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1. उत्तर-लाइन (One-liner) प्रश्न (30 प्रश्न)
ये प्रश्न पाठ के मुख्य तथ्यों और परिभाषाओं पर केंद्रित हैं।
* प्राकृतिक पारितंत्र क्या है?
उत्तर: प्राकृतिक पारितंत्र पादपों और जन्तुओं का वह समूह है जो एक इकाई के रूप में कार्य करते हैं तथा अपनी पहचान बनाए रखने में सक्षम होते हैं।
* पारितंत्रों के दो मुख्य प्रकार कौन-कौन से हैं?
उत्तर: स्थलीय पारितंत्र और जलीय पारितंत्र।
* स्थलीय पारितंत्रों के चार मुख्य उदाहरण दीजिए।
उत्तर: वन, घास के मैदान, मरुस्थल, तथा टुंड्रा।
* अलवणीय जलीय पारितंत्रों के उदाहरण क्या हैं?
उत्तर: नदियाँ, झीलें, और तालाब।
* उष्णकटिबंधीय वर्षा वन कहाँ पाए जाते हैं?
उत्तर: उन क्षेत्रों में जहाँ अत्यधिक वर्षा होती है, जैसे भारत के पश्चिमी तट, दक्षिण पूर्व एशिया, अफ्रीका, और दक्षिण अमेरिका के कुछ भागों में।
* उष्णकटिबंधीय वर्षा वन में वार्षिक वर्षा कितनी होती है?
उत्तर: प्रतिवर्ष 200 सेमी से अधिक वर्षा होती है।
* शीतोष्ण पतझड़ वन के वृक्ष अपनी पत्तियाँ कब गिराते हैं?
उत्तर: पतझड़ ऋतु में।
* शंकुधारी वनों को और किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर: टैगा वन।
* उत्तरी अमेरिका में घास के मैदानों को क्या कहा जाता है?
उत्तर: प्रेयरी।
* यूरेशिया (यूरोप तथा एशिया) में घास के मैदानों को किस नाम से जानते हैं?
उत्तर: स्टेपीज।
* दक्षिणी अमेरिका में घास के मैदानों का नाम क्या है?
उत्तर: पम्पास।
* उष्णकटिबंधीय घास के मैदानों को सामान्यतया क्या कहते हैं?
उत्तर: सवाना।
* मरुस्थल पृथ्वी का लगभग कितना भाग घेरे हुए हैं?
उत्तर: 1/7 वां भाग।
* मरुस्थलीय पौधों में जल संरक्षण की एक विधि बताइए।
उत्तर: पत्तियाँ नहीं होती हैं या फिर बहुत छोटी होती हैं, या तने गूदेदार होते हैं और जल संचित रखते हैं।
* किस जन्तु को मरुस्थल का जहाज कहा जाता है?
उत्तर: ऊंट।
* 'टुण्ड्रा' शब्द का अर्थ क्या है?
उत्तर: बंजर भूमि।
* टुंड्रा के दो प्रकार कौन से हैं?
उत्तर: आर्कटिक टुंड्रा और एल्पाइन टुंड्रा।
* जल जिसका चक्र निरंतर चलता रहता है और जिसमें अल्प मात्रा में लवण होते हैं, क्या कहलाता है?
उत्तर: अलवण जल।
* अलवण जल के अध्ययन को क्या कहते हैं?
उत्तर: सरोविज्ञान (Limnology)।
* नदियों और झरनों में किस प्रकार का जल पाया जाता है?
उत्तर: बहता हुआ जल (सरित या Lotic)।
* जल में प्लवन करने वाले सूक्ष्मजीव क्या कहलाते हैं?
उत्तर: प्लवक (Plankton)।
* समुद्री पारितंत्र पृथ्वी का लगभग कितना प्रतिशत भाग घेरे हुए हैं?
उत्तर: लगभग 71 प्रतिशत भाग।
* ज्वारनदमुख (Estuary) क्या है?
