म गैस और धूल के गोले के रूप में अलग हुई।
   * यह गोला धीरे-धीरे ठंडा होकर ठोस चट्टान में बदला।
   * बाहरी सतह ठंडी होकर सख्त परत बन गई, जबकि भीतरी हिस्सा अभी भी बहुत गर्म और तरल है।
3. पृथ्वी की विशिष्टताएँ
 * आंतरिक संरचना: पृथ्वी की परत (क्रस्ट) के नीचे मैंटल (प्रावार) और फिर क्रोड (कोर) होता है, जिसका तापमान लगभग 5000° सेल्सियस होता है।
 * घूर्णन और परिक्रमण:
   * पृथ्वी अपनी धुरी पर 24 घंटे में एक बार घूमती है, जिससे दिन और रात होते हैं।
   * यह सूर्य के चारों ओर एक चक्कर 365.25 दिन में पूरा करती है, जिसे एक वर्ष कहते हैं।
 * चंद्रमा: चंद्रमा पृथ्वी का एक चक्कर 27.33 दिन में पूरा करता है।
 * अद्वितीय ग्रह: पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ग्रह है जहाँ जीवन पाया जाता है, क्योंकि यहाँ जीवन के लिए ज़रूरी परिस्थितियाँ हैं।
4. जीवन के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ
 * पानी:
   * पृथ्वी की लगभग तीन-चौथाई सतह पानी से ढकी है।
   * जल एक महत्वपूर्ण विलायक है और जीवन की शुरुआत पानी में ही हुई।
   * यह जीवित जीवों के लिए बहुत ज़रूरी है।
 * वायुमंडल:
   * पृथ्वी का वायुमंडल जीवन को बनाए रखता है।
   * इसमें मुख्य रूप से नाइट्रोजन (78%) और ऑक्सीजन (21%) होती है।
   * जीवधारी सांस लेने के लिए ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं, और पौधे भोजन बनाने के लिए कार्बन डाइऑक्साइड का।
 * तापमान:
   * पृथ्वी का औसत तापमान लगभग 16° सेल्सियस है, जो जीवन के लिए उपयुक्त है।
 * प्रतिरोधक क्षमता:
   * मिट्टी का pH मान उदासीन (pH-7) होता है, जो जीवन के लिए अनुकूल है।
5. मानव से पहले जीवन का विकास
 * शुरुआती वायुमंडल: शुरुआत में वायुमंडल में मीथेन, अमोनिया और हाइड्रोजन गैसें थीं, लेकिन मुक्त ऑक्सीजन नहीं थी।
 * जीवन का उद्भव:
   * पृथ्वी के ठंडी होने पर पानी बना और जलाशय बने।
   * पानी में जीवन के अणु विकसित हुए, जिनसे जीवाणु बने।
   * सबसे पुराने जीवाश्म 3.5 अरब साल पुरानी चट्टानों में मिले हैं।
 * ऑक्सीजन का बनना:
   * क्लोरोफिल वाले जीवाणु प्रकाश संश्लेषण करने लगे।
   * इस प्रक्रिया से वायुमंडल में ऑक्सीजन जमा होने लगी।
   * धीरे-धीरे वायुमंडल ऑक्सीकारक बन गया और ऑक्सीजन की मात्रा 21% हो गई।
 * जैविक विकास:
   * जीवाणुओं से प्रोटिस्ट (एककोशिकीय जीव) और फिर बहुकोशिकीय जीव जैसे फफूंद, पौधे और जंतु विकसित हुए।
   * आज जीवों को पाँच जगतों में बांटा गया है: मोनेरा, प्रोटिस्टा, फफूंद, प्लांटी और ऐनिमेलिया।
6. पर्यावरण क्या है?
 * परिभाषा: किसी जीव के आस-पास का परिवेश जिसमें वह रहता है और काम करता है।
 * घटक: पर्यावरण के दो मुख्य घटक हैं:
| निर्जीव (अजैविक) घटक | सजीव (जैविक) घटक |
|---|---|
| प्रकाश: ऊर्जा का स्रोत। | पौधे: प्रकाश संश्लेषण से भोजन बनाते हैं। |
| पानी: जीवन के लिए ज़रूरी विलायक। | जंतु: एक दूसरे को भोजन बनाते हैं और निवास करते हैं। |
| तापमान: जीवों के जीवित रहने के लिए महत्वपूर्ण। | सूक्ष्मजीव: मृत जीवों को सड़ाकर पोषक तत्वों को मिट्टी में मिलाते हैं। |
| वायुमंडल: ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और अन्य गैसें। | मानव: पर्यावरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा। |
| अधःस्तर: भूमि, मिट्टी, नदी या समुद्र की सतह। |  |
 * जीवों के जीवित रहने के लिए पर्यावरण के सजीव और निर्जीव घटकों के बीच संतुलन ज़रूरी है।

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