उत्तर: वह स्थान जहाँ नदी तथा समुद्र का जल मिलता है, और यह अलवणजलीय और समुद्री पारितंत्र का संक्रामिका (इकोटोन) है।
* डेल्टा किस प्रकार का क्षेत्र होता है?
उत्तर: त्रिभुजाकार क्षेत्र जो नदी घाटी के मुँह को घेरे रहता है और समुद्र में आगे की ओर निकला होता है।
* मैंग्रोव वन किस प्रकार के जल में उगते हैं?
उत्तर: अलवण और खारे पानी में।
* मैंग्रोव वन में जड़ों में क्या पाया जाता है जो श्वसन में सहायता करता है?
उत्तर: न्यूमेटोफोर (Pneumatophore) या वायवीय जड़ें।
* सुन्दर वन का नाम किस मैंग्रोव वृक्ष के नाम पर रखा गया है?
उत्तर: सुंदरी।
* ईकोटोन (Ecotone) क्या है?
उत्तर: दो या अधिक विविध पारितंत्रों के बीच का क्षेत्र।
* ईकोटोन में प्रजातियों की संख्या और जनसंख्या घनत्व अन्य समुदायों की अपेक्षा बहुत अधिक होने को क्या कहते हैं?
उत्तर: कोर प्रभाव (Edge effect)।
* प्राकृतिक पारितंत्रों के विनाश का मूल कारण क्या है?
उत्तर: बढ़ती हुई मानव जनसंख्या और इसकी बढ़ती हुई लालच।
2. अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (10 प्रश्न)
इन प्रश्नों का उत्तर एक या दो वाक्यों में दिया जा सकता है।
* स्थिर और बहते हुए अलवण जल पारितंत्रों के लिए दो-दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: स्थिर जल (सरोजल) के उदाहरण तालाब और झील हैं, जबकि बहते हुए जल (सरित) के उदाहरण नदियाँ और झरने हैं।
* वनस्पति के प्रकार का निर्धारण करने वाले भौतिक तथा भौगोलिक कारक कौन से हैं?
उत्तर: वर्षा, तापमान, उन्नयन (ऊंचाई), मृदा का प्रकार इत्यादि जैसे भौतिक तथा भौगोलिक कारक वनस्पति की प्रकृति का निर्धारण करते हैं।
* शीतोष्ण पतझड़ वन में पाए जाने वाले किन्हीं तीन वृक्षों के नाम बताइए।
उत्तर: बलूत, बीच, हीथ, चेस्टनट, भुर्ज और चीड़। (कोई तीन)
* भारतीय मरुस्थलों के चार मुख्य प्रकार कौन से हैं?
उत्तर: समतल, पर्वतीय, दलदली, और रेत के टीलों वाले मैदान।
* मरुस्थलीय जन्तुओं में ऊष्मा और शुष्क वातावरण से अनुकूलन के लिए कोई दो शारीरिक या व्यवहारिक लक्षण बताइए।
उत्तर: ये तेज दौड़ने वाले जीव होते हैं, या रात्रिचर स्वभाव के होते हैं, या गाढ़े (सान्द्र) मूत्र का उत्सर्जन करके जल को संरक्षित रखते हैं। (कोई दो)
* जलीय पारितंत्रों का वर्गीकरण किस आधार पर किया जाता है?
उत्तर: जलीय पारितंत्रों का वर्गीकरण लवणता के आधार पर दो प्रकार से किया जाता है: अलवण जलीय और समुद्री।
* मैंग्रोव वन तटीय पर्यावास के लिए किस प्रकार एक अवरोध का काम करते हैं?
उत्तर: मैंग्रोव वन चक्रवात तथा धरातल की ओर से आने वाली तेज हवाओं की गति को कम करके तटीय पर्यावास के लिए अवरोध का काम करते हैं।
* भारत में मैंग्रोव पारितंत्र कहाँ-कहाँ पाए जाते हैं?
उत्तर: भारत में मैंग्रोव पारितंत्र पूर्वी और पश्चिमी तटों तथा अण्डमान और निकोबार द्वीप समूहों तक फैले हुए हैं।
* ज्वारनदमुख समुद्री या अलवणजल पारितंत्र की अपेक्षा अधिक उत्पादनशील क्यों होते हैं?
उत्तर: ज्वारनदमुख में अलवण जल अथवा समुद्र जल की अपेक्षा अधिक पोषक तत्व पाए जाते हैं क्योंकि नदी अपने साथ उपजाऊ गाद और पोषक तत्व लाती है, इसलिए ये अधिक उत्पादनशील होते हैं।
* जैव विविधता हॉट स्पॉट क्या है?
उत्तर: हॉट स्पॉट वह क्षेत्र है जहाँ सर्वाधिक जैव विविधता, प्रजातियों की समृद्धि और स्थानिक प्रजातियाँ पायी जाती हैं, और यह मानवीय हस्तक्षेप के कारण संकटापन्न हो चुका होता है।
3. लघु उत्तरात्मक प्रश्न (5 प्रश्न)
इन प्रश्नों का उत्तर 3-5 वाक्यों में देना चाहिए।
* उष्णकटिबंधीय वर्षा वन की जलवायु और जैव विविधता का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर: उष्णकटिबंधीय वर्षा वन उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं जहाँ अत्यधिक तापमान और आर्द्रता होती है तथा प्रतिवर्ष 200 सेमी से अधिक वर्षा होती है। मृदा ड्यूमस से परिपूर्ण होती है। इन वनों में अत्यधिक जैव विविधता पाई जाती है। यहाँ वृक्ष 50-60 मीटर तक लम्बे होते हैं और अधिपादप जैसे लताएं, क्रीपर, आर्किड इत्यादि भी पाए जाते हैं।
* जलीय पारितंत्रों में प्रकाश का क्या प्रभाव पड़ता है और जलीय पौधे प्रकाश संश्लेषण के लिए क्या उपयोग करते हैं?
उत्तर: अलवणजलीय पारितंत्रों पर प्रकाश का गहरा प्रभाव पड़ता है। जल में निलंबित पदार्थों की बड़ी संख्या प्रकाश के भेदन को अवरुद्ध कर देती है। जलीय पौधे प्रकाश संश्लेषण के लिए जल में घुलनशील कार्बनडाई ऑक्साइड का उपयोग करते हैं। प्रकाश का भेदन झील के तीन विभेदित क्षेत्रों—वेलांचली मंडल, मुक्त जल और नितलीय क्षेत्र—में जीव समुदाय को प्रभावित करता है।
* पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट के मध्य दो मुख्य अंतर लिखिए।
उत्तर:
| विशेषता | पश्चिमी घाट | पूर्वी घाट |
| :--- | :--- | :--- |
| फैलाव | उत्तर में ताप्ती नदी से कन्याकुमारी तक भारतीय प्रायद्वीप के पश्चिमी तट के समानांतर एक सतत श्रृंखला। | महानदी, गोदावरी तथा कृष्णा जैसी बड़ी नदियों द्वारा काटे जाने के कारण असतत समुच्चय। |
| वर्षा | अधिक वर्षा (100 से 500 सेमी तक) होती है। | कम वर्षा (60 से 160 सेमी तक) होती है, जलवायु अर्द्धशुष्क से आर्द्र तक। |
| महत्व | संसार के 25 हॉट स्पॉट में से एक है; अत्यधिक समृद्ध जैविक संसाधन। | जैव विविधता का संरक्षण एक बड़ा मुद्दा है, मानवीय क्रियाकलापों से प्रभावित। |
* ईकोटोन (Ecotone) की किन्हीं तीन मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
* मध्यवर्ती परिस्थितियाँ: इनमें निकटवर्ती पारितंत्रों की मध्यवर्ती परिस्थितियाँ होती हैं, अतः ईकोटोन एक तनाव का क्षेत्र (Stress Zone) है।
* क्रमिक वृद्धि/ह्रास: यह एक रैखिक क्षेत्र है जो निकटवर्ती समुदाय से आने वाले एक समुदाय के प्रजातीय संगठन में क्रमिक वृद्धि तथा निकटवर्ती समुदाय में जाने वाली अन्य प्रजाति में समकालिक ह्रास को दर्शाता है।
* कोर प्रभाव: एक सुविकसित ईकोटोन में कुछ ऐसे जीव होते हैं जो निकटवर्ती समुदायों के जीवों से पूर्णरूप से भिन्न होते हैं। कभी-कभी इस क्षेत्र में कुछ प्रजातियों की संख्या और जनसंख्या घनत्व अन्य समुदायों की अपेक्षा बहुत अधिक होती है, जिसे कोर प्रभाव कहते हैं।
* प्राकृतिक पारितंत्रों के संरक्षण की आवश्यकता और इसके लिए कोई दो विधियाँ संक्षेप में बताइए।
उत्तर: प्राकृतिक पारितंत्रों के संरक्षण की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि मानव द्वारा दुरुपयोग और बढ़ती हुई लालच के कारण जैव विविधता के सामने संकट पैदा हो गया है। किसी भी प्राकृतिक पारितंत्र का विनाश पारिस्थितिक असंतुलन का कारण बन जाएगा। संरक्षण की विधियाँ:
* आवश्यकता कम करना और हस्तक्षेप न्यून करना: हमें अपनी आवश्यकताओं को कम करना चाहिए तथा प्राकृतिक पारितंत्रों में बाहरी प्रजातियों का प्रवेशन जैसे मानवीय हस्तक्षेप को कम से कम करना चाहिए।
* संरक्षित/आरक्षित क्षेत्र घोषित करना: कुछ क्षेत्रों को संरक्षित अथवा आरक्षित क्षेत्र घोषित करना चाहिए और इनके चारों तरफ उभयरोधी (बफर) या संक्रांतिक क्षेत्र बनाना चाहिए।
4. निबंधात्मक प्रश्न (5 प्रश्न)
इन प्रश्नों का उत्तर विस्तृत रूप में (लगभग 8-10 वाक्यों या उससे अधिक) देना चाहिए।
* स्थलीय पारितंत्र के रूप में वनों के विभिन्न प्रकारों (उष्णकटिबंधीय वर्षा वन, शीतोष्ण पतझड़ वन, और बोरियल शंकुधारी वन) का वितरण और मुख्य विशेषताओं के आधार पर तुलनात्मक वर्णन कीजिए।
* मरुस्थलीय पादप और जन्तु स्वयं को उष्ण और शुष्क परिस्थितियों के अनुकूलित कैसे करते हैं? पादप और जन्तु दोनों के लिए अनुकूलन की प्रमुख विधियों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
* ज्वारनदमुख (Estuaries) को परिभाषित कीजिए और इसके अत्यधिक उत्पादकशील पारितंत्र होने के कारणों की व्याख्या कीजिए। मैंग्रोव वन किस प्रकार ज्वारनदमुख पारितंत्र को लाभ पहुँचाते हैं?
* भारत के प्रमुख स्थलीय पारितंत्रों—वन (कम से कम तीन प्रकार), घास के मैदान और मरुस्थल—का उनके वितरण और विशिष्ट पादप एवं प्राणिजात के साथ वर्णन कीजिए।
* संकटापन्न पारितंत्रों (Endangered Ecosystems) से आप क्या समझते हैं? मैंग्रोव वन और द्वीप समूह किस प्रकार संकटापन्न पारितंत्र हैं? इनके विनाश के लिए उत्तरदायी प्राकृतिक और मानवीय दोनों प्रकार के खतरों को सूचीबद्ध कीजिए।
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